{"_id":"6a3aebabed09a41d4507df86","slug":"standards-sidelined-authorities-serve-notices-to-hospitals-and-then-forget-about-the-matter-bareilly-news-c-4-bly1053-911163-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: मानक दरकिनार, अस्पतालों को नोटिस थमाकर भूल जाते हैं जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: मानक दरकिनार, अस्पतालों को नोटिस थमाकर भूल जाते हैं जिम्मेदार
विज्ञापन
बरेली। नियमों को दरकिनार कर झोलाछापों की दुकान चल रही है और मानकों की अनदेखी कर निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। देश में कहीं भी अग्निकांड के बाद शासन की चेतावनी के बाद जिम्मेदार जागते हैं। कुछ सील तो कइयों को नोटिस थमाकर भूल जाते हैं।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 477 अस्पताल पंजीकृत हैं। इन्होंने आवेदन में सभी मानक पूरे होने का दावा किया है। इसमें 57 अस्पताल 50 बेड से अधिक और 420 अस्पताल 50 से कम बेड वाले हैं। अफसरों का दावा है कि अप्रैल से अब तक अवैध अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी लैब, झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया गया।
बिना पंजीकरण चल रहे 11 संस्थानों को सील किया। छह पर रिपोर्ट कराई गई है। हाल ही में पीलीभीत बाइपास रोड स्थित केजीएन हॉस्पिटल के बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर, एनआईसीयू संचालन पर इन्हें सील किया गया।
विज्ञापन
डोहरा रोड स्थित गुरु जी चैरिटेबल हॉस्पिटल सील कर रिपोर्ट कराई है। बहेड़ी का लाइफ लाइन अस्पताल, रामनगर स्थित सूरज पाल क्लीनिक, बहेड़ी की नईम क्लीनिक सील कर रिपोर्ट कराई है। भरत, मिलन अल्ट्रासाउंड सेंटर, ताजुश्शरिया, रिलाएबल, मानस, जीके पैथलैब सील की है।
लापरवाही बरतने में ट्राॅमा लिखे अस्पताल भी शामिल
बताते हैं कि मानकों की सबसे ज्यादा अनदेखी शहर के बाहरी हिस्सों और गांव से सटे अस्पतालों में हो रही है। यहां अग्निशमन की व्यवस्था तक नहीं है। विभाग में कोई ट्राॅमा सेंटर पंजीकृत नहीं है, लेकिन अस्पताल स्वघोषित ट्राॅमा लिखकर मानक की अनदेखी कर रहे हैं।
आयुष्मान मरीजों से वसूली करने वालों को नोटिस
आयुष्मान के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों से वसूली की शिकायतों पर विभागीय टीम ने कई अस्पतालों को नोटिस थमाया। इसमें फैज अस्पताल, चंद्रकांती अस्पताल, अलहिंद अस्पताल, आला हजरत अस्पताल, डॉ. एमखान अस्पताल, साईं अस्पताल, वंश अस्पताल शामिल रहे। बताते हैं कि अस्पताल संचालकों ने जवाब भेजकर खामियां दूर करने का दावा किया। अधिकारियों ने उन्हें हिदायत देकर अभयदान दे दिया।
वर्जन
निरीक्षण में खामियां मिलने पर जिन अस्पतालों को नोटिस दिए थे, उन्होंने जवाब भेजे हैं। दोबारा निरीक्षण में खामी मिली तो नोडल एजेंसी साचीज से कार्रवाई की संस्तुति होगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अवैध अस्पताल, पैथलैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई हो रही है। बिना पंजीकरण, नियमों के विपरीत संचालन पर कार्रवाई जारी रहेगी। - डॉ. अमित कुमार, नोडल अधिकारी, निजी अस्पताल एवं झोलाछाप नियंत्रण सेल
बिना फायर एनओसी चल रहे 27 निजी अस्पताल
अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र में चल रहे 27 निजी अस्पताल के पास एनओसी नहीं है। यहां अग्निशमन के मानक के अनुसार उपकरण भी नहीं हैं। संबंधित सूची विभाग ने सीएमओ को भी भेजकर एनओसी मुहैया कराने के लिए कहा है। नोडल अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवा संबंधी जांच पड़ताल करता है। एनओसी के मामले पर संबंधित विभाग कार्रवाई करते हैं।
विज्ञापन
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 477 अस्पताल पंजीकृत हैं। इन्होंने आवेदन में सभी मानक पूरे होने का दावा किया है। इसमें 57 अस्पताल 50 बेड से अधिक और 420 अस्पताल 50 से कम बेड वाले हैं। अफसरों का दावा है कि अप्रैल से अब तक अवैध अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी लैब, झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया गया।
विज्ञापन
बिना पंजीकरण चल रहे 11 संस्थानों को सील किया। छह पर रिपोर्ट कराई गई है। हाल ही में पीलीभीत बाइपास रोड स्थित केजीएन हॉस्पिटल के बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर, एनआईसीयू संचालन पर इन्हें सील किया गया।
विज्ञापन
डोहरा रोड स्थित गुरु जी चैरिटेबल हॉस्पिटल सील कर रिपोर्ट कराई है। बहेड़ी का लाइफ लाइन अस्पताल, रामनगर स्थित सूरज पाल क्लीनिक, बहेड़ी की नईम क्लीनिक सील कर रिपोर्ट कराई है। भरत, मिलन अल्ट्रासाउंड सेंटर, ताजुश्शरिया, रिलाएबल, मानस, जीके पैथलैब सील की है।
लापरवाही बरतने में ट्राॅमा लिखे अस्पताल भी शामिल
बताते हैं कि मानकों की सबसे ज्यादा अनदेखी शहर के बाहरी हिस्सों और गांव से सटे अस्पतालों में हो रही है। यहां अग्निशमन की व्यवस्था तक नहीं है। विभाग में कोई ट्राॅमा सेंटर पंजीकृत नहीं है, लेकिन अस्पताल स्वघोषित ट्राॅमा लिखकर मानक की अनदेखी कर रहे हैं।
आयुष्मान मरीजों से वसूली करने वालों को नोटिस
आयुष्मान के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों से वसूली की शिकायतों पर विभागीय टीम ने कई अस्पतालों को नोटिस थमाया। इसमें फैज अस्पताल, चंद्रकांती अस्पताल, अलहिंद अस्पताल, आला हजरत अस्पताल, डॉ. एमखान अस्पताल, साईं अस्पताल, वंश अस्पताल शामिल रहे। बताते हैं कि अस्पताल संचालकों ने जवाब भेजकर खामियां दूर करने का दावा किया। अधिकारियों ने उन्हें हिदायत देकर अभयदान दे दिया।
वर्जन
निरीक्षण में खामियां मिलने पर जिन अस्पतालों को नोटिस दिए थे, उन्होंने जवाब भेजे हैं। दोबारा निरीक्षण में खामी मिली तो नोडल एजेंसी साचीज से कार्रवाई की संस्तुति होगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अवैध अस्पताल, पैथलैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई हो रही है। बिना पंजीकरण, नियमों के विपरीत संचालन पर कार्रवाई जारी रहेगी। - डॉ. अमित कुमार, नोडल अधिकारी, निजी अस्पताल एवं झोलाछाप नियंत्रण सेल
बिना फायर एनओसी चल रहे 27 निजी अस्पताल
अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र में चल रहे 27 निजी अस्पताल के पास एनओसी नहीं है। यहां अग्निशमन के मानक के अनुसार उपकरण भी नहीं हैं। संबंधित सूची विभाग ने सीएमओ को भी भेजकर एनओसी मुहैया कराने के लिए कहा है। नोडल अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवा संबंधी जांच पड़ताल करता है। एनओसी के मामले पर संबंधित विभाग कार्रवाई करते हैं।