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दिल्ली-मुंबई से फल-सब्जी के ट्रकों में छिपकर आ रहे लोगों से संक्रमण का खतरा

Thu, 30 Apr 2020 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 02:07 AM IST
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Risk of infection from people hiding in fruit-vegetable trucks from Delhi-Mumbai
डेलापीर मंडी में महाराष्ट्र से आया पपीता ट्रक से उतारती लेबर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

दिल्ली की आजादपुर मंडी की तरह डेलापीर में भी होती है सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही
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प्रशासन के पास बाहरी लोगों का नहीं कोई रिकॉर्ड, क्वारंटीन न होने से वायरस फैलने का डर

बरेली। मुंबई के हॉटस्पॉट एरिया से अंगूर के ट्रक में छिपकर बरेली की डेलापीर मंडी तक पहुंचे शहबाजपुर गांव के कोरोना संक्रमित युवक की कहानी ने एक बड़े खतरे की ओर साफ इशारा कर दिया है। दरअसल, दिल्ली-मुंबई से फल-सब्जी लेकर ट्रक लगातार बरेली आ रहे हैं और उनमें छिपकर तमाम लोग भी। इन लोगों से संक्रमण फैलने का खतरा इसलिए और बड़ा माना जा रहा है क्योंकि छिपकर आने वाले इन लोगों पर न पुलिस-प्रशासन की नजर है न उनकी जांच हो रही है।
दिल्ली की आजादनगर मंडी में काफी संख्या में कोरोना संक्रमितों का मिलना इस बात का संकेत है कि सब्जी और फल मंडियों में खतरा कहीं ज्यादा है। लॉकडाउन में जिले की सीमाओं पर तो चौकसी बढ़ाई गई है लेकिन सब्जी-फल जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में लगे भारी वाहनों की निगरानी का कोई खास इंतजाम नहीं है, लिहाजा कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। फल-सब्जी के साथ जरूरी चीजें लेकर दिल्ली, मुंबई, राजस्थान समेत कई संवेदनशील राज्यों से बरेली आने वाले ट्रकों की जिले की सीमा पर कड़ाई से चेकिंग नहीं हो रही। इन राज्यों से सबसे ज्यादा ट्रक हर दिन डेलापीर फल और सब्जी मंडी में पहुंच रहे हैं। पैसे के लालच में ड्राइवर लोगों को भी ट्रकों में छिपाकर ला रहे हैं। प्रशासन इस खतरे से कितना बेखबर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके पास ऐसे लोगों का कोई रिकॉर्ड नहीं है और ये लोग बगैर क्वारंटीन हुए सीधे अपने घर पहुंच रहे हैं।
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पैदल और साइकिल से आने वाले भी कम नहीं

दिल्ली हाईवे के साथ दूसरी सड़कों से आ रहे लोगों की तो सीमा पर चेकिंग हो रही है लेकिन पैदल या साइकिल से आ रहे लोग मुख्य सड़क के बजाय छोटे रास्ते और संपर्क मार्गों से जिले में दाखिल हो रहे हैं। इनकी न जांच हो रही है न इन्हें क्वारंटीन किया जा पा रहा है। बता दें कि काफी दिन पहले प्रशासन ने बाहर से 14500 लोगों के आने का रिकॉर्ड तैयार किया था, लेकिन यह आंकड़ा अब तक जहां के तहां है।
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पपीता और अंगूर जरा संभलकर.. कर्नाटक, नासिक, महाराष्ट्र, दिल्ली होते हुए बरेली पहुंच रहे ट्रक

बरेली। डेलापीर मंडी में कर्नाटक से पपीता और महाराष्ट्र से अंगूर की बड़े पैमाने पर आवक हो रही है। कर्नाटक से चलने वाले ट्रक महाराष्ट्र और दिल्ली होते हुए बरेली पहुंच रहे हैं। यूपी में इन ट्रकों की कहीं चेकिंग नहीं हो रही है।
कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र है फिर भी महाराष्ट्र और कर्नाटक का पपीता डेलापीर मंडी में लगातार आ रहा है। नासिक से अंगूर भी आ रहे हैं। यही पपीता और अंगूर जिले भर में सप्लाई हो रहे हैं। बुधवार को यहां एक आढ़त पर कर्नाटक से पपीता लेकर ट्रक पहुंचा जो महाराष्ट्र होते हुए आया था। ट्रक ड्राइवर शाहिद ने बताया कि छह दिन पहले वह कर्नाटक से पपीता लेकर महाराष्ट्र आया था। कर्नाटक से महाराष्ट्र और फिर दिल्ली तक तीन-चार जगह चेकिंग हुई पर बाद में चेकिंग नहीं हुई। यूपी में उसे किसी नाके पर नहीं रोका गया।

पुलिस मंडी परिसर की बाहरी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस लगाई गई है। व्यापारिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप करना सही नहीं है। हमने मंडी के अधिकारियों से कहा है कि वे दो से ज्यादा लोगों को ट्रक के साथ अंदर न जाने दें। कुछ भी संदिग्ध मिलने पर सूचना दें। - अभिषेक वर्मा, एएसपी

सब्जी-राशन के ट्रकों से आ रहा प्रतिबंधित सामान

बरेली। फल-सब्जी, राशन और दवा जैसी अति आवश्यक चीजों के साथ ट्रकों में व्यापारी दूसरे शहरों से चोरी-छिपे गैरजरूरी सामान भी मंगवा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों की सांठगांठ से यह खेल चल रहा है। इस पर भी प्रशासन की ओर से कोई निगरानी नहीं हो रही है।
हर दिन दिल्ली समेत दूसरे कई राज्यों से भारी संख्या में आवश्यक वस्तुएं लेकर ट्रक बरेली में दाखिल हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कई ट्रांसपोर्टर और व्यापारी इन ट्रकों में आवश्यक वस्तुओं के साथ प्रतिबंधित सामान भी मंगा रहे हैं। ये आइटम ऐसे लोड किए जाते हैं कि ट्रक को पूरी तरह खाली किए बगैर उन्हें पकड़ना मुमकिन नहीं है।

उत्तराखंड से रेत-बजरी के ट्रक भी आएंगे

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उत्तराखंड से रेत-बजरी लेकर दो से ढाई हजार ट्रकों को रोजाना आवागमन होता है। चूंकि फिलहाल बार्डर पर सख्ती है और स्टोन क्रशर बंद होने के साथ निर्माण कार्यों पर भी रोक थी, लिहाजा ट्रकों की आवाजाही बंद थी। अब चूंकि सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी सहित दूसरी निर्माण इकाइयों की परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, इसलिए अब उत्तराखंड से भी ट्रकों की आवाजाही को परमिशन देने की तैयारी है।
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