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बरेलीः विदेश से लौटने वाले हो जाएं सेल्फ क्वारंटीन, नहीं माने तो होगा एक्शन
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कोरोना
- फोटो : self
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विदेश से लौटे सैकड़ों लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी, कहा, एलआईयू को सौंपी है पकड़ने की जिम्मेदारी
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बरेली। विदेश से लौटने के बाद अपने घरों में आइसोलेट होने के बजाय सड़कों पर बेफिक्र घूमने वालों की अब खैर नहीं। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे लोगों की तलाश में जुट गया है, जो विदेश से लौटे हैं। हिदायत दी है कि वह अपने घर में 14 दिनों तक सेल्फ आइसोलेट रहें। लक्षण दिखें तो जांच कराने आएं। अगर इस दौरान उनके बाहर निकलने की सूचना मिली तो उन्हें जबरन क्वारंटीन किया जाएगा। नहीं माने तो और भी सख्त एक्शन लिए जाने की चेतावनी दी है। एलआईयू ऐसे लोगों को उनके घरों से भी उठा सकती है।
माना जा रहा है कि विदेश से लौटे लोगों की वजह से ही भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ा है। ऐसे लोगों की धरपकड़ कर उनकी जांच कराई जाती, इससे पहले ही हजारों की तादाद में लोग विदेश से अपने-अपने घरों को पहुंच गए। इसमें बरेली से भी विदेश घूमने गए तकरीबन तीन हजार लोग शामिल हैं। शासनादेश के तहत स्वास्थ्य विभाग के अफसर सिर्फ शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार ही सैंपल जांच के लिए भेज सकते हैं। अमर उजाला ने मामले की गंभीरता को बताते हुए बुधवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मगर इतनी बड़ी तादाद में लोगों को खोजकर उनकी जांच या उन्हें क्वारंटीन किया जाने में असमर्थता जता दी है। स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोगाम (आईडीएसपी) ने विदेश से लौटै सभी लोगों को चेतावनी दी है। कहा है कि वे सभी 14 दिनों तक सेल्फ क्वारंटीन में रहें। अगर उनके बाहर घूमने की सूचना किसी पड़ोसी के जरिए मिलेगी तो वह सख्त एक्शन लेंगे।
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‘विदेश या देश के संवेदनशील राज्यों से जो लोग पिछले दिनों में वापस लौट कर आए हैं, वह आईडीएसपी की मेल आईडी पर अपना सेल्फ डिक्लेरेशन दें। अगर वे पीड़ित हैं तो अस्पताल आकर जांच करा सकते हैं। अगर वह चोरी छिपे बाजार में घूम रहे हैं तो यह मामला काफी गंभीर है। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए शासन के निर्देश पर पुलिस, प्रशास न और एलआईयूू सक्रिय हैं। जानकारी मिलने पर उन्हें जबरन क्वारंटीन किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।’
- डॉ. मीसम अब्बास, प्रभारी, आईडीएसपी
माना जा रहा है कि विदेश से लौटे लोगों की वजह से ही भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ा है। ऐसे लोगों की धरपकड़ कर उनकी जांच कराई जाती, इससे पहले ही हजारों की तादाद में लोग विदेश से अपने-अपने घरों को पहुंच गए। इसमें बरेली से भी विदेश घूमने गए तकरीबन तीन हजार लोग शामिल हैं। शासनादेश के तहत स्वास्थ्य विभाग के अफसर सिर्फ शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार ही सैंपल जांच के लिए भेज सकते हैं। अमर उजाला ने मामले की गंभीरता को बताते हुए बुधवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मगर इतनी बड़ी तादाद में लोगों को खोजकर उनकी जांच या उन्हें क्वारंटीन किया जाने में असमर्थता जता दी है। स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोगाम (आईडीएसपी) ने विदेश से लौटै सभी लोगों को चेतावनी दी है। कहा है कि वे सभी 14 दिनों तक सेल्फ क्वारंटीन में रहें। अगर उनके बाहर घूमने की सूचना किसी पड़ोसी के जरिए मिलेगी तो वह सख्त एक्शन लेंगे।
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आईडीएसपी की मेल पर दें सेल्फ डिक्लेरेशन
सुझाव दिया है कि वह आईडीएसपी की प्रमाणिक वेबसाइट पर अपनी सेल्फ डिक्लेरेशन रिपोर्ट दें। अगर 14 दिन से से ज्यादा गुजरने के बाद भी वह स्वस्थ हैं या नहीं। दोनों स्थितियों की रिपोर्ट डिक्लेरेशन के तौर पर मेल करनी होगी। लोगों को आईडीएसपीसीएमओबीएलवाई पर मेल करना होगा। इसमें नाम, पता, आयु, मोबाइल नंबर के साथ ही, सेहत की जानकारी की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही, अगर उनमें सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे कोरोना के संभावित लक्षण हैं तो उन्हें जिला अस्पताल में पहुंचकर जांच कराने को कहा है।
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समाज के दुश्मन न बनें विदेश से लौटे लोग
आईडीएसपी यूनिट के प्रभारी डॉ. मीसम का कहना है जो लोग विदेश से लौटकर आएं हैं लेेकिन वह सजग नागरिक के तौर पर सेल्फ क्वारंटीन कर रहे हैं, वह तारीफ के काबिल हैं। मगर जो लोग समाज को संक्रमित करने में जुटे हैं या उसका जरिया बन रहे हैं, वह परिवार, समाज और देश के दुश्मन हैं। पीएम और सीएम ने भी ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आने को कहा है।‘विदेश या देश के संवेदनशील राज्यों से जो लोग पिछले दिनों में वापस लौट कर आए हैं, वह आईडीएसपी की मेल आईडी पर अपना सेल्फ डिक्लेरेशन दें। अगर वे पीड़ित हैं तो अस्पताल आकर जांच करा सकते हैं। अगर वह चोरी छिपे बाजार में घूम रहे हैं तो यह मामला काफी गंभीर है। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए शासन के निर्देश पर पुलिस, प्रशास न और एलआईयूू सक्रिय हैं। जानकारी मिलने पर उन्हें जबरन क्वारंटीन किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।’
- डॉ. मीसम अब्बास, प्रभारी, आईडीएसपी