Bareilly News: भूमि पोषण अभियान से गांव-गांव पैठ बनाएगा संघ, मोहन भागवत दे गए बड़ा संदेश
संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों से कहा कि 2025 में शताब्दी वर्ष आयोजन से पहले हम यह सुनिश्चित कर लें कि सौ फीसदी गांवों में शाखाएं लग रही हैं। इसके लिए 100-100 स्वयंसेवकों की टोली गांवों में जाएगी और प्रत्येक परिवार से मिलेगी।
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बरेली प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने जमीन की घटती उर्वरता पर भी चिंता जाहिर की है। कहा कि हम सभी धरती से अनाज, खनिज पदार्थ समेत तमाम चीजें ले रहे हैं, मगर हम दे कुछ नहीं रहे हैं। ऐसा ही रहा तो धरती की उत्पादन क्षमता कम होती जाएगी और भविष्य में बड़ा संकट उत्पन्न होगा। इससे बचने के लिए हमें अभी से सतर्क होने की जरूरत है। अब स्वयंसेवक भूमि पोषण अभियान चलाकर इस दिशा में काम करेंगे।
संघ के पदाधिकारी के मुताबिक भूमि को बंजर होने से बचाने, भू-जल को संरक्षित करने, जैव विविधता, देसी नस्ल के पशुधन और जन स्वास्थ्य को बचाने के लिए आमजन का भी सहयोग लिया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में भूमि पोषण को प्रत्यक्ष साकार करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाएगा। भूमि सुपोषण की विविध पद्धतियों के प्रयोग किए जाएंगे। किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नगर क्षेत्रों में विविध हाउसिंग कॉलोनी में जैविक-अजैविक अपशिष्ट को अलग-अलग रखना, कॉलोनी के जैविक अपशिष्ट से कंपोस्ट बनाने जैसी गतिविधियों का आयोजन भी होगा। स्वयंसेवक गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाएंगे। भूमि पूजन जैसे कार्यक्रम होंगे। इसकी रिपोर्ट भी संघ कार्यालयों को भेजी जाएगी।
पर्यावरण पर पहले ही चिंता जता चुके संघ प्रमुख
संघ प्रमुख ने प्रवास के दौरान पर्यावरण पर चिंता जताई थी। स्वयंसेवकों से कहा था कि ‘एक वृक्ष राष्ट्र के नाम’ अभियान चलाने की जरूरत है। किसानों, युवाओं और आमजन को इससे जोड़ा जाएगा। लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए आरएसएस के कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।
शाखाओं के विस्तार से बदलेगी गांवों की तस्वीर
सर संघचालक ने शहर प्रवास के दौरान स्वयंसेवकों से कहा कि 2025 में शताब्दी वर्ष आयोजन से पहले हम यह सुनिश्चित कर लें कि सौ फीसदी गांवों में शाखाएं लग रही हैं। इसके लिए 100-100 स्वयंसेवकों की टोली गांवों में जाएगी और प्रत्येक परिवार से मिलेगी। इधर, 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
राजनीतिक रूप से उत्तर प्रदेश काफी अहम है। केंद्र में सरकार बनाने का रास्ता भी उप्र के जरिये तय होता है। इधर, शाखा के माध्यम से आरएसएस ने हर गांव तक अपनी विचारधारा को पहुंचाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। संघ प्रमुख ने साफ कर दिया है कि हमें किसी भी जाति, धर्म के लोगों से कोई भेदभाव नहीं करना है। सभी से मिलते हुए मित्रवत संबंध स्थापित करने हैं।
स्वयंसेवक जब परिवारों से मिलेंगे तो शाखा के अलावा राष्ट्रवाद के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। स्वयंसेवकों के सेवा भाव से आमजन के बीच संघ की छवि को बेहतर करने की योजना है। संघ प्रमुख के दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। राष्ट्रवाद की विचारधारा को आगे बढ़ाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात, आम जन तक पहुंचेगी बात
प्रवास के दौरान ब्रज प्रांत के 14 जिलों के संघ प्रचारकों के साथ विचार मंथन हुआ। इसमें उत्तराखंड, मेरठ, मथुरा, आगरा और अलीगढ़, बरेली और मुरादाबाद मंडल के स्वयंसेवक शामिल हुए थे। रविवार को संघ प्रमुख ने कुटुंब स्नेह मिलन समारोह में 700 स्वयंसेवकों के परिजनों से भेंट की और उनके साथ सहभोज में शामिल हुए। इस दौरान संघ प्रमुख ने विवि के कुलपति, प्रोफेसर, डॉक्टर, इंजीनियर, समाजसेवी और अधिवक्ताओं से मुलाकात की।
इन मुलाकातों का उद्देश्य संघ की विचारधारा से प्रबुद्ध वर्ग को अवगत कराना है। उस वर्ग को संघ अब जोड़ने की कोशिश कर रहा है, जो समाज में विचारधाराओं को प्रवाहित करने में सबसे अधिक भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि राजनीति से जुड़े लोगों को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया, मगर पूर्व केंद्रीय मंत्री व मौजूदा सांसद संतोष गंगवार परिवार के साथ सहभोज में शामिल हुए और संघ प्रमुख ने उनसे बात भी की थी। भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल भी सहभोज में शामिल रहे। अन्य कोई राजनैतिक व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हुआ था। अब इसके मायने निकाले जा रहे हैं।
बरेली से सीतापुर, लखनऊ होकर नागपुर के लिए रवाना हुए भागवत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सोमवार सुबह सड़क मार्ग से सीतापुर के लिए रवाना हो गए। वहां से लखनऊ पहुंचे। वहां अमौसी एअरपोर्ट पर संघ के अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों से मुलाकात की और फ्लाइट से नागपुर के लिए रवाना हो गए। वह 16 फरवरी की रात 12:10 बजे बरेली पहुंचे थे। शहर में प्रवास के दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों, क्षेत्रीय प्रचारक, सह प्रचारक, कार्यवाह प्रांत प्रचारक, विभाग प्रचारक व प्रमुख दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।