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अफसरों पर भड़के संतोष.. जमीन पर इतने अवैध कब्जे हैं तो कैसे बनेगा अस्पताल
सार
ईएसआई के शीर्ष अफसरों के साथ सुबह छह बजे निरीक्षण करने आईटीआर पहुंचे
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आईटीआर के बंगले खाली न होने पर अफसरों से नाराजगी जताते संतोष गंगवार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
राजस्व अफसरों से कब्जों पर मांगा जवाब, दो दिन में जमीन साफ कराने को कहा
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बरेली/सीबीगंज। सुबह छह बजे सौ बेड के ईएसआई अस्पताल के लिए चिन्हित जमीन देखने आईटीआर फैक्टरी पहुंचे केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने वहां अवैध कब्जों की भरमार के साथ कई आवासों में पूर्व कर्मचारियों के परिवारों को जमा पाया तो भड़क गए। मौके पर बुलाए गए राजस्व विभाग के अफसरों पर उन्होंने जमकर नाराजगी जताई और दो दिन के अंदर अस्पताल के लिए चिन्हित पूरी जमीन को कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया।
बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी में बंगला नंबर 11 की 18,920 वर्ग मीटर को केंद्र व राज्य सरकार की सहमति से केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने करीब 62.5 करोड़ रुपये में सौ बेड का ईएसआई अस्पताल बनाने के लिए खरीदा है। कुछ ही दिनों में जमीन की रजिस्ट्री होने वाली है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार जमीन का मामला जल्द साफ कराने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं ताकि उस पर अस्पताल का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो सके। मंगलवार सुबह करीब छह बजे ही वह अपने विशेष कार्याधिकारी पीके गुप्ता के साथ आईटीआर परिसर में अस्पताल के लिए खरीदी गई जमीन देखने पहुंच गए। मंत्री के दौरे की पहले ही सूचना दे दी गई थी लिहाजा अपर आयुक्त अरुण कुमार और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता के साथ राजस्व स्टाफ पहले से वहां मौजूद था। मंत्री के निर्देश पर रात में ही लखनऊ से ईएसआई के उपनिदेशक हरीश कुमार और दिल्ली मुख्यालय से एक्सईएन अश्वनी कुमार और कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय से अभियंता बरेली पहुंचे थे। ये अधिकारी भी सुबह ही आईटीआर पहुंच गए।
केंद्रीय मंत्री ने बंगला नंबर 11 के परिसर में अस्पताल के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया तो वहां तमाम अवैध कब्जे देखकर उनका पारा चढ़ गया। कई पूर्व कर्मचारियों के परिवार भी आवासों में जमे हुए थे। केंद्रीय मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए राजस्व विभाग के अफसरों से अतिक्रमण पर जवाब मांगा तो वे निरुत्तर हो गए। मंत्री ने अफसरों को दो दिन के अंदर जमीन से सारे अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया। इस दौरान मौके पर विधायक डॉ. डीसी वर्मा और मंत्री के स्टाफ के रमेश जैन आदि भी मौजूद रहे। जमीन देखने के बाद मंत्री दिल्ली लौट गए।
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बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी में बंगला नंबर 11 की 18,920 वर्ग मीटर को केंद्र व राज्य सरकार की सहमति से केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने करीब 62.5 करोड़ रुपये में सौ बेड का ईएसआई अस्पताल बनाने के लिए खरीदा है। कुछ ही दिनों में जमीन की रजिस्ट्री होने वाली है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार जमीन का मामला जल्द साफ कराने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं ताकि उस पर अस्पताल का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो सके। मंगलवार सुबह करीब छह बजे ही वह अपने विशेष कार्याधिकारी पीके गुप्ता के साथ आईटीआर परिसर में अस्पताल के लिए खरीदी गई जमीन देखने पहुंच गए। मंत्री के दौरे की पहले ही सूचना दे दी गई थी लिहाजा अपर आयुक्त अरुण कुमार और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता के साथ राजस्व स्टाफ पहले से वहां मौजूद था। मंत्री के निर्देश पर रात में ही लखनऊ से ईएसआई के उपनिदेशक हरीश कुमार और दिल्ली मुख्यालय से एक्सईएन अश्वनी कुमार और कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय से अभियंता बरेली पहुंचे थे। ये अधिकारी भी सुबह ही आईटीआर पहुंच गए।
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केंद्रीय मंत्री ने बंगला नंबर 11 के परिसर में अस्पताल के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया तो वहां तमाम अवैध कब्जे देखकर उनका पारा चढ़ गया। कई पूर्व कर्मचारियों के परिवार भी आवासों में जमे हुए थे। केंद्रीय मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए राजस्व विभाग के अफसरों से अतिक्रमण पर जवाब मांगा तो वे निरुत्तर हो गए। मंत्री ने अफसरों को दो दिन के अंदर जमीन से सारे अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया। इस दौरान मौके पर विधायक डॉ. डीसी वर्मा और मंत्री के स्टाफ के रमेश जैन आदि भी मौजूद रहे। जमीन देखने के बाद मंत्री दिल्ली लौट गए।
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