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शासन की अनुमति पर ही जंक्शन से चलेगी श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन
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- फोटो : amar ujala
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कम यात्री हुए तो दिल्ली से खाली आएगा कोच, अन्यथा यहीं से बनकर चलेगी ट्रेन
बरेली। रेलवे की श्रमिक स्पेशल ट्रेन से शहर में फंसे स्टूडेंट्स, तीर्थ यात्री, पर्यटकों और श्रमिकों ने भी राहत की सांस ली है। यह विशेष ट्रेन शासन-प्रशासन की अनुमति से जंक्शन से चलाई जाएगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को पहले यात्रियों की सूची लखनऊ भेजनी होगी। वहां से रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद ही जंक्शन से ट्रेन चलाई जा सकेगी। अगर यहां यात्रियों की संख्या कम हुई तो दिल्ली से ही एक कोच खाली लगकर आएगा।
दिल्ली और एनसीआर में फंसे श्रमिकों को घर भेजने के लिए रेलवे ने मई दिवस पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली स्टेशन पर पहले श्रमिकों की संख्या और शहर तय होगा। इसके बाद कोच की संख्या निर्धारित की जाएगी। सभी श्रमिकों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कोच में यात्रा करनी होगी। इससे पहले सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन दिल्ली से चलकर सीधे गंतव्य पर ही रुकेगी। यात्रियों को पानी और खाने के पैकेट ट्रेन चलने से पहले ही दे दिए जाएंगे। यह व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
इसके अलावा प्रत्येक यात्री को फेस कवर लगाना होगा। गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के हवाले किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यात्रियों को स्टेशन तक लाने और स्टेशन से ले जाने का जिम्मा रेलवे का न होकर प्रशासन का होगा। अब राज्य सरकार हर जिले के डीएम से लोगों की सूची मांगेगी। बरेली में लोग कम हुए तो दिल्ली से ही एक कोच खाली आएगा। ज्यादा होने पर स्टेशन से ट्रेन चलाई जाएगी।
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बरेली। रेलवे की श्रमिक स्पेशल ट्रेन से शहर में फंसे स्टूडेंट्स, तीर्थ यात्री, पर्यटकों और श्रमिकों ने भी राहत की सांस ली है। यह विशेष ट्रेन शासन-प्रशासन की अनुमति से जंक्शन से चलाई जाएगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को पहले यात्रियों की सूची लखनऊ भेजनी होगी। वहां से रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद ही जंक्शन से ट्रेन चलाई जा सकेगी। अगर यहां यात्रियों की संख्या कम हुई तो दिल्ली से ही एक कोच खाली लगकर आएगा।
दिल्ली और एनसीआर में फंसे श्रमिकों को घर भेजने के लिए रेलवे ने मई दिवस पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली स्टेशन पर पहले श्रमिकों की संख्या और शहर तय होगा। इसके बाद कोच की संख्या निर्धारित की जाएगी। सभी श्रमिकों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कोच में यात्रा करनी होगी। इससे पहले सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन दिल्ली से चलकर सीधे गंतव्य पर ही रुकेगी। यात्रियों को पानी और खाने के पैकेट ट्रेन चलने से पहले ही दे दिए जाएंगे। यह व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
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इसके अलावा प्रत्येक यात्री को फेस कवर लगाना होगा। गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के हवाले किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यात्रियों को स्टेशन तक लाने और स्टेशन से ले जाने का जिम्मा रेलवे का न होकर प्रशासन का होगा। अब राज्य सरकार हर जिले के डीएम से लोगों की सूची मांगेगी। बरेली में लोग कम हुए तो दिल्ली से ही एक कोच खाली आएगा। ज्यादा होने पर स्टेशन से ट्रेन चलाई जाएगी।
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ट्रेन को बिना रेलवे बोर्ड की अनुमति कहीं भी नहीं रोका जाएगा। केवल स्टॉफ बदलने के लिए ही ट्रेन रुकेगी। ट्रेन के संचालन के दौरान साधारण और रिजर्व टिकट की विंडो खुलेंगी। घर जाने वाले श्रमिकों से पूरा किराया वसूला जाएगा या नहीं, रेलवे बोर्ड तय करेगा। फिलहाल जल्दी में कोई भी ट्रेन मुरादाबाद मंडल से गुजरने की संभावना नहीं है। - मानसिंह मीणा, एडीआरएम, मुरादाबाद