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इकलौते डॉक्टर के सहारे चल रहा सरकारी अस्पताल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 29 Mar 2018 06:26 PM IST
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कस्बे में सीएचसी का एक दशक से अधिक समय से बना भवन चिकित्सक विहीन होने के कारण निष्प्रयोज्य बना हुआ था। विधायक केसर सिंह गंगवार ने अपने चुनावी वादे के मुताबिक विधायक बनने के बाद इसे चालू कराने का दावा किया था। इसके बाद विधायक श्री गंगवार ने यहां एक नहीं बल्कि तीन-तीन चिकित्सकों की तैनाती कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण की सुविधा के भी आदेश करा लिए लेकिन चिकित्सकों के मनमाने रवैये से यह अस्पताल अभी भी चिकित्सक विहीन ही है। एकमात्र चिकित्सक डा. चंद्रपाल सिंह ही रोगियों को देख रहे हैं। चिकित्सकों के साथ ही उपकरणों के अभाव के कारण अभी भी यहां मेडिकल की सुविधाएं जारी नहीं हो सकी हैं।
17 जनवरी को तैनाती होने के बाद से ही डा. इरफान अपना तबादला कराने में जुट गए और 26 जनवरी के बाद ही स्थानांतरण पर भी चले गए। इस बीच वह एक दिन भी अस्पताल नहीं आए। इसके साथ ही दो और चिकित्सकों डा. रिधीश सिंह व डा. संतोष राव की भी जनवरी के अंतिम सप्ताह में यहां तैनाती की गई लेकिन ये दोनों भी कभीकभार ही वहां पहुंचते हैं। डा. चंद्रपाल सिंह ने बताया कि वह अपने समकक्ष चिकित्सकों से कुछ कह नहीं सकते हैं, हां चिकित्सालय में सुधार के प्रयास कर रहे हैं। उपकरणों के अभाव के कारण यहां अभी तक मेडिकल की सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं।
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17 जनवरी को तैनाती होने के बाद से ही डा. इरफान अपना तबादला कराने में जुट गए और 26 जनवरी के बाद ही स्थानांतरण पर भी चले गए। इस बीच वह एक दिन भी अस्पताल नहीं आए। इसके साथ ही दो और चिकित्सकों डा. रिधीश सिंह व डा. संतोष राव की भी जनवरी के अंतिम सप्ताह में यहां तैनाती की गई लेकिन ये दोनों भी कभीकभार ही वहां पहुंचते हैं। डा. चंद्रपाल सिंह ने बताया कि वह अपने समकक्ष चिकित्सकों से कुछ कह नहीं सकते हैं, हां चिकित्सालय में सुधार के प्रयास कर रहे हैं। उपकरणों के अभाव के कारण यहां अभी तक मेडिकल की सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं।
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