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निजी हाथों में जाएगा सेटेलाइट बस अड्डा, बदलेगा सूरते हाल
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बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे को प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर मॉडर्न बस स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। शासन के निर्देश मिलने पर राज्य सड़क परिवहन निगम ने इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए डीएम से कई बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी हैं। इसमें रोडवेज बस स्टेशन के सर्किल रेट की जानकारी भी शामिल है। पीपीपी मोड पर विकसित होने के बाद इस बस स्टेशन का पूरा सूरत-ए-हाल ही बदल जाएगा।
प्रदेश भर में परिवहन निगम के 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मोड पर विकसित किया जाना है, जिसमें बरेली का सेटेलाइट बस स्टेशन भी शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन ने यह प्रोजेक्ट को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। इसके चलते ही रोडवेज के उच्च अधिकारियों ने 29 हजार वर्गमीटर पर बने सेटेलाइट बस अड्डे को लेकर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से सूचनाएं मांगी है। इसमें कहा गया है कि बस स्टेशन का कायाकल्प करने के लिए इसकी जमीन खाली कराकर निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नए नक्शे के हिसाब से बस स्टेशन को विकसित किया जा सके। यह काम चलने तक उन्होंने प्रशासन से बस संचालन के लिए कहीं अन्यत्र जमीन मुहैया कराने को कहा है। अफसरों का कहना है कि अगर जरूरी हुआ तो रोडवेज उस जमीन का किराया देने को भी तैयार है। रोडवेज के अपर प्रबंध निदेशक राधेश्याम ने डीएम को यह भी अवगत कराया है कि इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक आपसे व्यक्तिगत तौर पर भी मिलेंगे। पीपीपी मोड पर विकसित किए जा रहे बस स्टेशन के लिए निवेशक सर्किल रेट पर आधारित वार्षिक कंसेशन फी का परिवहन विभाग को भुगतान रहेंगे। इसके लिए डीएम से सेटेलाइट बस स्टेशन का सर्किल रेट बताने का भी आग्रह किया गया है।
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प्रदेश भर में परिवहन निगम के 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मोड पर विकसित किया जाना है, जिसमें बरेली का सेटेलाइट बस स्टेशन भी शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन ने यह प्रोजेक्ट को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। इसके चलते ही रोडवेज के उच्च अधिकारियों ने 29 हजार वर्गमीटर पर बने सेटेलाइट बस अड्डे को लेकर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से सूचनाएं मांगी है। इसमें कहा गया है कि बस स्टेशन का कायाकल्प करने के लिए इसकी जमीन खाली कराकर निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नए नक्शे के हिसाब से बस स्टेशन को विकसित किया जा सके। यह काम चलने तक उन्होंने प्रशासन से बस संचालन के लिए कहीं अन्यत्र जमीन मुहैया कराने को कहा है। अफसरों का कहना है कि अगर जरूरी हुआ तो रोडवेज उस जमीन का किराया देने को भी तैयार है। रोडवेज के अपर प्रबंध निदेशक राधेश्याम ने डीएम को यह भी अवगत कराया है कि इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक आपसे व्यक्तिगत तौर पर भी मिलेंगे। पीपीपी मोड पर विकसित किए जा रहे बस स्टेशन के लिए निवेशक सर्किल रेट पर आधारित वार्षिक कंसेशन फी का परिवहन विभाग को भुगतान रहेंगे। इसके लिए डीएम से सेटेलाइट बस स्टेशन का सर्किल रेट बताने का भी आग्रह किया गया है।
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