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आयो लाल झूलेलाल...सभई चवो झूलेलाल
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:22 AM IST
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झूलेलाल
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नव संवत्सर की खुशी झूलेलाल उत्सव से दोगुनी हो गई। चेटीचंड महोत्सव पर शुक्रवार को सिंधी समाज ने तमाम कार्यक्रम किए। पूर्व संध्या पर प्रकाशोत्सव के बाद शुक्रवार की सुबह से ही भजन कीर्तन का सिलसिला चला। जेको चवंदो झूलेलाल..., अमर उडेरो लाल सांई..., आयो लाल झूलेलाल- समई चवो झूलेलाल... तमाम भजन हुए। सिंधु नगर से शोभायात्रा निकाली गई। सभी घरों में जलाई गई अखंड ज्योति का विसर्जन भी किया गया।
सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल को जल और ज्योति के रूप में पूजा जाता है। चैत्र माह में नया वर्ष शुरू होता है। चैत्र से चेटी और चांद से चंड को मिलाकर चेटीचंड नाम इस उत्सव को दिया गया है। शहर के सात सौ से अधिक सिंधी परिवारों में सुबह पूजन हुआ और हवन कर अखंड ज्योति जलाई गई। अलवर से आई शहनाई घरों में बजी। सुबह पंडित प्रेम प्रकाश शर्मा ने हवन किया, इसमें 21 नवविवाहित जोड़ों ने आहूति दी। महिलाओं ने बहराणा साहिब यानी ज्योति कलश को सिंधु नगर परिसर में निकाला। भंडारे में सिंधी पुलाव और पालक व दाल की सांई भाजी परोसी गई। सिंधु नगर में उत्सव का दौर शाम तक चला। डांडिया नृत्य किया गया।
- शोभायात्रा में झूलेलाल के दर्शन को उमड़े भक्त
सिंधु नगर से शोभायात्रा शहामतगंज से होते हुए शाहदाना, ईंट पजाया चौराहा, मूर्ति नर्सिंग होम, प्रेमनगर, धर्मकांटा, रामजानकी मंदिर, शील चौराहा होते हुए झूलेलाल द्वार पर संपन्न हुई। झूलेलाल बने हरीश खानचंदानी व संत कंवर राम बने प्रदीप लेखवानी के दर्शन को भक्त सड़क पर ही ठहर गए। सभी शोभयात्रा में भगवान के स्वरूप को प्रणाम करते दिखे। बैंड बाजे के साथ निकली शोभयात्रा में अखंड ज्योति के भी दर्शन हुए। शोभायात्रा में महिलाओं ने छेजिनृत्य कर सिंधी भजन गाए। न्यू डिस्ट्रिक बरेली कैमिस्ट एसोसिएशन के राजेश ओबराय, अनुज गोयल, नव भारत जनकल्याण समिति के भारत मूलचंदानी, दीपू श्रीमाली, श्री नाथ नगरी सेवा समिति के श्रवण गुप्ता, अमित अरोरा समेत कई संगठन ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
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- इनका रहा सहयोग
झूलेलाल ट्रस्ट, सिंधी सेंट्रल पंचायत, युवा सिंधी समाज, युवा सिंधी संगठन, पूज्य सिंधी पंचायत के ठाकुरदास निहालाणी, गोविंदराम भारवानी, परमानंद आडवाणी, खेमचंद गुरनानी, लक्ष्मणदास, हेमंतदास संतवानी, सिरोमल पारवानी, चंद्रप्रकाश राजानी, साईधामनदास, विजय मूलचंदानी, जय वातवानी, लेखराज मोटवानी, प्रकाश, सुरेश आयलानी, झूही झामनानी, मीना मलका, ज्योति, पायल, नीलम परचानी व अन्य।
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सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल को जल और ज्योति के रूप में पूजा जाता है। चैत्र माह में नया वर्ष शुरू होता है। चैत्र से चेटी और चांद से चंड को मिलाकर चेटीचंड नाम इस उत्सव को दिया गया है। शहर के सात सौ से अधिक सिंधी परिवारों में सुबह पूजन हुआ और हवन कर अखंड ज्योति जलाई गई। अलवर से आई शहनाई घरों में बजी। सुबह पंडित प्रेम प्रकाश शर्मा ने हवन किया, इसमें 21 नवविवाहित जोड़ों ने आहूति दी। महिलाओं ने बहराणा साहिब यानी ज्योति कलश को सिंधु नगर परिसर में निकाला। भंडारे में सिंधी पुलाव और पालक व दाल की सांई भाजी परोसी गई। सिंधु नगर में उत्सव का दौर शाम तक चला। डांडिया नृत्य किया गया।
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- शोभायात्रा में झूलेलाल के दर्शन को उमड़े भक्त
सिंधु नगर से शोभायात्रा शहामतगंज से होते हुए शाहदाना, ईंट पजाया चौराहा, मूर्ति नर्सिंग होम, प्रेमनगर, धर्मकांटा, रामजानकी मंदिर, शील चौराहा होते हुए झूलेलाल द्वार पर संपन्न हुई। झूलेलाल बने हरीश खानचंदानी व संत कंवर राम बने प्रदीप लेखवानी के दर्शन को भक्त सड़क पर ही ठहर गए। सभी शोभयात्रा में भगवान के स्वरूप को प्रणाम करते दिखे। बैंड बाजे के साथ निकली शोभयात्रा में अखंड ज्योति के भी दर्शन हुए। शोभायात्रा में महिलाओं ने छेजिनृत्य कर सिंधी भजन गाए। न्यू डिस्ट्रिक बरेली कैमिस्ट एसोसिएशन के राजेश ओबराय, अनुज गोयल, नव भारत जनकल्याण समिति के भारत मूलचंदानी, दीपू श्रीमाली, श्री नाथ नगरी सेवा समिति के श्रवण गुप्ता, अमित अरोरा समेत कई संगठन ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
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- इनका रहा सहयोग
झूलेलाल ट्रस्ट, सिंधी सेंट्रल पंचायत, युवा सिंधी समाज, युवा सिंधी संगठन, पूज्य सिंधी पंचायत के ठाकुरदास निहालाणी, गोविंदराम भारवानी, परमानंद आडवाणी, खेमचंद गुरनानी, लक्ष्मणदास, हेमंतदास संतवानी, सिरोमल पारवानी, चंद्रप्रकाश राजानी, साईधामनदास, विजय मूलचंदानी, जय वातवानी, लेखराज मोटवानी, प्रकाश, सुरेश आयलानी, झूही झामनानी, मीना मलका, ज्योति, पायल, नीलम परचानी व अन्य।