चौकीदार पिटाई प्रकरण : एससी-एसटी आयोग ने बरेली के एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, मामले में अब तक ये हुई कार्रवाई
Bareilly News: नवाबगंज तहसील परिसर में दो होमगार्डों ने चौकीदार को बुरी तरह पीटा था। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में एससी-एसटी आयोग ने एसएसपी से जांच रिपोर्ट तलब की है।
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बरेली के नवाबगंज तहसील परिसर में अनुसूचित जाति के चौकीदार को पीटने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष असीम अरुण ने बरेली एसएसपी को पत्र भेजकर मामले की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिया है कि निश्चित अवधि में जांच की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करें।
जिला कमांडेंट होमगार्ड शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी होमगार्डों को ड्यूटी परेड से हटा दिया गया है। दोनों को बर्खास्तगी पूर्व कार्रवाई से संबंधित कारण बताओ नोटिस दिया गया है। 15 दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर दोनों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
अब तक ये हुई कार्रवाई
नवाबगंज के बहोरनगला गांव निवासी वीरेंद्र धानुक थाना नवाबगंज में चौकीदार हैं। मंगलवार को तहसीलदार कार्यालय में तैनात होमगार्ड वीर बहादुर और रामपाल ने लात-घूसों के साथ राइफल की बट से उनकी पिटाई कर दी थी। पुलिस ने दोनों होमगार्डों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर शांतिभंग में चालान कर दिया था। बुधवार को एसपी इंटेलीजेंस ने कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली थी। चौकीदार से भी पूछताछ की थी।
पीड़ित के साथ आया विपक्ष
नवाबगंज तहसील परिसर में चौकीदार वीरेंद्र कुमार को पीटने का मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार को चौकीदार एसोसिएशन के साथ बरेली संसदीय सीट से सपा प्रत्याशी प्रवीन सिंह ऐरन, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने डीएम और एसएसपी से मुलाकात की।
वीरेंद्र की ओर से दिए पत्र में जिक्र है कि उसे दोनों होमगार्डों ने बुरी तरह पीटकर जूतों से मुंह कुचल दिया था। उसी रात को उसे थाने बुलाया गया। वहां एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, कोतवाल आदि अधिकारियों ने उसे धमकाया कि मामला मीडिया में नहीं जाना चाहिए और सादा कागज पर अंगूठा लगवा लिया। कहा कि इन अधिकारियों के नाम एफआईआर में बढ़ाए जाएं। साथ ही होमगार्डों पर धाराएं बढ़ाकर उन्हें जेल भेजा जाए व बर्खास्त किया जाए।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने ज्ञापन देकर घटना को निदंनीय व असामाजिक बताया। कहा कि इससे पीड़ित को निजी व सामाजिक पीड़ा पहुंची है। ज्ञापन देने वालों में सुनीता गंगवार, शेर सिंह गंगवार, रवि पांडेय, उल्फत सिंह कठेरिया, रणवीर सागर, दीपक वाल्मीकि, डालचंद्र दिवाकर आदि लोग शामिल रहे।
भीम आर्मी, भारत एकता मिशन और आजाद समाज पाटी की ओर से भी अधिकारियों को ज्ञापन देकर धाराएं बढ़ाने, आरोपियों की गिरफ्तारी व बर्खास्तगी किए जाने की मांग की गई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।