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रबर फैक्टरी : 23 साल से 1432 कर्मचारियों को भुगतान का इंतजार
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बरेली। फतेहगंज पश्चिमी की बंद पड़ी सिंथेटिक एंड केमिकल्स (रबर फैक्टरी) के देय भुगतान के संबंध में बुधवार को कर्मचारी संगठन और यूनियन के नेताओं ने कमिश्नर से मुलाकात की। बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण में जल्द सुनवाई समेत 23 साल से सवैतनिक अवकाश पर चल रहे 1432 कर्मचारियों के देयकों के भुगतान की मांग की। कमिश्नर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एस एंड सी कर्मचारी यूनियन का प्रतिनिधिमंडल महामंत्री अशोक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल से मिला। तीन साल बाद कमिश्नरी सभागार में रबर फैक्टरी प्रकरण के संबंध में बैठक को लेकर आभार जताया। बताया कि वैधानिक देनदारी के संबंध में क्लेम 30 जनवरी 2019 को बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर के पास जमा किए थे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 4 अक्तूबर 2022 को फिर सभी दस्तावेज जमा किए गए थे। इस मामले में 16 जनवरी 2023 को फिर एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक हुई थी। इसमें एडवोकेट अकबर निहाल रिजवी ने यूनियन की ओर से साक्ष्य रखे थे। 1432 कर्मचारियों के देयकों के भुगतान पर सहमति बनी थी।
कर्मचारी नेता अशोक ने कमिश्नर को संबंधित मिनट्स और क्लेम की प्रतिलिपि सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने ऑफिशियल लिक्विडेटर द्वारा विधि संगत क्लेम के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल में संत प्रकाश शर्मा, प्रमोद कुमार, शैलेन्द्र चौबे, शिव कान्त, रमेश शर्मा मौजूद रहे।
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40 कर्मचारी व 400 श्रमिकों की हुई है मौत
सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड की इम्पलॉय सेटलमेंट कमेटी के पदाधिकारियों ने कमिश्नर से मुलाकात कर लंबित भुगतान दिलाने की मांग की। अध्यक्ष विजेंद्र सिन्हा का कहना था कि फैक्टरी बंद होने से सैकड़ों कर्मचारी 23 साल पहले बेरोजगार हुए थे। इसमें से 40 एम्पलाई आकस्मिक और 400 श्रमिकों की अब तक मौत हो चुकी है। जो जीवित हैं, वे किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। कमिश्नर से सभी परिवारों के भुगतान दिलाने की मांग की। इस दौरान कमेटी कोऑर्डिनेटर वीके चौधरी, सचिव मुकेश मेहंदीरत्ता, वीके सक्सेना, पंकज सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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एस एंड सी कर्मचारी यूनियन का प्रतिनिधिमंडल महामंत्री अशोक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल से मिला। तीन साल बाद कमिश्नरी सभागार में रबर फैक्टरी प्रकरण के संबंध में बैठक को लेकर आभार जताया। बताया कि वैधानिक देनदारी के संबंध में क्लेम 30 जनवरी 2019 को बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर के पास जमा किए थे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 4 अक्तूबर 2022 को फिर सभी दस्तावेज जमा किए गए थे। इस मामले में 16 जनवरी 2023 को फिर एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक हुई थी। इसमें एडवोकेट अकबर निहाल रिजवी ने यूनियन की ओर से साक्ष्य रखे थे। 1432 कर्मचारियों के देयकों के भुगतान पर सहमति बनी थी।
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कर्मचारी नेता अशोक ने कमिश्नर को संबंधित मिनट्स और क्लेम की प्रतिलिपि सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने ऑफिशियल लिक्विडेटर द्वारा विधि संगत क्लेम के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल में संत प्रकाश शर्मा, प्रमोद कुमार, शैलेन्द्र चौबे, शिव कान्त, रमेश शर्मा मौजूद रहे।
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40 कर्मचारी व 400 श्रमिकों की हुई है मौत
सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड की इम्पलॉय सेटलमेंट कमेटी के पदाधिकारियों ने कमिश्नर से मुलाकात कर लंबित भुगतान दिलाने की मांग की। अध्यक्ष विजेंद्र सिन्हा का कहना था कि फैक्टरी बंद होने से सैकड़ों कर्मचारी 23 साल पहले बेरोजगार हुए थे। इसमें से 40 एम्पलाई आकस्मिक और 400 श्रमिकों की अब तक मौत हो चुकी है। जो जीवित हैं, वे किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। कमिश्नर से सभी परिवारों के भुगतान दिलाने की मांग की। इस दौरान कमेटी कोऑर्डिनेटर वीके चौधरी, सचिव मुकेश मेहंदीरत्ता, वीके सक्सेना, पंकज सिन्हा आदि मौजूद रहे।