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हरबिलास कॉलेज में फिर हंगामा, छात्रों ने की तोड़फोड़
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उझानी (बदायूं)। हरबिलास गोयल इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य गोपाल शर्मा के निलंबन के बाद गुरुवार को एक और मामला हंगामे की वजह बन गया। सुबह कार्यालय पहुंचे कार्यवाहक प्रधानाचार्य बबलू शर्मा ने छात्रों की टीसी हस्ताक्षर करने के लिए मंगा ली लेकिन छात्रों ने यह कहते हुए उनके हस्ताक्षर वाली टीसी लेने से इंकार कर दिया कि उन्हें गुमराह किया जा रहा है। दो-तीन छात्रों की कार्यवाहक प्रधानाचार्य से नोकझोंक हो गई। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने पहले कार्यालय में और फिर क्लास रूम में तोड़फोड़ कर दी। करीब एक घंटा तक हंगामा होता रहा। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को समझाकर हालात पर काबू पाया।
हंगामे की शुरुआत टीसी पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य बबलू शर्मा के हस्ताक्षर करने से हुई। दो-तीन छात्रों ने यह कहते हुए टीसी लेने से इंकार कर दिया कि नये हस्ताक्षर की वजह से दूसरे कॉलेज में एडमिशन में दिक्कत होगी। इसी बात पर छात्रों और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के बीच जमकर नोकझोंक हुई। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ के बाद बरामदे में रखे गमले भी तहस-नहस कर दिए। कमरों की खिड़कियों के शीशे भी छात्रों ने तोड़ डाले। कार्यवाहक प्रधानाचार्य उन्हें समझाने के लिए आगे बढ़े तो छात्रों ने उनका घेराव कर लिया। इस दौरान हाथापाई की नौबत भी आ गई।
गुस्साए छात्र बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगाने के लिए बढ़े तो अनुचर ने कॉलेज का गेट खोलने से इंकार कर दिया। सूचना के बाद कॉलेज पहुंचे एसएसआई रामऔतार सिंह ने पहले तो छात्रों से बात कर उन्हें शांत किया फिर कार्यालय में पहुंचे लेकिन कार्यवाहक प्रधानाचार्य तब तक कॉलेज से जा चुके थे। पुलिस कर्मियों ने शिक्षकों से भी जानकारी की। छात्रों ने कॉलेज से घर लौटते समय मार्केट में नारेेबाजी की। इधर, कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने बताया कि कॉलेज में दो दिन पहले भी झगड़ा हुआ था, अब हंगामा और तोड़फोड़ हुई है लेकिन कॉलेज की ओर से कार्रवाई के लिए किसी ने भी तहरीर नहीं दी है।
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गोपाल बोले, प्रिंसिपल हूं... मोना ने ठहराया कलह का जिम्मेदार
उझानी। कॉलेज में तीन-चार दिनों के बीच जो कुछ हुआ है, वह खासकर शिक्षा के मंदिर के अनुरूप तो नहीं हुआ। यह तय माना जा रहा है कि पर्दे के पीछे से कोई न कोई छात्रों को गुमराह करने की कोशिश में लगा है। इसके विपरीत, गोपाल शर्मा का कहना है कि उन्हें सस्पेंड करने का जो तरीका अपनाया गया है, वह गलत है। इसके लिए प्रबंधन को पहले डीआईओएस से अनुमोदन लेना चाहिए था। प्रबंधक जयश्री गोयल की ओर से कॉलेज में देखरेख करने वाली उनकी निजी सहायक मोना गर्ग ने बताया कि वित्तविहीन कॉलेज में प्रधानाचार्य किसे रखना है, यह प्रबंध कमेटी का विशेषाधिकार होता है।
कॉलेज में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है लेकिन आपसी विवाद का निपटारा प्रबंधन को कर लेना चाहिए। प्रधानाचार्य के निलंबन के बाद आरोपों की जांच होती है, उसी के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
- राममूरत, डीआईओएस।
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हंगामे की शुरुआत टीसी पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य बबलू शर्मा के हस्ताक्षर करने से हुई। दो-तीन छात्रों ने यह कहते हुए टीसी लेने से इंकार कर दिया कि नये हस्ताक्षर की वजह से दूसरे कॉलेज में एडमिशन में दिक्कत होगी। इसी बात पर छात्रों और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के बीच जमकर नोकझोंक हुई। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ के बाद बरामदे में रखे गमले भी तहस-नहस कर दिए। कमरों की खिड़कियों के शीशे भी छात्रों ने तोड़ डाले। कार्यवाहक प्रधानाचार्य उन्हें समझाने के लिए आगे बढ़े तो छात्रों ने उनका घेराव कर लिया। इस दौरान हाथापाई की नौबत भी आ गई।
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गुस्साए छात्र बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगाने के लिए बढ़े तो अनुचर ने कॉलेज का गेट खोलने से इंकार कर दिया। सूचना के बाद कॉलेज पहुंचे एसएसआई रामऔतार सिंह ने पहले तो छात्रों से बात कर उन्हें शांत किया फिर कार्यालय में पहुंचे लेकिन कार्यवाहक प्रधानाचार्य तब तक कॉलेज से जा चुके थे। पुलिस कर्मियों ने शिक्षकों से भी जानकारी की। छात्रों ने कॉलेज से घर लौटते समय मार्केट में नारेेबाजी की। इधर, कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने बताया कि कॉलेज में दो दिन पहले भी झगड़ा हुआ था, अब हंगामा और तोड़फोड़ हुई है लेकिन कॉलेज की ओर से कार्रवाई के लिए किसी ने भी तहरीर नहीं दी है।
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गोपाल बोले, प्रिंसिपल हूं... मोना ने ठहराया कलह का जिम्मेदार
उझानी। कॉलेज में तीन-चार दिनों के बीच जो कुछ हुआ है, वह खासकर शिक्षा के मंदिर के अनुरूप तो नहीं हुआ। यह तय माना जा रहा है कि पर्दे के पीछे से कोई न कोई छात्रों को गुमराह करने की कोशिश में लगा है। इसके विपरीत, गोपाल शर्मा का कहना है कि उन्हें सस्पेंड करने का जो तरीका अपनाया गया है, वह गलत है। इसके लिए प्रबंधन को पहले डीआईओएस से अनुमोदन लेना चाहिए था। प्रबंधक जयश्री गोयल की ओर से कॉलेज में देखरेख करने वाली उनकी निजी सहायक मोना गर्ग ने बताया कि वित्तविहीन कॉलेज में प्रधानाचार्य किसे रखना है, यह प्रबंध कमेटी का विशेषाधिकार होता है।
कॉलेज में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है लेकिन आपसी विवाद का निपटारा प्रबंधन को कर लेना चाहिए। प्रधानाचार्य के निलंबन के बाद आरोपों की जांच होती है, उसी के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
- राममूरत, डीआईओएस।