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कोर्ट ने बेटे को सुनाई उम्रकैद: मां से किया था पापी ने दुष्कर्म, पीड़िता बोली- गला दबाकर किया था बुरा काम

Sat, 21 Feb 2026 11:11 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: विकास कुमार Updated Sat, 21 Feb 2026 11:11 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन गवाहों के अलावा फॉरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ चीख-चीख कर गवाही दी। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि यह विरत से विरलतम अपराध है। सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बचती।

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Son convicted of misdeed with mother sentenced to life imprisonment
बेटे संग मां ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

यूपी की बरेली स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव तृतीय ने मां से दुष्कर्म में दोषी बेटे को आजीवन कारावास और 32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि अपराध विरलतम श्रेणी का है। छूट की कोई गुंजाइश नहीं। कोर्ट ने पीड़िता के लिए 20 हजार रुपये परिसीमा अपील के तहत प्रदान करने का आदेश भी दिया है।

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गला दबाकर गिराया फिर किया गलत काम
भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 10 अक्तूबर 2021 की रात वह अपने कमरे में सोई हुई थी। रात 11 बजे उसके बेटे ने दरबाजा खटखटाया और कहा कि उसे भूख लग रही है। उसने दरबाजा खोला तो बेटे ने गला दबाकर उसे जमीन पर गिरा लिया। जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ बुरा काम किया। बेटे ने उसे जान से कारने की कोशिश की, किसी तरह उसने भाकर जान बचाई। उसने अपने अन्य दो बेटों के लिए कॉल करके बताया। इसके बाद दोनों बेटों ने उसे पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द किया।

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सुनवाई के दौरान मां ने की बेटे को बचाने की कोशिश
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन गवाहों के अलावा फॉरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ चीख-चीख कर गवाही दी। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि यह विरत से विरलतम अपराध है। सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बचती। दोषी को सश्रम उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई जाती है।

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