Bareilly: सड़कों और पार्कों पर खर्च होंगे 84 करोड़ रुपये, नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए कई फैसले
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कुल 527 करोड़ 11 लाख 85 हजार रुपये की अनुमानित आमदनी और 571 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये व्यय का पुनरीक्षित बजट मामूली संशोधनों के साथ पारित हो गया। इसके अलावा कई फैसले लिए गए।
विस्तार
बरेली की खराब सड़कों को बनाने और पार्कों को संवारने पर 84 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम सदन ने शुक्रवार को पारित पुनरीक्षित बजट में इस खर्च को स्वीकृति दे दी है। इस क्रम में 30 करोड़ रुपये लागत की सड़कों के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। वहीं 34 करोड़ रुपये से ठेकेदारों के पुराने भुगतान करके बजट के अभाव में अधूरी सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा।
इसके अलावा शहर के 130 पार्कों को सजाने संवारने पर दो करोड़ रुपये व्यय किया जाएगा। इससे झूले लगेंगे, बाउंड्री बनेगी। पार्कों के द्वार ठीक कराए जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट स्कीम के तहत 20 करोड़ रुपये की धनराशि भी सड़कों को बनाने व उनके आसपास हरियाली बढ़ाने पर खर्च होगी। अन्य में दस करोड़ रुपये से शहर में हरियाली बढ़ाई जाएगी।
पुनरीक्षित बजट पारित
महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में दो घंटे चली निगम कार्यकारिणी की बैठक में कुल 527 करोड़ 11 लाख 85 हजार रुपये की अनुमानित आमदनी और 571 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये व्यय का पुनरीक्षित बजट मामूली संशोधनों के साथ पारित हो गया। अधिकारियों के अनुसार 2023-24 के अंतिम अवशेष को जोड़ने पर मार्च 2024 तक के लिए कुल आमदनी व खर्च का बजट 705 करोड़ 71 लाख 2 हजार 333 रुपये हो जाएगा। इस तरह वित्तीय वर्ष में न घाटा होगा और न मुनाफा।
बजट में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान के बाद सड़कों के निर्माण, मरम्मत और सफाई व पेयजल व्यवस्था के संचालन में सबसे अधिक व्यय प्रस्तावित है। सफाई व्यवस्था के लिए 2023-24 के बजट में 15 करोड़ रुपये कुल व्यय का प्रावधान बढ़ाकर 18 करोड़ कर दिया गया है।
इन पार्षदों की रही भागीदारी
उप सभापति सर्वेश रस्तोगी, पार्षद मीरादेवी, निधि सक्सेना, नीरज कुमार, सागर मौर्य, सौरभ कुमार, अलीम खां सुल्तानी, सलीम पटवारी, गरिमा अग्रवाल, आरेंद्र सिंह व रामपाल गंगवार की भागीदारी रही। अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह, सुनील यादव भी मौजूद रहे।
मद कितना खर्च किया पुनरीक्षित बजट में मिला धन
पाइप लाइनों की मरम्मत 3.60 करोड़ 7 करोड़
सफाई व्यवस्था 6.57 करोड़ 18 करोड़
निगम निधि से सड़कों के लिए 6.93 करोड़ 30 करोड़
15वें वित्त आयोग (अनटाइड फंड) से सड़कों पर 1.66 करोड़ 34 करोड़
मुख्यमंत्री ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट स्कीम 00 20 करोड़
ये होगा खास
नगर निगम 30 करोड़ रुपये लागत की सड़कों के लिए टेंडर निकालेगा।
बजट की कमी से अधूरी सड़कों को पूरा करने पर खर्च होंगे 34 करोड़।
शहर के 130 पार्कों को सजाने संवारने पर दो करोड़ रुपये व्यय करेगा।
दस करोड़ रुपये की लागत से शहर में हरियाली को दिया जाएगा बढ़ावा ।
ये भी लिए गए फैसले
- 800 ड्रम दूध डेयरियों के बाहर रखे जाएंगे ताकि गोबर नाली में न बहाया जाए। गोबर से खाद बनाने के लिए निजी फर्म से नगर आयुक्त बात करेंगी।
- परसाखेड़ा गोटिया गोकुलपुर में सड़क बनाने के लिए जमीन खरीदी जाएगी। भूमि अधिग्रहण पर 2 करोड़ रुपये व्यय के प्रावधान को पुनरीक्षत बजट में भी मंजूरी दी गई।
- नई दूध डेयरियों को शहरी सीमा क्षेत्र मेंं स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। बीडीए से नगर निगम कैटिल कॉलोनी विकसित कराएगा। कैटिल कॉॅलोनी या शहर की सीमा से बाहर ही डेयरी बन सकेंगी।
- सड़क पर डेयरी संचालित करने वालों के पशु पकड़े जाएंगे। अतिक्रमण हटाओ दस्ता कार्रवाई करेगा। 20 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। कान्हा उपवन में रखे गए गोवंशीय पशुओं पर 50 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे।
- स्वच्छ भारत मिशन में 19 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान है। इससे कूड़ा निस्तारण के लिए संसाधन खरीदे जाएंगे। 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनेंगे।
- जीआई टैगिंग के साथ शहर के भवनों में मकान नंबर भी पड़ेंगे। शहर की प्रकाश व्यवस्था ठीक करने के लिए लाइटें खरीदी जाएंगी।
- गृहकर, जलकर वसूली को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल एप बनेगा। ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया का भुगतान होगा।
नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि डेयरी का गोबर नालियों में न जाने पाए, इसके लिए नगर निगम कदम उठाएगा। पार्षद सहयोग प्रदान करें। ठेकेदारों का पुराना भुगतान किया जाएगा। इसके बाद भी अगर ठेकेदार अधूरे काम को पूरा नहीं करते हैं तो संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।