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कामयाब होने पर नहीं खिलाड़ियों को पहले मिलनी चाहिए सुविधाएं
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बरेली। चीन, ताइवान और कजाकिस्तान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली जूडो खिलाड़ी सहारनपुर की प्रीति का कहना है कि खिलाड़ी को कामयाब के बाद नहीं बल्कि पहले सुविधाएं मिलनी चाहिए।
शुक्रवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जूडो प्रतियोगिता में प्रीति ने 48 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि जब खेलना शुरू किया तो कॉलेज में प्रशिक्षकों की सुविधा नहीं थी। बाहर के कोच की मदद से स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल तक पहुंची पाईं। प्रीति ने 2012 में चीन में ब्राउंज, कजाकिस्तान में 2017 में ब्राउंज मेडल जीता। ताइवान में उनकी झोली में मेडल नहीं आ पाया। प्रतियोगिता में आए खिलाड़ियों को देखकर प्रीति ने कहा कि इसमें तमाम खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनको बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। अगर इनको सुविधाएं मिले तो इनमें से ही कई बेहतरीन खिलाड़ी बन सकती हैं। बरेली, लखनऊ, कानपुर की तुलना में मुरादाबाद मंडल में जूडो के खिलाड़ियों के लिए अच्छा माहौल बताया। विजेता के रूप में मिली एक हजार की रकम को नाकाफी बताया। कहा, प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में मिलने वाला पुरस्कार भी उसी स्तर का होना चाहिए। ब्यूरो
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शुक्रवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जूडो प्रतियोगिता में प्रीति ने 48 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि जब खेलना शुरू किया तो कॉलेज में प्रशिक्षकों की सुविधा नहीं थी। बाहर के कोच की मदद से स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल तक पहुंची पाईं। प्रीति ने 2012 में चीन में ब्राउंज, कजाकिस्तान में 2017 में ब्राउंज मेडल जीता। ताइवान में उनकी झोली में मेडल नहीं आ पाया। प्रतियोगिता में आए खिलाड़ियों को देखकर प्रीति ने कहा कि इसमें तमाम खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनको बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। अगर इनको सुविधाएं मिले तो इनमें से ही कई बेहतरीन खिलाड़ी बन सकती हैं। बरेली, लखनऊ, कानपुर की तुलना में मुरादाबाद मंडल में जूडो के खिलाड़ियों के लिए अच्छा माहौल बताया। विजेता के रूप में मिली एक हजार की रकम को नाकाफी बताया। कहा, प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में मिलने वाला पुरस्कार भी उसी स्तर का होना चाहिए। ब्यूरो
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