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Bareilly News: न्यायालय का समय बर्बाद करने पर नमकीन फैक्टरी मालिक पर 20 हजार जुर्माना

Sat, 07 Sep 2024 06:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 06:20 AM IST
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Salt factory owner fined Rs 20,000 for wasting court time
- धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट में साक्ष्य दाखिल करना पड़ा भारी
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने नमकीन फैक्टरी मालिक की ओर से कोर्ट में दाखिल साक्ष्य खारिज कर दिए हैं। फैक्टरी मालिक पर कोर्ट का कीमती समय खराब करने के लिए बतौर हर्जा-खर्चा 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। शासकीय अधिवक्ता को लेकर भी कोर्ट ने टिप्पणी की है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ब्रह्मापुरा निवासी हर्ष खंडेलवाल की परसाखेड़ा में नमकीन फैक्टरी है। यहां से तैयार नमकीन की 2018 में गुणवत्ता खराब मिली थी। इस मामले में कार्रवाई की गई। इसके बाद हर्ष खंडेलवाल ने अपने मोहल्ले के ही राधेश्याम भाटिया और कन्हैया भाटिया पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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फैक्टरी मालिक का आरोप था कि उसने नमकीन निर्माण के लिए खाद्य तेल राधेश्याम और कन्हैया भटिया की श्यामगंज स्थित फर्म से खरीदा था। मामले में सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है। इस बीच हर्ष खंडेलवाल ने अपने निजी अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में धारा 313 के तहत कुछ नए साक्ष्य दाखिल किए।
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कोर्ट ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि वादी ने विवेचना के दौरान विवेचक को साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। साक्ष्यों को स्वीकार करने का मतलब होगा कि मामले में फिर से सुनवाई शुरू की जाए। ऐसे तो सुनवाई अनंतकाल तक चलती रहेगी। वादी ने कोर्ट का कीमती समय खराब किया है। उसकी अर्जी को हर्जा-खर्चा के साथ निरस्त किया जाता है। वादी 20 हजार रुपये हर्जा-खर्चा राजकोष में जमा करना सुनिश्चित करे।


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शासकीय अधिवक्ता पर टिप्पणी, कहा-निर्भीकता से निडर होकर काम करें
कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को लेकर भी आदेश में टिप्पणी की है। कहा कि वादी अपने तरीके से मामले में विचारण चाहता है, ताकि वह मनमानी कर सके। ऐसे तो मामलों में विचारण अनंत समय तक होता रहेगा। जबकि उच्च और उच्चतम न्यायालय की मंशा शीघ्र से शीघ्र सुनवाई और निस्तारण की है। आदेश की कॉपी डीएम बरेली को भेजने का आदेश देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह लोक अभियोजक को निर्देशित करें कि वह भविष्य में वादी मुकदमा की ओर से कोई अनाश्यक प्रपत्र कोर्ट में पेश न करें। वह निर्भीकता और निडरता से अपना काम करें। संवाद
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