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Bareilly News: सप्तऋषि गोल्ड ब्रांड का धनिया पाउडर निकला असुरक्षित, बिक्री पर तत्काल रोक
Thu, 30 Jul 2026 01:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:39 AM IST
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बरेली। आईवीआरआई रोड पर संचालित फर्म मुल्ला जी चावल वाले से लिया गया सप्तऋषि गोल्ड ब्रांड के धनिया पाउडर का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया है। इसमें कीटनाशक की मात्रा अधिक पाई गई जो मानव जीवन के लिए हानिकारक है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर संबंधित बैच की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश ने दो फरवरी को यह नमूना लिया था। जांच में वह असुरक्षित पाया गया तो फर्म स्वामी मो. फुरकान ने रिपोर्ट को चुनौती दी थी। इसके बाद नमूने को दोबारा परीक्षण के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, आनंद गुजरात की प्रयोगशाला भेजा गया। वहां भी नमूने को असुरक्षित पाया गया।
नमूने में डाईथियोकार्बामाट्स (फेरबम) अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा 0.010 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के स्थान पर 0.096 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम मिला।इस उत्पाद के निर्माता सप्तऋषि गोल्ड स्पाइसेस एलएलपी, अलवर राजस्थान के हैं। अब आगे की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र मुख्यालय की ओर से की जा रही है।
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तीन माह पहले साबुदाना पाया गया अधोमानक
खाद्य विभाग की ओर से तीन माह पहले मुल्ला जी चावल वाले के यहां से लिया गया साबुदाना भी जांच में अधोमानक पाया गया था। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है।
वर्जन
आयुक्त के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर संबंधित फर्म का निरीक्षण, उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन, विक्रेता, वितरक, सीएंडएफ और निर्माता से जुड़े सभी अभिलेखों का संकलन एवं सत्यापन किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित बैच के उत्पाद खाद्य कारोबार शृंखला के किसी भी स्तर पर उपलब्ध न रहें। - राहुल सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश ने दो फरवरी को यह नमूना लिया था। जांच में वह असुरक्षित पाया गया तो फर्म स्वामी मो. फुरकान ने रिपोर्ट को चुनौती दी थी। इसके बाद नमूने को दोबारा परीक्षण के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, आनंद गुजरात की प्रयोगशाला भेजा गया। वहां भी नमूने को असुरक्षित पाया गया।
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नमूने में डाईथियोकार्बामाट्स (फेरबम) अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा 0.010 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के स्थान पर 0.096 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम मिला।इस उत्पाद के निर्माता सप्तऋषि गोल्ड स्पाइसेस एलएलपी, अलवर राजस्थान के हैं। अब आगे की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र मुख्यालय की ओर से की जा रही है।
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तीन माह पहले साबुदाना पाया गया अधोमानक
खाद्य विभाग की ओर से तीन माह पहले मुल्ला जी चावल वाले के यहां से लिया गया साबुदाना भी जांच में अधोमानक पाया गया था। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है।
वर्जन
आयुक्त के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर संबंधित फर्म का निरीक्षण, उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन, विक्रेता, वितरक, सीएंडएफ और निर्माता से जुड़े सभी अभिलेखों का संकलन एवं सत्यापन किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित बैच के उत्पाद खाद्य कारोबार शृंखला के किसी भी स्तर पर उपलब्ध न रहें। - राहुल सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय