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15 अक्तूबर से खुलेंगे स्कूलः अभिभावकों ने कहा- पहले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की गारंटी तो दे सरकार

Tue, 06 Oct 2020 02:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 02:06 AM IST
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Schools will open from October 15: Parents said - First the government should guarantee the safety of children in schools
demo photo - फोटो : amar ujala

सरकार की घोषणा पर चौंके अभिभावकों ने कहा- पहले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की गारंटी तो दे सरकार

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बरेली। अभिभावकों की असहमति के बावजूद आखिरकार सरकार ने अनलॉक- 5 में स्कूलों को भी खोलने का एलान कर दिया। 15 अक्तूबर से स्कूल खोले जाने की सुगबुगाहट पहले से थी लेकिन फिर भी सोमवार को सरकार के इस फैसले ने अभिभावकों को चौंका दिया। उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं भी दीं। कहा, सरकार का यह फैसला कोरोना के खतरे के बावजूद अभिभावकों के साथ बच्चों पर भी स्कूल जाने का मानसिक दबाव बनाएगा। यह इसलिए गलत है क्योंकि स्कूलों में बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रखने की पूरी गारंटी देने को कोई तैयार नहीं है।
अमर उजाला से बातचीत में एक सिरे से अभिभावकों ने इस फैसले को खारिज करते हुए बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार कर दिया। बता दें कि सरकार ने यह पहले ही कहा था कि अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद बच्चे स्कूल बुलाए जा सकेंगे। अब 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने के एलान के साथ उपस्थिति के नियमों में भी राहत दी गई है। तीन सप्ताह तक कोई मूल्यांकन भी नहीं किया जाएगा लेकिन इसके बावजूद यह फैसला अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है।
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फैसला अपना.. जिम्मेदारी हम पर थोपना चाहती है सरकार

कोरोना अभी भी पीक पर है। शहर में रोज मरीज मिल रहे हैं और मौतें भी लगातार हो रही हैं। ऐसे में सरकार का यह फैसला चौंकाने वाला है। बच्चे स्कूल गए तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। यह फैसला ठीक नहीं है। -साक्षी शर्मा
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एक तरफ सरकार कह रही है कि स्कूल खुल रहे हैं। माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक होगा। ऐसे में बच्चा संक्रमण की चपेट में आता तो इसका मतलब जिम्मेदार भी अभिभावक ही होंगे। इस साल स्कूल नहीं खुलने चाहिए। -मनप्रीत सिंह
यह फैसला बिल्कुल गलत है। ऐसे समय में बच्चों को स्कूल भेजना बिल्कुल ठीक नहीं है। स्कूल जाने के कुछ दिन तो बच्चे कोविड संबंधी नियमों का पालन करेंगे। फिर लापरवाही शुरू हो जाएगी। यदि बच्चों में संक्रमण का फैला तो बड़ी मुसीबत होगी। -सीमा सरपाल
यह समय बच्चों को स्कूल भेजने का नहीं है। ऑनलाइन क्लास ठीक चल रही है। इन्हें और बेहतर किया जा सकता है। कम से कम इस साल तो टाल देना चाहिए और कोरोना के इलाज का इंतजार करना चाहिए। -हरजीत सिंह

स्कूलों ने कहा- हम तैयार

ऑनलाइन क्लास चल ही रही हैं। बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। हम स्कूल खोलने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार की जो भी गाइडलाइन होगी, हम उसके पालन के साथ बच्चों को शिक्षा देने को प्रतिबद्ध हैं। -साजिद खान, एमडी एसपीएस

हम गाइड लाइन के अनुसार बच्चों को शिक्षा देने को तैयार हैं। स्कूल को सैनिटाइज कराया ही जाता है। क्लास के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी और मास्क अनिवार्य होगा। सोशल डिस्टेंसिग के साथ बच्चों को पढ़ाया जाएगा। -योहान कुंवर, प्रिंसिपल विद्या भवन

कोविड संबंधी गाइडलाइन का पालन करते हुए हम पढ़ाई कराने को तैयार हैं। सोशल डिस्टेंसिंग मुख्य चीज हैं। बच्चे स्कूल आते हैं तो इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा। ऑनलाइन क्लास भी जारी रहेंगी। बच्चों पर कोई दबाव नहीं है। -डॉ. रामश्री, द्रोपदी इंटर कालेज



सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए बच्चों को शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बच्चों को मास्क लगाना होगा। प्रवेश से पहले उनका तापमान लिया जाएगा। कक्षाओं में भी सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइेजशन का ख्याल रखा जाएगा। -आरएल सिंह, महर्षि विद्या मंदिर

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