Mohan Bhagwat: पर्यावरण संरक्षण के लिए संघ प्रमुख का आह्वान, स्वयंसेवक चलाए एक वृक्ष राष्ट्र के नाम अभियान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत बरेली प्रवास पर आए हुए हैं। वह जीआरएम स्कूल में ठहरे हैं। दूसरे दिन उन्होंने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण के मंत्र दिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बरेली प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को राष्ट्र निर्माण के लिए समाज को बेहतर बनाने के मंत्र दिए। स्वयंसेवकों से कहा कि अब तक संघ व्यक्तित्व निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण का कार्य करता रहा है। इन प्रयासों का असर दिखने लगा है। अब जरूरत है कि पृथ्वी और पर्यावरण बचाने के लिए स्वयंसेवक संगठित होकर कार्य करें। 'एक वृक्ष राष्ट्र के नाम' कार्यक्रम चलाएं।
संघ प्रमुख ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इस समय पर्यावरण को संरक्षित नहीं किया गया तो मानव का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। 'एक वृक्ष राष्ट्र के नाम' अभियन के तहत सभी स्वयंसेवक परिवार एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल करें। पौधे खरीदने के बजाय घरों में खाए जाने वाले फलों के बीज को ही गमले में लगाएं। पौधे के रूप में विकसित होने पर उसे गमले से निकालकर भूमि में उसको रोपण करें।
'ऊंच-नीच का भेद खत्म करना होगा'
मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक समरसता, धर्म जागरण, योग, ग्राम्य विकास और कुटुंब प्रबोधन पर भी काम करने की जरूरत है। राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए समाज में समरसता और एकता बेहद जरूरी है। ऊंच-नीच का भेद खत्म करने के लिए स्वयंसेवकों को कमजोर वर्ग के लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करने पर प्रयास करना होगा।
जीआरएम स्कूल में ब्रज प्रांत के 14 जिलों के संघ प्रचारकों के साथ मंथन कर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। संघ के अब तक संघर्ष की समीक्षा करते हुए आगे के कार्यक्रमों की दिशा तय हुई। रविवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में होने वाले कुटुंब स्नेह मिलन में संघ प्रमुख स्वयंसेवकों और उनके परिजनों से मुखातिब होंगे।