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Bareilly News: रुविवि के नए कुलपति ने ग्रहण किया पदभार
Tue, 01 Sep 2026 01:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:16 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सोमवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद प्रो. राय ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, शोध एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में तकनीकी कमजोरी के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को डिजीटाइज करने की रूप रेखा बताई। उन्होंने कहा कि एनईपी के समय में परीक्षाएं बढ़ी हैं, ऐसे में संसाधन व समय बचाने के लिए जरूरी है परीक्षा प्रणाली डिजिटल रूप दिया जाए। इससे पेपर पर खर्च भी बचेगा, यदि पेपर में कोई समस्या आती है तो उसे भी बदला जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा प्रणाली के लिए हर छात्र को परीक्षा में टैबलेट पर प्रश्न पत्र देकर हल करने होंगे, ये टैबलेट भी छात्र की बायोमीट्रिक से खुल सकेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को डिजीटाइज कराने का विचार मेरे दिमाग में है, लेकिन धरातल पर लाने में इसमें समय लगेगा। वहीं, पूर्व कुलपति प्रो. केपी सिंह के ऊपर लगे भर्ती में अनियमित्ताओं के आरोपों के सवाल पर कुलपति प्रो. अनिल कुमार बोले कि सभी शिकायतों पर सभी भर्तियों की समीक्षा कराई जाएगी।
दो पीएचडी व 21 पुस्तकें लिख चुके हैं प्रो. अनिल
प्रो. अनिल कुमार राय इससे पूर्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के कुलगुरु के रूप में कार्यरत रहे। जहां भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध केंद्र की स्थापना, हाईटेक मीडिया लैब, रेडियो शेखावाटी 91.2 एफएम, ऑटोमेटेड प्रश्नपत्र प्रणाली आदि लागू किए। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में जनसंचार के वरिष्ठ प्रोफेसर रहे प्रो. अनिल राय ने 21 पुस्तकों के लेखक व दो पीएचडी की हैं। उन्हें वाइस चांसलर ऑफ द ईयर अवार्ड, भारत ज्योति पुरस्कार, संचार श्री पुरस्कार, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान और विदर्भ भूषण पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में तकनीकी कमजोरी के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को डिजीटाइज करने की रूप रेखा बताई। उन्होंने कहा कि एनईपी के समय में परीक्षाएं बढ़ी हैं, ऐसे में संसाधन व समय बचाने के लिए जरूरी है परीक्षा प्रणाली डिजिटल रूप दिया जाए। इससे पेपर पर खर्च भी बचेगा, यदि पेपर में कोई समस्या आती है तो उसे भी बदला जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा प्रणाली के लिए हर छात्र को परीक्षा में टैबलेट पर प्रश्न पत्र देकर हल करने होंगे, ये टैबलेट भी छात्र की बायोमीट्रिक से खुल सकेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को डिजीटाइज कराने का विचार मेरे दिमाग में है, लेकिन धरातल पर लाने में इसमें समय लगेगा। वहीं, पूर्व कुलपति प्रो. केपी सिंह के ऊपर लगे भर्ती में अनियमित्ताओं के आरोपों के सवाल पर कुलपति प्रो. अनिल कुमार बोले कि सभी शिकायतों पर सभी भर्तियों की समीक्षा कराई जाएगी।
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दो पीएचडी व 21 पुस्तकें लिख चुके हैं प्रो. अनिल
प्रो. अनिल कुमार राय इससे पूर्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के कुलगुरु के रूप में कार्यरत रहे। जहां भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध केंद्र की स्थापना, हाईटेक मीडिया लैब, रेडियो शेखावाटी 91.2 एफएम, ऑटोमेटेड प्रश्नपत्र प्रणाली आदि लागू किए। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में जनसंचार के वरिष्ठ प्रोफेसर रहे प्रो. अनिल राय ने 21 पुस्तकों के लेखक व दो पीएचडी की हैं। उन्हें वाइस चांसलर ऑफ द ईयर अवार्ड, भारत ज्योति पुरस्कार, संचार श्री पुरस्कार, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान और विदर्भ भूषण पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
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