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किसानों पर लगी धारा 302 हटाएं और पीड़ित परिवारों को दें शस्त्र लाइसेंस

Thu, 05 May 2022 11:40 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:40 PM IST
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Remove section 302 on farmers and give arms license to the victims' families
आपस में मंत्रणा करते राकेश टिकैत।
राकेश टिकैत के नेतृत्व में डीएम-एसपी से मिले किसान नेताओं ने की टेनी पर कार्रवाई की मांग
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सरकारी नौकरी दिलाने की मांग कर डीएम बोले- चीनी मिल में दिलाई जा सकती है नौकरी
लखीमपुर खीरी। संयुक्त किसान मोर्चा का एक प्रतिनिधि मंडल किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में डीएम और एसपी से मिला। पंजाब से आए किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कई मांगें जिला प्रशासन के सामने रखीं। मृतक किसानों के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने, धारा 302 हटाने और घायल किसानों को मुआवजा देने और उन्हें शस्त्र लाइसेंस देन की मांग उठाई। इस पर डीएम ने कहा कि चीनी मिल में नौकरी दिलाई जा सकती है, लेकिन सरकारी नौकरी की बात नहीं हुई थी।
दोपहर करीब दो बजे कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने करीब एक घंटे तक डीएम और एसपी से वार्ता की। सबसे पहले एसपी संजीव सुमन ने मोर्चा संभाला। एसपी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित रिटायर जज की देखरेख में जांच पूरी हुई। उसके बाद ही कार्रवाई हुई है।
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गवाह पर कथित हमले के मामले में एसपी ने कहा कि 10 मार्च 2022 को तिकुनिया क्षेत्र में ट्रैक्टर पर बैठकर गवाह दिलजोत सिंह कहीं जा रहे थे। रास्ते में भाजपा का झंडा लगी गाड़ी पर सवार कुछ लोग रंग खेल रहे थे, जहां पर ट्रैक्टर निकालने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद के बाद मारपीट हुई थी। एसपी ने बताया कि जबरन एफआईआर में तिकुनिया हिंसा से मामले को जोड़ा गया।
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किसान नेताओं के सवाल पर एसपी के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने जिला प्रशासन के स्तर की समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ मांगों के निस्तारण के लिए सुप्रीम कोर्ट व प्रदेश शासन के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए कहा।
किसान नेता राकेश टिकैत ने गवाहों के द्वारा गनर वापस करने की मांग को रखा। जवाब में डीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गवाहों को गनर उपलब्ध कराए गए हैं। इसलिए गवाहों को सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यावेदन डालने का सुझाव दिया। डीएम ने मृतक किसानों के परिजन को सरकारी नौकरी देने के सवाल पर कहा कि लोकल स्तर पर रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकारी नौकरी देने की बात नहीं कही गई थी। इसलिए चीनी मिल में नौकरी दिलाने के लिए परिजन से वार्ता की थी, लेकिन किसी ने आवेदन नहीं किया। डीएम ने कहा कि सरकारी नौकरी और घायल किसानों को मुआवजा देने के लिए शासन स्तर से वार्ता करें।

डीएम ने बताया कि गवाहों को गनर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उन्हें शस्त्र लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई मृतक किसान के परिजन शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो जांचोपरांत उन्हें लाइसेंस जारी किया जाएगा। घायलों को मुआवजा न मिलने के सवाल पर डीएम ने कहा कि तत्कालीन डीएम ने मुआवजा देने के लिए फाइल शासन के पास भेज दी थी। इसलिए शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाना है। उन्होंने किसान नेताओं से कहा कि इसके लिए होम सेक्रेटरी से वार्ता कर सकते हैं। प्रतिनिधि मंडल में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश से आए किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे।
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