ईएमआई में तय हुई रिश्वत: बरेली में पहली किस्त लेते ही वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार, विजिलेंस ने की कार्रवाई
Bareilly News: सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार थम नहीं रहा है। बरेली में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का वरिष्ठ सहायक मोहमद आसिफ 18 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। उसने एक लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त लेते पकड़ा गया।
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बरेली के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक ने मदरसे को एक गांव से दूसरे गांव स्थानांतरित कराने की पत्रावली लखनऊ अग्रसारित करने के नाम पर एक लाख रुपये की घूस मांगी। घूस की पहली किस्त 18 हजार रुपये लेने के दौरान विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। विजिलेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बहेड़ी के रजपुरा स्थित मदरसा मंजूरिया अख्तरुल उलूम के संचालक मोहम्मद आरिश ने एसपी विजिलेंस अरविंद कुमार से शिकायत की थी। बताया था कि उनका यह मदरसा काफी समय से संचालित है। इसे वह देवरनिया क्षेत्र के गांव बसुधरन में स्थानांतरित कराना चाहते हैं। इसकी प्रस्ताव पत्रावली बरेली अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय से संस्तुति करके निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण लखनऊ के कार्यालय भेजने के नाम पर एक लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। उनके पास इतनी रकम नहीं है। उनका काम भी वैध है।
कार्यालय से हुई गिरफ्तारी
एसपी के निर्देश पर विजिलेंस टीम गठित की गई। मंगलवार दोपहर टीम विकास भवन स्थित अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंच गई। इससे पहले ही आरिश ने वरिष्ठ सहायक आसिफ को एक लाख रुपये रिश्वत देना स्वीकार कर लिया था और तय हो गया था कि पहली किस्त के रूप में 18000 रुपये दिए जाएंगे।
आसिफ भी रिश्वत की रकम किस्त में लेने को तैयार हो गया। आरिश को पाउडर लगे नोट दिए जा चुके थे। यही 18 हजार रुपये लेते हुए विजिलेंस टीम ने विकास भवन स्थित कार्यालय से आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान काफी गहमागहमी हो गई। टीम तत्काल ही आरोपी को विजिलेंस थाने ले गई और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
छह महीने से लटका रखी थी पत्रावली
आरिश ने विजिलेंस अधिकारियों को बताया कि कक्षा पांच तक के मदरसे को स्थानांतरण करने की प्रक्रिया जिला कार्यालय से ही हो जाती है लेकिन उनके मदरसे में उच्च कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसलिए इसकी अनुमति लखनऊ स्तर से ही होनी है। उन्होंने मई में सारी औपचारिकताएं पूरी करके पत्रावली जमा कर दी थी। इसके बाद भी आसिफ बेवजह पत्रावली लटकाए हुए था। शिकायत पर अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे थे। मजबूरी में उसे आरोपी को पकड़वाने का निर्णय लेना पड़ा और टीम से मिलकर इसकी भूमिका तैयार की।
कोई घूस मांगे तो दें सूचना
एसपी विजिलेंस अरविंद कुमार ने बताया कि किसी भी विभाग में कोई घूस मांगे तो विजिलेंस कार्यालय के सीयूजी नंबर 9454401866 पर सूचना दे सकते हैं। राजपत्रित अधिकारियों के बारे में भी यहां सूचना दी जा सकती है। शिकायतकर्ता चाहेंगे तो उनका नाम और पहचान गोपनीय रखी जाएगी।