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एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण के रिकार्ड वापस मांगे
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बरेली। बरेली-मथुरा हाईवे के वापस पीडब्ल्यूडी के पास चले जाने से एनएचएआई ने प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण संबंधी रिकार्ड मांगे हैं। बदायूं और बरेली जिलों में इस हाईवे को चौड़ा करने के लिए एनएचएआई ने पहले विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) को जमीनों के अभिलेख दिए गए थे, जिन्हें वापस लिया जा रहा है। एनएचएआई अफसरों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के सभी दस्तावेज राज्य को सौंप दिए जाएंगे।
पिछले साल यह हाईवे एनएचएआई के पास चला गया था। इसके बाद इसे चौड़ा करने और आबादी वाले इलाकों में फ्लाईओवर-ओवरब्रिज बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा था। रोड के दोनों ओर जमीन का अधिग्रहण करने के लिए बरेली और बदायूं जिले में 113 गांवों के गाटा संख्या सहित अन्य संबंधित अभिलेख जिला प्रशासन को सौंपे गए थे। एसएलएओ मदन कुमार ने अधिग्रहण की कार्यवाही भी शुरू कर दी, लेकिन कुछ दिन पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाईवे को पीडब्ल्यूडी को वापस कर दिया है। इसके बाद एनएचएआई ने भी प्रशासन से भूमि अधिग्रहण संबंधी रिकार्ड भी वापस मांग लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट संबंधी सभी अभिलेख पीडब्ल्यूडी को देने के लिए राज्य सरकार को वापस कर दिए जाएंगे। एसएलएओ मदन कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
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पिछले साल यह हाईवे एनएचएआई के पास चला गया था। इसके बाद इसे चौड़ा करने और आबादी वाले इलाकों में फ्लाईओवर-ओवरब्रिज बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा था। रोड के दोनों ओर जमीन का अधिग्रहण करने के लिए बरेली और बदायूं जिले में 113 गांवों के गाटा संख्या सहित अन्य संबंधित अभिलेख जिला प्रशासन को सौंपे गए थे। एसएलएओ मदन कुमार ने अधिग्रहण की कार्यवाही भी शुरू कर दी, लेकिन कुछ दिन पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाईवे को पीडब्ल्यूडी को वापस कर दिया है। इसके बाद एनएचएआई ने भी प्रशासन से भूमि अधिग्रहण संबंधी रिकार्ड भी वापस मांग लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट संबंधी सभी अभिलेख पीडब्ल्यूडी को देने के लिए राज्य सरकार को वापस कर दिए जाएंगे। एसएलएओ मदन कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
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