सोमवार की सुबह बच्चों के लिए काफी खास होगी, आज उनको नौ बजे तक सोने को नहीं मिलेगा। नाश्ते के बाद दोस्ते के साथ पार्क में खेलने को भी नहीं मिलेगा। उनके स्कूल जो खुल रहे हैं। अब उनको सुबह सुबह अपने स्कूल के लिए तैयार होना पड़ेगा। मौज मस्ती छूटने से कुछ दुख भी है तो स्कूल के दोस्तों के साथ मिलने की खुशी भी। खाली वक्त में मौज मस्ती भी करने को मिलेगी। पर पहला दिन मम्मी पापा के लिए भागमभाग भरा रहेगा। डेढ़ माह की छुट्टी बिताने के बाद अब उनकी आदत शायद सुबह सुबह अपने डालने को स्कूल ले जाने की न रही हो। इसलिए पहले दिन जल्दी जागना होगा, स्कूल की घंटी बजने से पहले लाडले को स्कूल के गेट तक हर हाल में पहुंचाना होगा क्योंकि गर्मियां हैं और अधिकतर स्कूलों का वक्त सात से साढ़े सात बजे निर्धारित है। एसेंबली से पहले स्कूल में पहुंचना होगा नहीं तो एंट्री भी नहीं मिलेगी। मम्मी पापा को इस बात की भी टेंशन है कि समय से स्कूल पहुंच जाएं, पहला दिन अच्छा गुजरे। सोमवार को सेंट मारिया गौरेटी, हार्टमैन कॉलेज, डीपीएस ,जीआरएम,बीबीएल अलखनाथ,सेंटर फ्रांसिस,बिशप कोनरॉड, पुलिस मार्डन स्कूल समेत शहर के अधिकतर कान्वेंट स्कूल खुल रहे हैं। रविवार को छुट्टी के दिन भी सोमवार की तैयारी में पैरेंट्स जुटे रहे। पवन विहार की रहने वाली रोहिनी अग्रवाल का कहना है कि बेटा चौथी क्लास में पढ़ता है। रविवार को उसका बैग सही किया, जरूरी किताबें रखी, ड्रेस धुलकर स्तरी की। यही कुछ कहना पुराना शहर की शहनाज का था। उनकी बेटी पांचवीं की छात्रा है। दो दिन से वो बेटी को स्कूल जाने की तैयारी में लगी है। रविवार को बैग तैयार किया, जरूरी किताबें बैग में रखी। सुबह बच्ची को स्कूल छोड़ने जाएंगी। इनके तरह अधिकतर अभिभवकों को सोमवार की टेंशन हैं, स्कूल में लाडले का पहला दिन है, कोई गड़बड़ न हो। समय से स्कूल पहुंच जाए।