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Bareilly News: कार्यशाला में होता रहा घोटाला, अफसर खेलते रहे चिट्ठी-चिट्ठी
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बरेली। परिक्षेत्र की रोडवेज बसों की मरम्मत में जनवरी से घपलेबाजी की जा रही है। जो बसें निगम के बेड़े में ही नहीं, उनकी भी मरम्मत दर्शाकर बिल पास होते रहे। थाने में खड़ी दुर्घटनाग्रस्त बस की भी मरम्मत दिखाकर भुगतान ले लिया गया। जुलाई में ही घपला सामने आने के बाद अफसर अब तक चिट्ठी-चिट्ठी खेलते रहे। अब मुख्यालय स्तर से जांच शुरू होने के बाद वे बचाव का रास्ता तलाश रहे हैं।
बरेली और रुहेलखंड डिपो के एआरएम से लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक तक पत्राचार में उलझे रहे। किसी जिम्मेदार ने संबंधित फर्म पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी। जनवरी से अक्तूबर तक बसों की मरम्मत के नाम पर कार्यशाला में जमकर खेल हुआ। अक्तूबर में क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने ममता इंटरप्राइजेज को नोटिस तो जारी किया, लेकिन उनके स्तर से भी कार्रवाई नहीं की गई।
नोटिस में क्षेत्रीय प्रबंधक ने जुलाई में बरती गई अनियमितताओं का जिक्र किया है। इसमें लिखा है कि जिन बसों की मरम्मत कराई गई, वे या तो थाने में खड़ी थीं या फिर परिक्षेत्र के बेड़े में ही नहीं हैं। यह भी स्वीकार किया कि फर्म ने रोडवेज को वित्तीय क्षति पहुंचाई है। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया कि फर्म का काम सेवा शर्तों के प्रतिकूल है। इसके बाद भ्रष्टाचार के कई अन्य मामले भी सामने आए, लेकिन फर्म को नोटिस देने के बाद अफसर कार्रवाई करना भूल गए। इस वजह से दोबारा खेल शुरू हो गया।
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वर्जन
बरेली परिक्षेत्र की बसों में मरम्मत को लेकर कुछ शिकायतें मिली हैं। जांच की जा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। - सत्य नारायण, नोडल अधिकारी/जीएम तकनीकी
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बरेली और रुहेलखंड डिपो के एआरएम से लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक तक पत्राचार में उलझे रहे। किसी जिम्मेदार ने संबंधित फर्म पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी। जनवरी से अक्तूबर तक बसों की मरम्मत के नाम पर कार्यशाला में जमकर खेल हुआ। अक्तूबर में क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने ममता इंटरप्राइजेज को नोटिस तो जारी किया, लेकिन उनके स्तर से भी कार्रवाई नहीं की गई।
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नोटिस में क्षेत्रीय प्रबंधक ने जुलाई में बरती गई अनियमितताओं का जिक्र किया है। इसमें लिखा है कि जिन बसों की मरम्मत कराई गई, वे या तो थाने में खड़ी थीं या फिर परिक्षेत्र के बेड़े में ही नहीं हैं। यह भी स्वीकार किया कि फर्म ने रोडवेज को वित्तीय क्षति पहुंचाई है। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया कि फर्म का काम सेवा शर्तों के प्रतिकूल है। इसके बाद भ्रष्टाचार के कई अन्य मामले भी सामने आए, लेकिन फर्म को नोटिस देने के बाद अफसर कार्रवाई करना भूल गए। इस वजह से दोबारा खेल शुरू हो गया।
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वर्जन
बरेली परिक्षेत्र की बसों में मरम्मत को लेकर कुछ शिकायतें मिली हैं। जांच की जा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। - सत्य नारायण, नोडल अधिकारी/जीएम तकनीकी