Vijayadashami 2025: बरेली में आरएसएस के स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, शताब्दी वर्ष पर दिखा उत्साह
बरेली में विजयदशमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से 40 स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कई बस्तियों में स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ पथ संचलन किया।
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बरेली में असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का स्थापना दिवस स्वयंसेवकों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संघ के सभी 15 नगरों की विभिन्न बस्तियों में पथ संचलन किया गया। शताब्दी वर्ष पर इस बार विजयदशमी पर स्वयंसेवकों में उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
आरएसएस के विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार ने कहा कि भारत को वैभवशाली राष्ट्र बनाने के उद्देश्य के साथ शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज शतायु हो चुका है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सेवा, समर्पण और संकल्प के 100 वर्ष पूर्ण हुए हैं। हम वैभवशाली राष्ट्र का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण, पर्यावरण की रक्षा, स्व का बोध, नागरिक अनुशासन, सामाजिक समरसता, और कुटुंब व्यवस्था को सुदृढ़ करके भारत एक बार पुनः अपने परम वैभव को प्राप्त कर सकता है।
संघ के सह विभाग संघचालक राजकुमार ने कहा कि बीते 100 वर्षों से आरएसएस के कार्यकर्ता और स्वयंसेवक एक नीति, एक रीति और एक पद्धति से राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार 100 वर्ष तक अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपनी रीति नीति पर अडिग रहना स्वयंसेवकों के लिए गौरव का विषय है।
प्रांत पर्यावरण संयोजक शिवेंद्र ने कहा कि स्वयंसेवकों ने प्रत्येक परिस्थिति में चाहे वह युद्ध हो, प्राकृतिक आपदा हो या फिर कोरोना जैसी महामारी हो, आगे बढ़कर अपनी सेवाएं तन मन धन से दी हैं। उन्होंने कहा कि अपना सर्वस्व राष्ट्र के लिए समर्पित कर देना प्रत्येक स्वयंसेवक का लक्ष्य रहता है।
यहां किया गया पथ संचलन
पशुपति नगर की रानी लक्ष्मीबाई शाखा द्वारा आयोजित पथ संचलन में लगभग 200 गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। हरि नगर की ग्रीन पार्क बस्ती में साज सज्जा के साथ संचालन निकला गया, जिसमें दो अश्वारोही संचालन की अगुवाई कर रहे थे। उसके पीछे ध्वजवाहक और फिर सैकड़ों की संख्या में अनुशासित स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे।
केशव नगर की चाणक्य पुरी बस्ती में डॉ. ज्ञानदेव और अरुण के नेतृत्व में संचलन निकला गया। मालवीय नगर की हनुमान शाखा द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। एक साथ कदम से कदम मिलाकर हाथ से हाथ मिलाकर चल रहे स्वयंसेवक इस बात का एहसास कर रहे थे कि संघ के स्वयंसेवक पारस्परिक सहयोग के दम पर प्रत्येक विषम परिस्थिति से जूझने में सदैव सक्षम हैं।