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कुर्मी समाज में असंतोष: नेता बोले- बरेली में संतोष से है भाजपा, मेयर का इस्तीफा नहीं लिया तो भुगतना होगा अंजाम

Fri, 12 Apr 2024 12:08 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 12 Apr 2024 12:08 PM IST
सार

जिला पंचायत सदस्य नरेंद्रपाल गंगवार ने महापौर के बारे में कहा कि वह इस पद पर संतोष गंगवार की वजह से बैठे हैं। चेतावनी दी है कि अगर पांच दिन में महापौर का इस्तीफा नहीं लिया तो वह लोग अनशन करेंगे। 

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sissatisfaction in Kurmi community after viral recording of Mayor Umesh Gautam in Bareilly
भारत सेवा ट्रस्ट पर पत्रकार वार्ता करते कुर्मी समाज के नेता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के महापौर की कथित रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद भाजपाइयों की आपसी खींचतान सामने आ गई है। बृहस्पतिवार को सांसद संतोष गंगवार के कैंप कार्यालय भारत सेवा ट्रस्ट में पार्टी के कुर्मी बिरादरी के नेताओं ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने महापौर उमेश गौतम और बरेली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि बरेली में संतोष गंगवार ने भाजपा को खड़ा किया है। महापौर का इस्तीफा न हुआ तो पार्टी को अंजाम भुगतना पड़ेगा।

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'ब्राह्मणों का काम है शिक्षा देना और भिक्षा लेना'
भोजीपुरा वार्ड 23 से जिला पंचायत सदस्य नरेंद्रपाल गंगवार ने कहा कि रिकॉर्डिंग सुनने के बाद खून खौल रहा है। ब्राह्मणों का काम है शिक्षा देना और भिक्षा लेना। महापौर पर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है। 
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लॉटरी के टिकट ब्लैक करने का शिगूफा छेड़ा। कहा कि बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अब खुद को भाजपा का सच्चा सिपाही बता रहे हैं। भाजपा संतोष गंगवार की वजह से बरेली में है वर्ना यहां भाजपा का कोई अस्तित्व नहीं है। हमारी पहचान संतोष गंगवार से है, न कि भाजपा से।

अनशन करने की दी चेतावनी 
महापौर के बारे में कहा कि वह भी इस पद पर संतोष गंगवार की वजह से बैठे हैं। पांच दिन में महापौर का इस्तीफा नहीं लिया तो वह लोग अनशन करेंगे। जिन ब्राह्मणों ने महापौर के बयान पर ताली बजाई थी, उनका भी विरोध करते हैं। भाजपा प्रत्याशी ने भी इस बयान पर ताली बजाई थी, इसलिए उनके खिलाफ भी रोष है। 

सांसद समर्थक जितेंद्र गंगवार ने महापौर के बयान की आलोचना करते हुए छत्रपाल गंगवार पर भी निशाना साधा। कहा कि वर्ष 1991 में बैठक के दौरान एक वरिष्ठ नेता ने संतोष गंगवार को अपशब्द कहा था तो भी छत्रपाल ने विरोध नहीं किया था। 

टिकट कटने का दर्द आ रहा सामने 
संतोष गंगवार का टिकट कटने के बाद से ही पार्टी में अंदरखाने फूट पड़ गई थी। संतोष गंगवार के समर्थक पहले ही छत्रपाल को टिकट मिलने का विरोध कर रहे थे। महापौर की कथित रिकार्डिंग वायरल होने के बाद संतोष के समर्थक छत्रपाल के खिलाफ भी बोल रहे हैं। 

चर्चा है कि रिकॉर्डिंग तो बहाना है, संतोष गंगवार के समर्थक छत्रपाल को लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर हजम नहीं कर पा रहे हैं। कुर्मी और ब्राह्मणों में दूरी पैदा कर छत्रपाल को नुकसान पहुंचाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

निष्ठा पर सवाल खड़े कर रहा समर्थकों का बयान 
प्रेसवार्ता के दौरान एक जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि हमारे महोदय जिस पार्टी में जाएंगे, वहीं हमारी पहचान होगी। सूत्रों के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य ने ऐसा बयान किसी बड़े नेता के इशारे पर ही दिया है। उनके बयान को लेकर कई तरह की अफवाह है। संतोष खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बता रहे हैं पर उन्हीं के आवास पर इस तरह की गतिविधियां होने से लग रहा है कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है।

सोशल मीडिया पर भी बहस
घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी है। संतोष गंगवार के अपमान का बदला लेने के लिए पूर्व सांसद का फोटो लगाकर चुनाव बहिष्कार का बैनर तैयार किया गया है। संतोष समर्थक इस बैनर को फेसबुक और व्हाट्सएप पर पोस्ट कर रहे हैं। वहीं, बड़े नेता सबकुछ ठीक दिखाने का उपक्रम कर रहे हैं।

बयानबाजी से पूरे प्रदेश में होगा नुकसान : संतोष
जनता द्वारा चुने हुए और जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्ति कभी-कभी ऐसी बयानबाजी कर जाते हैं जिससे पूरे प्रदेश में भाजपा को नुकसान हो सकता है। हमें यह समझना चाहिए कि चुनाव के दौरान इस बात को बोलना उचित नहीं है। बोलने से पहले सोचें और समझें कि किस बारे में हम क्या बोल रहे हैं। वर्ग विशेष व व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी से बचना चाहिए। 

सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मेरी अपील है कि अगर किसी को कोई समस्या है तो मुझसे व्यक्तिगत मुलाकात कर सकता है। मैं उसका समाधान करूंगा और मेरी गलती है तो माफी भी मांग लूंगा। मेरा किसी से कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है। चुनावी मंचों और चौराहों पर इस तरह के आक्षेप लगाने से बचे रहेंगे तो बेहतर होगा। (मीरगंज के बूथ स्तरीय सम्मेलन में सांसद का बयान)
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