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शौहर ने सऊदी से फोन पर कहा- तलाक.. तलाक.. तलाक
बरेली।
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:00 AM IST
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एक साथ तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद सऊदी से शानू अली ने अपनी बीवी को फोन पर तीन तलाक दे दिया। शानू बसपा से मेयर के प्रत्याशी रहे यूसुफ जरीवाला के भाई हैं। तलाक पीड़िता ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार नकवी की बहन फरहत नकवी से इंसाफ दिलाने की गुहार की। उन्होंने फोन कॉल की रिकार्डिंग भी सौंपी। इसके बाद मामले की राष्ट्रीय महिला आयोग से शिकायत की गई है।
तलाक पीड़िता रानी के मुताबिक वह अपने मायके सीबीगंज के गांव बुधौलिया में थी।, तभी उनके पास पति शानू अली का फोन आया। फोन रिसीव करने पर उन्होंने पहले हालचाल पूछा फिर कहा कि वह तलाक दे रहे हैं और फिर तलाक.. तलाक.. तलाक कहकर फोन काट दिया। रानी का निकाह 26 अप्रैल, 2013 को शानू अली से हुआ था। निकाह के वक्त वह 19 साल की थी। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन शानू पढ़ाना नहीं चाहते थे। इस वजह उन्हें बीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। अब पढ़ाई पूरी करके नौकरी करने की ख्वाहिश रखना उन्हें भारी पड़ा और शानू ने तलाक दे दिया। रानी का कहना है कि उसके चार साल के बेटे बिलाल को शानू के परिवार ने अपने पास रख लिया था। काफी प्रयासों के बाद उन्हें बेटा वापस मिल सका।
वह बहुत अच्छी लड़की है। तलाक की बात जानकारी में आने पर उनके वालिद से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि एक बार तलाक सुना है, जबकि दो बार नहीं सुना है। मेरा भाई शानू दो साल से सऊदी में रहकर नौकरी कर रहा है। वह डेढ़ साल से अपने मायके में है। चार महीने पहले शानू वापस आया था। उसने रानी से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह नौकरी करना चाहती थी।
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- यूसुफ जरीवाला, बसपा नेता
सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर रोक लगा चुका है और केंद्र सरकार को कानून बनाने के लिए छह महीने का वक्त दिया है, लेकिन फि र भी कुछ लोग मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देकर बेघर कर रहे हैं। शरीयत का नाम लेकर झूठी बातें बोलने वाले अपने बेटों को बुलाकर समझाएं।
- फ रहत नक़वी, संचालिका मेरा हक फाउंडेशन
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तलाक पीड़िता रानी के मुताबिक वह अपने मायके सीबीगंज के गांव बुधौलिया में थी।, तभी उनके पास पति शानू अली का फोन आया। फोन रिसीव करने पर उन्होंने पहले हालचाल पूछा फिर कहा कि वह तलाक दे रहे हैं और फिर तलाक.. तलाक.. तलाक कहकर फोन काट दिया। रानी का निकाह 26 अप्रैल, 2013 को शानू अली से हुआ था। निकाह के वक्त वह 19 साल की थी। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन शानू पढ़ाना नहीं चाहते थे। इस वजह उन्हें बीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। अब पढ़ाई पूरी करके नौकरी करने की ख्वाहिश रखना उन्हें भारी पड़ा और शानू ने तलाक दे दिया। रानी का कहना है कि उसके चार साल के बेटे बिलाल को शानू के परिवार ने अपने पास रख लिया था। काफी प्रयासों के बाद उन्हें बेटा वापस मिल सका।
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वह बहुत अच्छी लड़की है। तलाक की बात जानकारी में आने पर उनके वालिद से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि एक बार तलाक सुना है, जबकि दो बार नहीं सुना है। मेरा भाई शानू दो साल से सऊदी में रहकर नौकरी कर रहा है। वह डेढ़ साल से अपने मायके में है। चार महीने पहले शानू वापस आया था। उसने रानी से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह नौकरी करना चाहती थी।
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- यूसुफ जरीवाला, बसपा नेता
सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर रोक लगा चुका है और केंद्र सरकार को कानून बनाने के लिए छह महीने का वक्त दिया है, लेकिन फि र भी कुछ लोग मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देकर बेघर कर रहे हैं। शरीयत का नाम लेकर झूठी बातें बोलने वाले अपने बेटों को बुलाकर समझाएं।
- फ रहत नक़वी, संचालिका मेरा हक फाउंडेशन