Bareilly: एसएसपी ने पांच दरोगा समेत 64 पुलिसकर्मियों पर कसा शिकंजा, थानों में मलाई काट रहे स्टाफ में बेचैनी
पांच दरोगा सहित ऐसे 64 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए पुलिस लाइन रवाना करने का आदेश दिया है। इसके अनुपालन में लापरवाही पर संबंधित थानेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बरेली में थानेदारों की निजी एसओजी के रूप में काम कर रहे और बेअंदाज पुलिसकर्मियों पर एसएसपी ने नकेल कस दी है। महीने भर इनकी गतिविधियों का पता लगाने के बाद इन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए पुलिस लाइन भेजा है। प्रशिक्षण की अवधि तय नहीं है, इनको रोज दिए जाने वाले काम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने विशेष टीम लगाकर जानकारी कराई कि थानों में गड़बड़ी किस स्तर पर हो रही है। पता लगा कि कुछ दरोगा, दीवान और सिपाही इंस्पेक्टरों के इतने चहेते हैं कि उन्हें हर जगह काम करने की छूट है। कई उगाही में व्यस्त हैं तो कई पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। थानेदार उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
पांच दरोगा सहित ऐसे 64 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए पुलिस लाइन रवाना करने का आदेश दिया है। इसके अनुपालन में लापरवाही पर संबंधित थानेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लाइन हाजिर कर दो साहब, प्रशिक्षण से कटवा दो नाम
प्रशिक्षण की अवधि तय न होने के साथ ही इसमें परेड व अन्य विभागीय काम लिए जाएंगे। इन पुलिसकर्मियों की दिनचर्या पर निगरानी व काम की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश आरआई को दिए गए हैं। इससे थानों में मलाई काट रहे स्टाफ में बेचैनी है। घबराया हुआ एक पुलिसकर्मी अपनी पत्नी के साथ एडीजी दफ्तर पहुंचा। उसने पीआरओ गीतेश कपिल से अनुरोध किया कि उसे साहब से मिलवा दें।
कहा कि चाहें तो उसे लाइन हाजिर कर दिया जाए पर प्रशिक्षण से नाम कटवा दिया जाए। पीआरओ ने उसे मुलाकात करने के लिए कप्तान से अनुमति लाने व वर्दी में आने को कहा। पुलिसकर्मी ने एक मंत्री को अपना खास रिश्तेदार भी बताया पर मुलाकात न हो सकी।
अशरफ के मददगार से वसूली के आरोपी दरोगा-सिपाही भी फंसे
जेल में बंद अशरफ से मुलाकात करने और उसके साले सद्दाम से दोस्ती के मामले में फहद नाम के गुर्गे को जेल भेजा गया था। आरोप है कि एसआईटी की कार्रवाई से पहले इज्जतनगर थाने के दरोगा सचिन शर्मा और सिपाही अंकित चौधरी ने उसे पकड़ लिया था। इन लोगों पर 25 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ने का आरोप लगा, जिसकी जांच भी शुरू हुई। अब इन दोनों को भी खास प्रशिक्षण में तलब किया गया है।12 दरोगा व 176 पुलिसवालों को मिला काम
एसएसपी ने पुलिस लाइन में आराम फरमा रहे 12 दरोगा समेत 176 सिपाही व हेड कांस्टेबल को काम सौंपा है। इन सभी को अलग-अलग थानों में जिम्मेदारी दी गई है। कुछ दरोगा चौकी प्रभारी भी बनाए गए हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस लाइन में प्रशिक्षण कोई सजा नहीं है। इस दौरान कर्मचारी पुलिसिंग के नए तौर-तरीके सीखेंगे और शारीरिक रूप से ज्यादा फिट होकर आगे विभाग के लिए बेहतर काम कर सकेंगे। इनके बाद अन्य पुलिसकर्मियों को भी मौका दिया जाएगा।