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Bareilly News: शशि बनीं आत्मनिर्भर नारी, कचरी-पापड़ ने बनाया कारोबारी
Thu, 19 Oct 2023 01:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 19 Oct 2023 01:53 AM IST
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बरेली। कोरोना के दंश से आर्थिक स्थिति डांवाडोल हुई तो फरीदपुर के भगवानपुर फुलवा गांव की शशि ने घर की दहलीज लांघकर कुछ करने की ठानी। कचरी-पापड़ का कारोबार शुरू किया तो शुरुआती मुश्किलों के बाद उनकी गाड़ी चल पड़ी। आज उनके तैयार किए पापड़ की मांग बरेली से नोएडा तक है। साथ की महिलाओं के साथ नोएडा में स्टॉल लगाती हैं। व्यापारियों की मांग पर विशेष ऑर्डर भी तैयार कराती हैं। हर सीजन में दाल के पापड़ तैयार कराती हैं और होली के आस-पास होली स्पेशल पैक बनवाती हैं। इनमें आलू, मैदा के पापड़ और कचरियां को पैक कराकर भेजती हैं। अब वह पड़ोस की कई महिलाओं को भी रोजगार मुहैया करा रही हैं।
ऐसे आया विचार
शशि ने बताया कि ग्रामीण परिवार में महिलाओं का पापड़ बनाना बहुत सामान्य बात है। कोरोना काल के बाद समूह के जरिये हमें यह पता चला कि घरों में तैयार होने वाला साधारण पापड़ शहर में काफी महंगा बिकता है। पापड़ तैयार करना हमें आसान लगा, लेकिन उसे बाजार तक पहुंचाने की चुनौती थी। पहले समूह के जरिये मिली सहायता राशि से अपना काम शुरू किया। पति के सहयोग से व्यापारियों से बात की। शुरुआत में दाम कम मिले, लेकिन जब व्यापारी गुणवत्ता से संतुष्ट हुए तो मेहनत का पूरा पैसा वसूल हो गया।
सुदृढ़ हुई आर्थिक स्थिति
पहले घर से निकलकर व्यापारियों से बात करने में भी झिझक लगती थी। अब सारा कारोबार अपने ही हाथ में है। हमारे तैयार किए पापड़ को लोग ब्रांड से जानते हैं। साथी जब पूछते हैं कि क्या कर रही हो... तो बताते हुए ऐसा महसूस होता है कि मैंने जीवन में कुछ हासिल किया है। इससे आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।
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ऐसे आया विचार
शशि ने बताया कि ग्रामीण परिवार में महिलाओं का पापड़ बनाना बहुत सामान्य बात है। कोरोना काल के बाद समूह के जरिये हमें यह पता चला कि घरों में तैयार होने वाला साधारण पापड़ शहर में काफी महंगा बिकता है। पापड़ तैयार करना हमें आसान लगा, लेकिन उसे बाजार तक पहुंचाने की चुनौती थी। पहले समूह के जरिये मिली सहायता राशि से अपना काम शुरू किया। पति के सहयोग से व्यापारियों से बात की। शुरुआत में दाम कम मिले, लेकिन जब व्यापारी गुणवत्ता से संतुष्ट हुए तो मेहनत का पूरा पैसा वसूल हो गया।
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सुदृढ़ हुई आर्थिक स्थिति
पहले घर से निकलकर व्यापारियों से बात करने में भी झिझक लगती थी। अब सारा कारोबार अपने ही हाथ में है। हमारे तैयार किए पापड़ को लोग ब्रांड से जानते हैं। साथी जब पूछते हैं कि क्या कर रही हो... तो बताते हुए ऐसा महसूस होता है कि मैंने जीवन में कुछ हासिल किया है। इससे आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।
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