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पूर्व सांसद व सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेता नजरबंद, पुलिस ने धरना स्थल से जबरन उठाया
Tue, 08 Dec 2020 03:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 08 Dec 2020 03:35 AM IST
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कृषि कानून के विरोध में...
- फोटो : amar ujala
किसानों के भारत बंद ऐलान पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उनके समर्थन में सोमवार को ‘किसान सम्मान यात्रा’ आयोजित करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव बदायूं से बिसौली जाते समय उझानी से नजरबंद कर लिए गए। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक प्रदर्शन करना चाहा, लेकिन पुलिस उन्हें जबरन उठाकर शेखूपुर चीनी मिल के गेस्ट हाउस ले गई। इस दौरान पुलिस ने अन्य कार्यकर्ताओं को भी खींचकर धरनास्थल से उठा लिया। उनके अलावा कई नेता अपने आवास तो कई कार्यकर्ता पुलिस लाइन में रखे गए।
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सोमवार को समाजवादी पार्टी की ओर से भारत बंद के समर्थन में बिसौली कस्बे से लेकर मालवीय आवास तक किसानों के समर्थन में किसान सम्मान यात्रा निकाली जानी थी। सपा कार्यकर्ताओं ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली थीं। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सोमवार दोपहर अपने काफिले के साथ यात्रा में शामिल होने बिसौली जा रहे थे। इसी दौरान उझानी में पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। उन्हें वापस बदायूं लाया जा रहा था। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक बाईपास तिराहे पर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी भी की गई।
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इसकी सूचना पर एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार पुलिस बल के साथ तिराहे पर पहुंच गए। फिर उन्हें जबरन उठाकर सहकारी चीनी मिल शेखूपुर के गेस्ट हाउस में ले जाकर नजरबंद कर दिया। कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी खींचकर गाड़ी में बैठा लिया गया। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक आशीष यादव, पूर्व विधायक मुस्लिम खां, प्रभात अग्रवाल, विपिन यादव, अवधेश यादव, अनिल गोस्वामी, शशांक यादव, सलीम अहमद, नीरज राजपूत, सुभाष यादव, ध्रुव यादव और जितेंद्र यादव समेत करीब 35 कार्यकर्ता नजरबंद कर दिए गए।
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इधर, पुलिस लाइन में फरहत अली, मोतशाम सिद्दीकी, मोहम्मद मियां समेत कई सपा कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. मौलाना यासीन अली उस्मानी को उनके ही आवास पर नजरबंद किया गया। बाद में उन्हें सदर कोतवाली लाकर बैठा दिया गया। बिसौली में पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य और सहसवान विधायक ओमकार सिंह यादव को उनके आवास पर नजरबंद किया गया। हालांकि शाम के समय पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव समेत सभी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।
कुछ नेताओं ने खिंचवाएं केवल फोटो...हिरासत में लेने की भी ‘फिक्सिंग’
सपा के कार्यक्रम के दौरान कुछ नेता तो केवल मीडिया और सोशल मीडिया पर छाने के लिए केवल फोटो ही खिंचवाते रहे तो कुछ ने हिरासत में लेने की भी ‘फिक्सिंग’ कर डाली। पार्टी के ही कुछ सूत्रों के अनुसार इन नेताओं ने रात ही अपने आंदोलन के लिए निकलने की सूचना पुलिस को दे दी थी, जिस पर कुछ को पुलिस ने रात में ही तो कुछ को तड़के ही उनके घरों पर नजरबंद कर लिया। ऐसे में इन नेताओं ने अपनी किरकिरी भी बचा ली और सोशल मीडिया पर भी फोटो वायरल कर दिए। धरनास्थल पर भी कुछ नेताओं ने तो केवल फोटो खिंचवाने के लिए ही पुलिस का विरोध किया, जिस पर पुलिस ने उन्हें खींचते हुए गाड़ी में डाल लिया।
सपा जिलाध्यक्ष बेटे समेत आवास पर नजरबंद
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव और उनके बेटे अवनीश यादव को रविवार रात ही उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। पुलिस रात में उनके आवास पर पहुंच गई। इसके बाद उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। शाम के समय उनके आवास से पुलिस हटा लिया गया।
जरीफनगर में कई सपा नेता पकड़े
सोमवार को किसान सम्मान यात्रा में शामिल होने जा रहे कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते से पकड़ लिया। ग्राम जरेठा के प्रधान लताफत हुसैन, सुनील यादव उर्फ विल्ला, दुर्गेश यादव, भूरे सिंह यादव, रमेश यादव, धर्मपाल सिंह यादव, पूरन सिंह यादव, आफताब, रन सिंह यादव, समेत कई कार्यकर्ता पकड़े गए। जरीफनगर पुलिस ने सभी को मुचलका पाबंद किया है।
पूर्व मंत्री को घर में किया नजरबंद
किसान बिल के विरोध में आंदोलनकारियों को समर्थन के बाद सोमवार को पुलिस फोर्स ने पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल को तड़के ही उनकी कोठी पर नजरबंद कर दिया। वह पुलिस कर्मियों को धता-बताकर बाहर निकले तो पुलिस ने रास्ते में घेर लिया। इसकी भनक लगते ही पालिका सदस्य रामप्रवेश यादव समेत कई समर्थक मौके पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों और सपा नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई। पूर्व राज्यमंत्री को हिरासत में लेकर पुलिस उन्हीं के कोल्ड स्टोरेज पर पहुंची और अफसरों से बात कराई। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। पूर्व राज्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर आंदोलन को लेकर दमनात्मक नीति अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार को किसान विरोधी बिल वापस लेना होगा।