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एक करोड़ के गबन में सात प्रधानों को भी भेजे नोटिस

Sat, 23 Apr 2022 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 01:51 AM IST
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seven pradhan involved in one crore  fraud
बरेली। बिथरी चैनपुर ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों में एक करोड़ रुपये के गबन के मामले में ग्राम प्रधानों को भी दोषी पाया गया है। पंचायत राज विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है। इस बीच गबन के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी आलोक यादव के खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है। माना जा रहा है कि उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई तक हो सकती है।
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डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार की जांच में ग्राम विकास अधिकारी आलोक यादव के खिलाफ एक करोड़ के गबन का मामला खुला था। आलोक पर ग्राम पंचायत आलमपुर गजरौला में 7.13 लाख, सैदपुर खजुरिया में 5.93 लाख, पदारथपुर में 9.20 लाख, मनपुरिया दलेल में .74 लाख, मोहनपुर में 16.23 लाख, परसोना में 17.88 लाख और उड़ला जागीर में 3.65 लाख रुपये गबन का आरोप है। चूंकि ग्राम पंचायतों का पैसा निकालने के लिए प्रधान और पंचायत सचिव दोनों के डोंगल लगते हैं लिहाजा इन ग्राम पंचायतों के प्रधानों को भी प्रथमदृष्ट्या दोषी माना गया है। इसी कारण डीपीआरओ कार्यालय ने उन्हें जिला प्रशासन के जरिए नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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उच्चाधिकारियों की मॉनिटरिंग पर भी उठे सवाल
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मिला सरकारी पैसा बार-बार निकाला गया, कोई काम भी नहीं हुआ। हर महीने रकम का हिसाब देना पड़ता है। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक मॉनिटरिंग भी होती है। लिहाजा सवाल उठ रहा है कि उच्चाधिकारियों की मॉनिटरिंग से यह गबन क्यों नहीं पकड़ा गया और यदि पकड़ा गया तो उसे दबाया क्यों गया। सूत्रों का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी अकेले इतनी बड़ी रकम का गबन नहीं कर सकता। उसके पीछे भी कोई हाथ रहा होगा। एक ग्राम प्रधान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें फंसाया गया, इस खेल के पीछे कोई ओर शामिल है।
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ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान संयुक्त रूप से ही विकास का पैसा निकाल सकते हैं, उन्होंने ही प्रथमदृष्टया यह पूरी रकम निकाली है। ग्राम प्रधानों को जिला प्रशासन से नोटिस भिजवाए जा रहे हैं। यदि वे संतोषजनक जवाब न दे पाए तो उनकी प्रधानी भी जा सकती है। ग्राम विकास अधिकारी पर आगे की कार्रवाई डीएम करेंगे। इस प्रकरण की फाइल जिला प्रशासन को भेज दी गई है। - धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
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