फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   sena,Army

कश्मीर को सुरक्षित बनाने के लिए अब केंद्रीय बल बढ़ाना जरूरी

Sat, 03 Aug 2019 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 02:07 AM IST
विज्ञापन
sena,Army
बरेली। अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर स्नाइपर राइफल और पाक सेना आर्डिनेंस फैक्टरी निर्मित लैंडमाइन मिलने अमरनाथ यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है। सेना का दावा है कि अमरनाथ यात्री निशाने पर थे। वहीं, दूसरी ओर, पूर्व सैनिकों ने कश्मीर में केंद्रीय बलों की 280 अतिरिक्त कंपनियां भेजने को सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है। वहीं, उलमा भी सरकार के इस फैसले के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
विज्ञापन

सेवानिवृत्त सूबेदार एनडी पांडेय के मुताबिक सुरक्षा कारणों से घाटी में केंद्रीय बलों की तैनाती हो रही है ताकि कश्मीर में सुरक्षा और पुख्ता हो सके। इस दौरान अमरनाथ यात्रा भी चल रही है। अमरनाथ यात्रा के मार्ग में पाक निर्मित हथियार मिलना किसी बड़े हमले की आशंका मानी जा रही है। अगर यात्रियों पर आतंकी हमला हुआ तो स्थिति खतरनाक हो जाएगी। इसे देखते हुए भी सुरक्षा कारणोें से वहां बड़ी तादाद में फोर्स भेजी जा रही है। ‘धारा 35ए’ को हटाए जाने की सुगबुगाहट से कश्मीर में तनातनी का माहौल बना हुआ है। इसे काबू करने में केंद्रीय बल ही सक्षम होंगे।
विज्ञापन

सेवानिवृत्त सूबेदार एमपी शर्मा के मुताबिक केंद्र सरकार सीआरपीएफ को सिर्फ आंतरिक सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। वहीं, सीमा पर सुरक्षा के लिहाज से सेना, बीएसएफ, एसएसबी की कंपनियां तैनात करना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस निर्णय को सराहा है। संभावना जताई कि सीआरपीएफ पर देश के अंदर और सीमा पर तैनाती होने से दोहरा भार पड़ रहा है। यह उसे कम करने की कवायद है। कहा, पाक निर्मित हथियार मिले हैं लेकिन पाक जानता है कि अमरनाथ यात्रियों पर हमला हुआ तो उसका खामियाजा काफी महंगा साबित होगा। वहीं, यह कदम चुनाव की तैयारियों के चलते भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उलमा ने सही ठहराया सरकार का कदम
महबूबा मुफ्ती कल तक तो भाजपा के साथ थीं। सरकार भी बनाई थी, अब उसी केंद्र सरकार के फैसले का विरोध क्यों कर रही हैं। अगर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है तो यह अमन के लिए ही होगा, इसमें हर्ज क्या है। अगर बेगुनाहों पर इसका इस्तेमाल होगा तो गलत है और वह शर्मनाक भी होगा। - मौलाना इंतजार अहमद कादरी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सुन्नी उलमा कौंसिल।

कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाए जाने पर महबूबा मुफ्ती को एतराज नहीं होना चाहिए। वहां अमन व अमान की जरूरत है। आतंकवाद तो है ही, छोटी छोटी बातों पर पत्थरबाजी हो जाती है। कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है। वहां की सुरक्षा जरूरी है। हां, इसका असर आम जन-जीवन पर नहीं पड़ना चाहिए। - मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, महासचिव तंजीम उलमा इस्लाम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed