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परिस्थितिजन्य सबूत जुटाने में लगी पुलिस
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शाहजहांपुर। छात्रा को जलाने के मामले में पुलिस सुबूत इकट्ठा करने के लिए जांच जारी रखेगी। आरोपियों की वारदात के वक्त मौजूदगी को साक्ष्य के दायरे में लाया जाएगा। कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस छात्रा के बयान के साथ ही अन्य परिस्थितिजन्य सबूत जुटा रही है। मौके पर मिली वस्तुओं को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारी आरोपियों के खिलाफ छात्रा के बयान को सबसे बड़ा सबूत मान रहे हैं। उनका कहना है कि पीड़ित के स्वास्थ्य और मनोदशा को देखते हुए उसके बयान अदालत में भी काफी मायने रखते हैं। यही वजह है कि 22 फरवरी को वारदात होने के बाद खुलासे के लिए परेशान पुलिस ने 25 फरवरी को छात्रा के बयान प्राप्त होने पर राहत की सांस ली। शुक्रवार को आननफानन में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक आरोपियों के नाम प्रकाश में आने के बावजूद पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। इसकी बड़ी वजह ठोस सबूत का अभाव था। छात्रा के बयान के आते ही पुलिस ने उसी दिशा में काम करना शुरू कर दिया।
जिस जगह पर छात्रा को जलाया गया था, वहां पर दवा की एक छोटी बोतल मिली थी जिसमें केरोसिन की बू आ रही थी। यहां पर माचिस और दो जली हुई तीलियां भी मिली हैं। यह केरोसिन कौन लेकर आया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सभी वस्तुओं को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
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एसपी एस आनंद का कहना है कि छात्रा के बयान काफी महत्वपूर्ण है। पीड़िता के बयान के मुताबिक पुलिस वारदात को देख रही है। आरोपियों के खिलाफ अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस पर एक लड़की और युवक का नाम हटाने का आरोप
शाहजहांपुर/ पुवायां। नगरिया मोड़ पर अधजली हालत में मिली एसएस कालेज की छात्रा को जलाने के आरोप में जेल भेजे गए राजू (23) के परिवार के लोगों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक लड़की और एक युवक का नाम दबा दिया गया। उधर पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष और अदालत पर पूरा भरोसा जताया है।
राजू के भाई अवधेश का आरोप है कि मामले में एक और लड़की नाम आया था, लेकिन उसका नाम दबा दिया गया। एक युवक का नाम भी हटा दिया गया। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। आरोपी पिंकी के पिता रामसिंह ने भी आरोप लगाया कि घटना में एक और लड़की का नाम लिया गया, जिसे सामने नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पिंकी को पुलिस ने टार्चर किया। आरोपी सुभाष के पिता ईश्वर चंद के पिता का कहना है कि पुलिस हिरासत में एक बार भी उनको बेटे से मिलने नहीं दिया गया।
अवधेश ने बताया कि राजू आठवीं तक पढ़ा है और उत्तराखंड की एक फ्लोर मिल में वेल्डर की नौकरी करता है। वह दीपावली के बाद से लगातार रुद्रपुर में ही रहकर फ्लोर मिल में काम कर रहा था। राजू पिंकी का फुफेरा भाई है। इस कारण उसकी पिंकी से बात होती रहती थी। पीड़िता पिंकी की सहेली थी। इस कारण हो सकता है कि पीड़िता से भी राजू की कभी बात होती हो। अवधेश के अनुसार लड़की के जल जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दो बार उनके घर छापेमारी की। उसने पुलिस की राजू से वीडियो कॉल भी कराई। राजू ने पुलिस को बताया कि वह फ्लोर मिल में है और कहीं भी नहीं गया है। इसके बाद पुलिस अवधेश को लेकर रूद्रपुर गई और राजू को पकड़ लाई। अवधेश के अनुसार राजू की सीसीटीवी फुटेज रुद्रपुर फ्लोर मिल से मिल जाएंगी। जिस फ्लोर मिल में राजू काम करता है, वहां हाजिरी वाले स्थान और मेस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दो स्थानों की वीडियो फुटेज देखी जानी चाहिए। कारखाने में 50 लोग काम करते हैं, जो कह रहे हैं कि राजू कहीं भी नहीं गया और रोजाना काम पर आया।
सवाल अभी बाकी
कॉलेज से निकलने के बाद छात्रा की विभिन्न सीसीटीवी कैमरों में आई फुटेज दो किलोमीटर आगे तक की है। इसके बाद वारदात स्थल छह-सात किलोमीटर आगे है। घटनास्थल तक छात्रा के पैदल अकेले जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा केरोसिन कौन-कहां से लाया था, पूरी प्लानिंग किसकी थी, छात्रा इतनी दूर पैदल क्यों गई आदि बातें अभी साफ नहीं हो सकी हैं। उम्मीद है आगे पुलिस की विवेचना में सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
फिलहाल छात्रा के बयान सबसे पुख्ता सबूत हैं। आरोपियों को जेल भेजा गया है। आगे की जांच में गुण-दोष के आधार पर कार्रवाई होगी।-एसपी एस आनंद
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पुलिस अधिकारी आरोपियों के खिलाफ छात्रा के बयान को सबसे बड़ा सबूत मान रहे हैं। उनका कहना है कि पीड़ित के स्वास्थ्य और मनोदशा को देखते हुए उसके बयान अदालत में भी काफी मायने रखते हैं। यही वजह है कि 22 फरवरी को वारदात होने के बाद खुलासे के लिए परेशान पुलिस ने 25 फरवरी को छात्रा के बयान प्राप्त होने पर राहत की सांस ली। शुक्रवार को आननफानन में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक आरोपियों के नाम प्रकाश में आने के बावजूद पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। इसकी बड़ी वजह ठोस सबूत का अभाव था। छात्रा के बयान के आते ही पुलिस ने उसी दिशा में काम करना शुरू कर दिया।
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जिस जगह पर छात्रा को जलाया गया था, वहां पर दवा की एक छोटी बोतल मिली थी जिसमें केरोसिन की बू आ रही थी। यहां पर माचिस और दो जली हुई तीलियां भी मिली हैं। यह केरोसिन कौन लेकर आया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सभी वस्तुओं को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
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एसपी एस आनंद का कहना है कि छात्रा के बयान काफी महत्वपूर्ण है। पीड़िता के बयान के मुताबिक पुलिस वारदात को देख रही है। आरोपियों के खिलाफ अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस पर एक लड़की और युवक का नाम हटाने का आरोप
शाहजहांपुर/ पुवायां। नगरिया मोड़ पर अधजली हालत में मिली एसएस कालेज की छात्रा को जलाने के आरोप में जेल भेजे गए राजू (23) के परिवार के लोगों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक लड़की और एक युवक का नाम दबा दिया गया। उधर पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष और अदालत पर पूरा भरोसा जताया है।
राजू के भाई अवधेश का आरोप है कि मामले में एक और लड़की नाम आया था, लेकिन उसका नाम दबा दिया गया। एक युवक का नाम भी हटा दिया गया। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। आरोपी पिंकी के पिता रामसिंह ने भी आरोप लगाया कि घटना में एक और लड़की का नाम लिया गया, जिसे सामने नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पिंकी को पुलिस ने टार्चर किया। आरोपी सुभाष के पिता ईश्वर चंद के पिता का कहना है कि पुलिस हिरासत में एक बार भी उनको बेटे से मिलने नहीं दिया गया।
अवधेश ने बताया कि राजू आठवीं तक पढ़ा है और उत्तराखंड की एक फ्लोर मिल में वेल्डर की नौकरी करता है। वह दीपावली के बाद से लगातार रुद्रपुर में ही रहकर फ्लोर मिल में काम कर रहा था। राजू पिंकी का फुफेरा भाई है। इस कारण उसकी पिंकी से बात होती रहती थी। पीड़िता पिंकी की सहेली थी। इस कारण हो सकता है कि पीड़िता से भी राजू की कभी बात होती हो। अवधेश के अनुसार लड़की के जल जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दो बार उनके घर छापेमारी की। उसने पुलिस की राजू से वीडियो कॉल भी कराई। राजू ने पुलिस को बताया कि वह फ्लोर मिल में है और कहीं भी नहीं गया है। इसके बाद पुलिस अवधेश को लेकर रूद्रपुर गई और राजू को पकड़ लाई। अवधेश के अनुसार राजू की सीसीटीवी फुटेज रुद्रपुर फ्लोर मिल से मिल जाएंगी। जिस फ्लोर मिल में राजू काम करता है, वहां हाजिरी वाले स्थान और मेस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दो स्थानों की वीडियो फुटेज देखी जानी चाहिए। कारखाने में 50 लोग काम करते हैं, जो कह रहे हैं कि राजू कहीं भी नहीं गया और रोजाना काम पर आया।
सवाल अभी बाकी
कॉलेज से निकलने के बाद छात्रा की विभिन्न सीसीटीवी कैमरों में आई फुटेज दो किलोमीटर आगे तक की है। इसके बाद वारदात स्थल छह-सात किलोमीटर आगे है। घटनास्थल तक छात्रा के पैदल अकेले जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा केरोसिन कौन-कहां से लाया था, पूरी प्लानिंग किसकी थी, छात्रा इतनी दूर पैदल क्यों गई आदि बातें अभी साफ नहीं हो सकी हैं। उम्मीद है आगे पुलिस की विवेचना में सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
फिलहाल छात्रा के बयान सबसे पुख्ता सबूत हैं। आरोपियों को जेल भेजा गया है। आगे की जांच में गुण-दोष के आधार पर कार्रवाई होगी।-एसपी एस आनंद