UP: बीएलओ सुपरवाइजर की ड्यूटी कर रहे शिक्षक की ब्रेन हैमरेज से मौत, बेटा बोला- एसआईआर कार्य के दबाव में गई जान
बरेली में एसआईआर के कार्य में लगे एक और शिक्षक की मौत हो गई। सोमवार रात ब्रेन हैमरेज से उनकी जान चली गई। उनके बेटे ने बताया कि पिता एसआईआर के काम को लेकर तनाव में थे। बता दें कि इनसे पूर्व शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
विस्तार
बरेली के कर्मचारी नगर, गली नंबर-5 निवासी एमबी इंटर कॉलेज के व्यवसायिक शिक्षक और बीएलओ सुपरवाइजर की ड्यूटी कर रहे अजय अग्रवाल (57) की सोमवार रात मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार अजय को ब्रेन हैमरेज हुआ था। सिटी स्कैन के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुत्र प्रखर अग्रवाल का आरोप है कि एसआईआर के काम के दबाव में पिता की मौत हुई है।
एमबी इंटर कॉलेज में अजय अग्रवाल व्यवसायिक शिक्षक के पद पर 30 वर्ष से कार्यरत थे। परिवार में उनकी पत्नी रानी अग्रवाल और बेटा प्रखर है। एसआईआर के काम के लिए उनकी ड्यूटी बीएलओ सुपरवाइजर के तौर पर सीबीगंज स्थित आईटीआई में लगी थी। प्रखर ने बताया कि पापा की-पैड वाला फोन चलाते थे। एसआईआर के काम के बारे में उन्हें न कुछ जानकारी थी और न खास प्रशिक्षण मिला। ऐसे में यह काम उनके लिए जी का जंजाल बन गया था।
यह भी पढ़ें- बरेली में बीएलओ की मौत: दो माह पहले कैंसर से शिक्षक की पत्नी की गई थी जान, दो जुड़वा बच्चे हुए बेसहारा
एसआईआर के काम से हटाने के लिए उन्होंने अफसरों से बात की, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। वह इन दिनों रोजाना सुबह 9 बजे घर से निकलते थे और रात में आने का कोई निश्चित समय नहीं था। प्रखर ने कहा कि सोमवार रात 10 बजे खाना खाने के दौरान पापा एसआईआर के काम के बारे में ही बात कर रहे थे। कह रहे थे कि यह काम बहुत मुश्किल है। लोगों को फोन करते हैं, लेकिन कोई फॉर्म जमा करने को तैयार नहीं है।
स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं थी
वह खाने के बाद सोने गए। थोड़ी देर बाद उनके कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजे से झांक कर देखे तो वह अचेत पड़े थे। आनन-फानन उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने ब्रेन हैमरेज बताया। सीटी स्कैन कराने के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रखर ने कहा कि उनके पिता को इससे पहले स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या नहीं थी। अचानक ब्रेन हैमरेज हम सभी की समझ से परे है। मंगलवार को अजय के शव की अंत्येष्टि सिटी श्मशान भूमि पर की गई, जहां डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार और कई शिक्षक मौजूद रहे।