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राजेंद्रनगर में एसपी सिटी की जिद.. घर से क्यों निकले, अब वापस नहीं जाने देंगे
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एसपी सिटी से उलझते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अचानक दिखाई सख्ती, अस्पताल जाते मरीजों के तीमारदारों को भी रोका, डॉक्टरों से हुई तीखी नोकझोंक
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लोगों ने एसएसपी से की शिकायत तो खोला रास्ता
बरेली। वैसे तो राजेंद्रनगर 25 दिन पहले ही कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया था लेकिन एसपी सिटी की अगुवाई में बुधवार को पुलिस ने यहां जिस कदर सख्ती दिखाई, उससे लोग उबल पड़े। एसपी सिटी के निर्देश पर बैरियर बंद कराकर डीडीपुरम और मॉडल रोड पर एकाएक आवाजाही बंद करने से आम लोगों के साथ अस्पताल जा रहे तमाम तीमारदार, डॉक्टर और शिक्षक भी फंस गए। डॉक्टरों और तीमारदारों ने मजबूरी बताई फिर भी जिद पर अड़े एसपी सिटी नहीं माने तो तीखी नोकझोंक भी हुई। आखिरकार लोगों ने एसएसपी और दूसरे उच्चाधिकारियों से शिकायत की। ऊपर से फटकार पड़ी तो एसपी सिटी के तेवर ठंडे पड़े और घंटों रास्ते में अटके लोगों का रास्ता खुला।
राजेंद्रनगर को 25 दिन पहले क्लस्टर जोन का कंटेन्मेंट एरिया घोषित कर बाजार बंद करा दिया गया था। अस्पतालों के साथ दूसरी आवश्यक सेवाओं को पाबंदियों से बाहर रखा गया था। जरूरी आवाजाही के लिए सिर्फ आईवीआरआई साइड का रास्ता खुला छोड़ा गया था। मॉडल रोड पर भी सिर्फ एक साइडलेन खोलकर लोगों को निकाला जा रहा है। इन पाबंदियों से इस इलाके के लोग पहले ही मुश्किलें झेल रहे थे, बुधवार को एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने हद पार कर दी। अचानक अपने दस्ते के साथ पहुंचे एसपी सिटी ने बैरियर पूरी तरह बंद कराकर डीडीपुरम और मॉडल रोड के इंट्रेंस पर लोगों को जहां का तहां रोक दिया। कुछ ही देर में काफी तादाद में यहां तमाम डॉक्टर, अस्पतालों को जाते या लौटते तीमारदार और शिक्षकों समेत ऐसे कामकाजी लोग फंस गए जो ड्यूटी करके घर लौट रहे थे। गाड़ियों की भी लंबी कतारें लग गईं।
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लोगों ने एसपी सिटी से गुहार लगाई कि कम से कम उन्हें घर तो जाने दिया जाए। तीमारदार भी मजबूरी का हवाला देकर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन एसपी सिटी इस जिद पर अड़े रहे कि वह किसी को इधर से उधर नहीं जाने देंगे। उल्टे उन्होंने कहा कि कंटेन्मेंट जोन में वह किसी को नहीं जाने देंगे, इसके लिए उन्हें उच्चाधिकारियों से निर्देश मिला है। उनके जवाब पर भड़के लोगों ने कहा कि वे कहीं खरीददारी या हवाखोरी करने नहीं जा रहे हैं। अंदर कोई मार्केट भी नहीं खुला है। शासनादेश है कि जिनके घर कंटेन्मेंट जोन में हैं या जो अस्पताल आ-जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा लेकिन एसपी सिटी ने फिर भी उनका रास्ता खोलने से साफ इनकार कर दिया। डॉक्टरों और कुछ लोगों से उनकी तीखी नोंकझोंक भी हो गई।
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कई लोगों ने उनके अड़ियल रुख पर उन्हें खरीखोटी सुनाने के साथ उच्चाधिकारियों को कॉल करनी शुरू कर दी। कई डॉक्टरों के भी फोन एसएसपी शैलेश पांडेय के पास पहुंचे तो उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों, बीमारों और जरूरी कामों से निकले लोगों को जाने दिया जाए। इसके बाद एसपी सिटी तो मौके से निकल लिए और फिर पुलिस ने रास्ता खोल दिया। इससे पहले सीओ सिटी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे।
महिलाओं को भी नहीं बख्शा, गुस्साए लोगों ने फोन करके पार्षद को बुलाया, टस से मस नहीं हुए एसपी
बैरियर पर फंसे लोग काफी देर वहां खड़े कसमसाते रहे फिर उन्होंने स्थानीय पार्षदों को भी फोन पर एसपी सिटी की जिद से खड़ी हुई परेशानी के बारे में बताना शुरू कर दिया। यहां पहुंचे पार्षद विकास शर्मा के साथ कई डॉक्टरों ने भी पुलिस से बैरियर खोलने को कहा पर एसपी सिटी के आदेश के बिना बैरियर खोलने से उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ डॉक्टरों की एसपी सिटी से तकरार हुई। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें ऑन कॉल पेशेंट देखने जाना था लेकिन एसपी सिटी ने इस बात को भी नजरअंदाज कर दिया। इस भीड़ में कई महिलाएं भी परेशान खड़ी रहीं। महिलाओं ने एसपी सिटी की काफी खुशामद की लेकिन वह नहीं माने। पार्षद विकास शर्मा ने कहा कि पुलिस का यह रवैया आश्चर्यजनक है। पूरा घटनाक्रम इस तरह का था जैसे जानबूझकर पब्लिक को परेशान किया गया हो।
रात को करनी पड़ी चेकिंग तभी से था मूड खराब
अयोध्या में भूमि पूजन के कार्यक्रम के दृष्टिगत रात तीन बजे तक एसएसपी शैलेश पांडेय ने खुद शहर में चेकिंग की, इसके बाद एसपी सिटी को सुबह आठ बजे तक चेकिंग करने का निर्देश दिया गया था। बताया जाता है कि रात में चेकिंग के लिए निकलने की मजबूरी ने ही एसपी सिटी का मूड खराब कर दिया। रात में चेकिंग के दौरान भी उन्होंने आम लोगों से बदसलूकी की। बता दें कि कुछ समय पहले अपने व्हाट्सएप पर शिकायतें करने वाले लोगों के लिए डिस्टर्ब न करने का स्टेटस लगाकर एसपी सिटी चर्चा में आए थे। अफसरों ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी थी लेकिन तभी से उनके बारे में पुलिस महकमे में यह भी चर्चा शुरू हो गई थी कि वह पुलिस की नौकरी के बावजूद अपने रुटीन में ज्यादा खलल नहीं चाहते हैं।
राजेंद्रनगर में ज्यादा आवाजाही से केस बढ़ रहे हैं। आवागमन रोका गया तो लोगों को समस्या हुई। शिकायत पर जरूरी आवागमन शुरू कर दिया गया है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
राजेंद्रनगर और प्रेमनगर इलाके में डेढ़ सौ कोरोना केस मिल चुके हैं। वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए ही आवाजाही रोकी गई थी। लोग छोटे-छोटे काम से बिना खास वजह अंदर बाहर जा रहे हैं। मैंने साफ कहा है कि यहां आवागमन पूरी तरह रोका जाएगा। केवल अस्पतालों की सेवाएं जारी रहेंगी। - रविंद्र कुमार, एसपी सिटी
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लोगों ने एसएसपी से की शिकायत तो खोला रास्ता बरेली। वैसे तो राजेंद्रनगर 25 दिन पहले ही कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया था लेकिन एसपी सिटी की अगुवाई में बुधवार को पुलिस ने यहां जिस कदर सख्ती दिखाई, उससे लोग उबल पड़े। एसपी सिटी के निर्देश पर बैरियर बंद कराकर डीडीपुरम और मॉडल रोड पर एकाएक आवाजाही बंद करने से आम लोगों के साथ अस्पताल जा रहे तमाम तीमारदार, डॉक्टर और शिक्षक भी फंस गए। डॉक्टरों और तीमारदारों ने मजबूरी बताई फिर भी जिद पर अड़े एसपी सिटी नहीं माने तो तीखी नोकझोंक भी हुई। आखिरकार लोगों ने एसएसपी और दूसरे उच्चाधिकारियों से शिकायत की। ऊपर से फटकार पड़ी तो एसपी सिटी के तेवर ठंडे पड़े और घंटों रास्ते में अटके लोगों का रास्ता खुला।
राजेंद्रनगर को 25 दिन पहले क्लस्टर जोन का कंटेन्मेंट एरिया घोषित कर बाजार बंद करा दिया गया था। अस्पतालों के साथ दूसरी आवश्यक सेवाओं को पाबंदियों से बाहर रखा गया था। जरूरी आवाजाही के लिए सिर्फ आईवीआरआई साइड का रास्ता खुला छोड़ा गया था। मॉडल रोड पर भी सिर्फ एक साइडलेन खोलकर लोगों को निकाला जा रहा है। इन पाबंदियों से इस इलाके के लोग पहले ही मुश्किलें झेल रहे थे, बुधवार को एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने हद पार कर दी। अचानक अपने दस्ते के साथ पहुंचे एसपी सिटी ने बैरियर पूरी तरह बंद कराकर डीडीपुरम और मॉडल रोड के इंट्रेंस पर लोगों को जहां का तहां रोक दिया। कुछ ही देर में काफी तादाद में यहां तमाम डॉक्टर, अस्पतालों को जाते या लौटते तीमारदार और शिक्षकों समेत ऐसे कामकाजी लोग फंस गए जो ड्यूटी करके घर लौट रहे थे। गाड़ियों की भी लंबी कतारें लग गईं।
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लोगों ने एसपी सिटी से गुहार लगाई कि कम से कम उन्हें घर तो जाने दिया जाए। तीमारदार भी मजबूरी का हवाला देकर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन एसपी सिटी इस जिद पर अड़े रहे कि वह किसी को इधर से उधर नहीं जाने देंगे। उल्टे उन्होंने कहा कि कंटेन्मेंट जोन में वह किसी को नहीं जाने देंगे, इसके लिए उन्हें उच्चाधिकारियों से निर्देश मिला है। उनके जवाब पर भड़के लोगों ने कहा कि वे कहीं खरीददारी या हवाखोरी करने नहीं जा रहे हैं। अंदर कोई मार्केट भी नहीं खुला है। शासनादेश है कि जिनके घर कंटेन्मेंट जोन में हैं या जो अस्पताल आ-जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा लेकिन एसपी सिटी ने फिर भी उनका रास्ता खोलने से साफ इनकार कर दिया। डॉक्टरों और कुछ लोगों से उनकी तीखी नोंकझोंक भी हो गई।
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कई लोगों ने उनके अड़ियल रुख पर उन्हें खरीखोटी सुनाने के साथ उच्चाधिकारियों को कॉल करनी शुरू कर दी। कई डॉक्टरों के भी फोन एसएसपी शैलेश पांडेय के पास पहुंचे तो उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों, बीमारों और जरूरी कामों से निकले लोगों को जाने दिया जाए। इसके बाद एसपी सिटी तो मौके से निकल लिए और फिर पुलिस ने रास्ता खोल दिया। इससे पहले सीओ सिटी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे।
महिलाओं को भी नहीं बख्शा, गुस्साए लोगों ने फोन करके पार्षद को बुलाया, टस से मस नहीं हुए एसपी
बैरियर पर फंसे लोग काफी देर वहां खड़े कसमसाते रहे फिर उन्होंने स्थानीय पार्षदों को भी फोन पर एसपी सिटी की जिद से खड़ी हुई परेशानी के बारे में बताना शुरू कर दिया। यहां पहुंचे पार्षद विकास शर्मा के साथ कई डॉक्टरों ने भी पुलिस से बैरियर खोलने को कहा पर एसपी सिटी के आदेश के बिना बैरियर खोलने से उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ डॉक्टरों की एसपी सिटी से तकरार हुई। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें ऑन कॉल पेशेंट देखने जाना था लेकिन एसपी सिटी ने इस बात को भी नजरअंदाज कर दिया। इस भीड़ में कई महिलाएं भी परेशान खड़ी रहीं। महिलाओं ने एसपी सिटी की काफी खुशामद की लेकिन वह नहीं माने। पार्षद विकास शर्मा ने कहा कि पुलिस का यह रवैया आश्चर्यजनक है। पूरा घटनाक्रम इस तरह का था जैसे जानबूझकर पब्लिक को परेशान किया गया हो।रात को करनी पड़ी चेकिंग तभी से था मूड खराब
अयोध्या में भूमि पूजन के कार्यक्रम के दृष्टिगत रात तीन बजे तक एसएसपी शैलेश पांडेय ने खुद शहर में चेकिंग की, इसके बाद एसपी सिटी को सुबह आठ बजे तक चेकिंग करने का निर्देश दिया गया था। बताया जाता है कि रात में चेकिंग के लिए निकलने की मजबूरी ने ही एसपी सिटी का मूड खराब कर दिया। रात में चेकिंग के दौरान भी उन्होंने आम लोगों से बदसलूकी की। बता दें कि कुछ समय पहले अपने व्हाट्सएप पर शिकायतें करने वाले लोगों के लिए डिस्टर्ब न करने का स्टेटस लगाकर एसपी सिटी चर्चा में आए थे। अफसरों ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी थी लेकिन तभी से उनके बारे में पुलिस महकमे में यह भी चर्चा शुरू हो गई थी कि वह पुलिस की नौकरी के बावजूद अपने रुटीन में ज्यादा खलल नहीं चाहते हैं।राजेंद्रनगर में ज्यादा आवाजाही से केस बढ़ रहे हैं। आवागमन रोका गया तो लोगों को समस्या हुई। शिकायत पर जरूरी आवागमन शुरू कर दिया गया है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
राजेंद्रनगर और प्रेमनगर इलाके में डेढ़ सौ कोरोना केस मिल चुके हैं। वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए ही आवाजाही रोकी गई थी। लोग छोटे-छोटे काम से बिना खास वजह अंदर बाहर जा रहे हैं। मैंने साफ कहा है कि यहां आवागमन पूरी तरह रोका जाएगा। केवल अस्पतालों की सेवाएं जारी रहेंगी। - रविंद्र कुमार, एसपी सिटी