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Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर बन रहा शनि प्रदोष का विशेष संयोग, जानिए पूजा का मुहूर्त

Fri, 17 Feb 2023 06:38 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 17 Feb 2023 06:38 AM IST
सार

शिवरात्रि और प्रदोष व्रत दोनों ही भगवान शिव को प्रिय हैं। संतान प्राप्ति की कामना और शनि दोष को दूर करने के लिए यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है।

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Shani Pradosh being made on Mahashivaratri 2023
महाशिवरात्रि 2023 - फोटो : amar ujala

विस्तार

महाशिवरात्रि का पर्व 18 फरवरी को है। इस बार शनि प्रदोष का विशेष संयोग भी बन रहा है। इसमें व्रत, रात्रि जागरण और चार पहर-चार प्रकार के पूजन-अर्चन का विधान है। जो शनि की पीड़ा से मुक्ति दिलाएगा। शाहजहांपुर के लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी सुरेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। 

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इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। उनका मिलन सार्वभौमिक आत्म (परमात्मा) के साथ व्यक्तिगत आत्म (जीवात्मा) के मिलन का प्रतिनिधित्व करता है। इस बार महाशिवरात्रि पर शनि त्रयोदशी तिथि यानी शनि प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ है। शिवरात्रि और प्रदोष व्रत दोनों ही भगवान शिव को प्रिय हैं।
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संतान प्राप्ति की कामना और शनि दोष को दूर करने के लिए यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही इस बार महाशिवरात्रि पर शनिदेव अपनी ही राशि कुंभ में रहेंगे, जहां सूर्य देव भी मौजूद हैं। इस तरह महाशिवरात्रि पर पिता-पुत्र यानी सूर्य और शनिदेव एक ही राशि में विराजमान होंगे। वहीं गुरु भी अपनी मीन राशि में होंगे। इससे सर्वार्थ सिद्धि जैसा महायोग बन रहा है, इससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।

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शिव और शनि दोनों की कृपा पाने का उपाय

शिव और शनि दोनों का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना करें और भगवान शिव को उनका अस्त्र त्रिशूल चढ़ाएं। इसके साथ ही शिवलिंग पर उड़द की दाल, काले तिल और सरसों का तेल भी अर्पित करें। ऐसा करने से शनि से संबंधित कष्ट दूर होंगे और महादेव के साथ शनि की कृपा भी प्राप्त होगी।

शनि दोष से मुक्ति के लिए पीपल को अर्पित करें जल

महाशिवरात्रि के दिन शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के लिए पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें और मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद घी के दीपक जलाएं। परिक्रमा करें। पीपल की पूजा के बाद हनुमानजी के भी दर्शन करें। ऐसा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

पूजा का मुहूर्त

  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि शुरू - 17 फरवरी 2023, रात 11.36 बजे
  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि समाप्त - 18 फरवरी 2023, रात 08.02 बजे
  • शनि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त - 18 फरवरी 2023, शाम 06.21 से रात 08.02 बजे
  • महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि की शुरू - 18 फरवरी 2023 को रात 08:02 बजे
  • महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि समाप्त - 19 फरवरी 2023 को शाम 04:18 बजे
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