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Bareilly: शहर छोड़ निशानेबाज नेहा ने चंडीगढ़ में शुरू किया अभ्यास, राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटीं
Thu, 05 Dec 2024 06:21 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 05 Dec 2024 06:21 PM IST
सार
बरेली के राइफल क्लब में अभ्यास करने से रोका गया तो शहर की निशानेबाज नेहा ने चंडीगढ़ का रुख कर लिया। वह वहां राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गई हैं।
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निशानेबाज नेहा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली में 13 दिसंबर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए बरेली की निशानेबाज नेहा सिंह ने राइफल क्लब की सियासत को पीछे छोड़कर चंडीगढ़ का रुख कर लिया है। अब वह वहीं अभ्यास कर रही हैं।
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राइफल क्लब में हक की लड़ाई में पहले सरकारी मशीनरी को झुकाने वाली नेहा बाद में सियासत की शिकार हो गईं। इसमें उलझने की जगह उन्होंने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस विवाद से किनारा कर लिया।
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आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद 50 हजार रुपयों की व्यवस्था कर चंडीगढ़ पहुंचीं नेहा ने बताया कि वह 11 दिसंबर तक वहां प्रशिक्षण लेंगी। इस दौरान 700 रुपये रोज पीजी के, 400 रुपये आने-जाने के और 800 रुपये रोज रेंज की फीस देनी होगी। 12 दिसंबर को वहीं से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के बाद वह बरेली पहुंचकर अपनी लड़ाई लड़ेंगी।
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कुछ लोगों के लिए प्रदेश नहीं छोड़ सकती
दूसरे प्रदेश से खेलने के सवाल पर नेहा ने कहा कि कुछ लोगों की खातिर अपना प्रदेश तो नहीं छोड़ सकती। प्रदेश की ओर से प्रतिभाग करने वाली खिलाड़ी को उसके शहर में जगह न मिलना खेद का विषय है। मेरे पास समय नहीं था, इसलिए पहले अभ्यास को तरजीह दी। लौटकर अपनी लड़ाई लड़ूंगी। प्रशासन शायद जल्दबाजी में मेरी बात समझ नहीं पाया। बात नहीं बनी तो कानून का सहारा लूंगी।
ये है मामला
14 से 17 सितंबर की शाम तक नेहा ने राइफल क्लब में अभ्यास की अनुमति के लिए धरना दिया था। एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर उन्होंने धरना खत्म किया। इसके बाद उनकी मांगों को माना गया और उन्होंने 20 को वापसी की। इसके छह दिन बाद राइफल क्लब के सचिव व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें अभ्यास करने से मना कर दिया था।
दूसरे प्रदेश से खेलने के सवाल पर नेहा ने कहा कि कुछ लोगों की खातिर अपना प्रदेश तो नहीं छोड़ सकती। प्रदेश की ओर से प्रतिभाग करने वाली खिलाड़ी को उसके शहर में जगह न मिलना खेद का विषय है। मेरे पास समय नहीं था, इसलिए पहले अभ्यास को तरजीह दी। लौटकर अपनी लड़ाई लड़ूंगी। प्रशासन शायद जल्दबाजी में मेरी बात समझ नहीं पाया। बात नहीं बनी तो कानून का सहारा लूंगी।
ये है मामला
14 से 17 सितंबर की शाम तक नेहा ने राइफल क्लब में अभ्यास की अनुमति के लिए धरना दिया था। एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर उन्होंने धरना खत्म किया। इसके बाद उनकी मांगों को माना गया और उन्होंने 20 को वापसी की। इसके छह दिन बाद राइफल क्लब के सचिव व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें अभ्यास करने से मना कर दिया था।