फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   RRC prepared with two crore rupees, yet garbage remains heaped in the villages

Bareilly News: दो करोड़ से आरआरसी तैयार, फिर भी गांवों में कूड़े का अंबार

Fri, 19 Sep 2025 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:56 AM IST
विज्ञापन
RRC prepared with two crore rupees, yet garbage remains heaped in the villages
ग्राम पंचायत मानपुर पूर्वी के मजरा मनु नगर में स्थित आर आर सी। संवाद
शेरगढ़। जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में दो करोड़ की अधिक की लागत से रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बनाए गए। उनमें से आधे से अधिक कागजों में चल रहे हैं। इनका संचालन करने में प्रधान और सचिव रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में पंचायती राज विभाग को इनका संचालन कराना एक चुनौती बन गया है। ब्लॉक के अधिकांश सेंटरों में ताले लटके पड़े हैं। इससे गांवों में कूड़े बिखरे पड़े हैं।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ब्लॉक की 89 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस में रखा गया है। इन गांवों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करने के लिए 88 ग्राम पंचायतों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनाए गए हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों को लाखों की धनराशि भी आवंटित की जा चुकी है। उनमें सोकपिट, खाद के गड्ढे भी बना दिए गए हैं। तमाम ग्राम पंचायतों में कूड़ा लेने के लिए गाड़ी खरीदी जा चुकी हैं। सभी कार्य पूर्ण होने के बाद भी इनका संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि पंचायती राज अधिकारी द्वारा गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही ग्राम प्रधान और सचिवों को इनका संचालन शुरू करने को आदेशित भी कर चुके हैं। इसके बाद भी प्रधान और जिम्मेदार इनके संचालन के लिए बिल्कुल रुचि नहीं ले रहें हैं।
विज्ञापन


आमदनी का जरिया बन सकते हैं
सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे आरआरसी ग्राम पंचायतों की आमदनी का जरिया बन सकते हैं। गांवों में निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों से वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद बनाई जानी है। इसका उपयोग खेतों में किया जाएगा। इन सेंटरों पर बनने वाली वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद की बिक्री करने से कर्मचारियों का मानदेय भी निकलेगा और ग्राम पंचायतों की आमदनी बढ़ेगी, लेकिन इन झंझटों से बचने के लिए प्रधान और जिम्मेदार इनका संचालन करने से बच रहे हैं। ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत बिहारीपुर इस्तमरार में जगह न मिल पाने के कारण आरआरसी सेंटर का निर्माण नहीं हो सका है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
बंद पड़े सेंटरों को सक्रिय किया जाएगा : बीडीओ
एडीओ पंचायत राजीव शर्मा ने बताया कि 88 सेंटरों में ज्यादातर चल रहे। बाकी बचे सेंटरों को भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी कौशल गुप्ता ने बताया कि बंद पड़े सेंटरों को सक्रिय किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed