{"_id":"6a67bff34db185cc280b6337","slug":"stalled-smart-city-projects-to-resume-soon-handed-over-to-the-municipal-corporation-bareilly-news-c-4-bly1015-933739-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: स्मार्ट सिटी के बंद प्रोजेक्ट जल्द होंगे शुरू, नगर निगम को किए गए हैंडओवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: स्मार्ट सिटी के बंद प्रोजेक्ट जल्द होंगे शुरू, नगर निगम को किए गए हैंडओवर
Tue, 28 Jul 2026 02:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
बरेली। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से तैयार कई प्रमुख प्रोजेक्ट अब जल्द ही शुरू होंगे। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इन प्रोजेक्टों को नगर निगम को सौंप दिया है। ये प्रोजेक्ट लगभग दो साल से बंद पड़े थे।
इनमें पंडित दीनदयाल पॉन्ड, स्काई वॉक, मल्टीलेवल कार पार्किंग, कॉमर्शियल भवन और फुट ओवरब्रिज शामिल हैं। संचालन की ठोस व्यवस्था न होने के कारण ये आम जनता के लिए अछूते थे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि निगम ने इन जन-सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी ली है। सभी परियोजनाओं का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। निजी एजेंसियों के चयन के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित एजेंसियां अनुबंध शर्तों पर संचालन और रखरखाव संभालेंगी, जबकि निगरानी निगम के पास रहेगी। इनसे शहरवासियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, पार्किंग समस्या कम होगी और पैदल यात्रियों को स्काई वॉक व ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कॉमर्शियल भवनों और पार्किंग स्थलों से निगम को नियमित राजस्व भी प्राप्त होगा।
पीपीपी मॉडल से होगा संचालन
नगर निगम ने इन परियोजनाओं के सुचारु संचालन के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया है। इसके तहत निजी एजेंसियां तयशुदा अनुबंध शर्तों पर संचालन और रखरखाव करेंगी। निगम की जिम्मेदारी संपूर्ण निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। यह कदम शहर को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा और पार्किंग की गंभीर समस्या का समाधान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें पंडित दीनदयाल पॉन्ड, स्काई वॉक, मल्टीलेवल कार पार्किंग, कॉमर्शियल भवन और फुट ओवरब्रिज शामिल हैं। संचालन की ठोस व्यवस्था न होने के कारण ये आम जनता के लिए अछूते थे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि निगम ने इन जन-सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी ली है। सभी परियोजनाओं का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। निजी एजेंसियों के चयन के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित एजेंसियां अनुबंध शर्तों पर संचालन और रखरखाव संभालेंगी, जबकि निगरानी निगम के पास रहेगी। इनसे शहरवासियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, पार्किंग समस्या कम होगी और पैदल यात्रियों को स्काई वॉक व ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कॉमर्शियल भवनों और पार्किंग स्थलों से निगम को नियमित राजस्व भी प्राप्त होगा।
विज्ञापन
पीपीपी मॉडल से होगा संचालन
नगर निगम ने इन परियोजनाओं के सुचारु संचालन के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया है। इसके तहत निजी एजेंसियां तयशुदा अनुबंध शर्तों पर संचालन और रखरखाव करेंगी। निगम की जिम्मेदारी संपूर्ण निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। यह कदम शहर को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा और पार्किंग की गंभीर समस्या का समाधान करेगा।
विज्ञापन