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Bareilly News: बजट मिले तो शुरू हो रामगंगा बैराज का बचा काम
Wed, 14 Oct 2026 01:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:36 AM IST
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बरेली। बरेली और बदायूं के किसानों को नहर से सिंचाई की सुविधा देने के लिए रामगंगा नदी पर बनाया जा रहा बैराज अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट पर 630 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। 1,554 करोड़ रुपये और मांगे गए हैं। यह बजट मिलने के बाद जमीन खरीदने के साथ ही अन्य कार्यों को कराया जाएगा। हालांकि, बैराज की डिजाइन में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
बरेली की सदर एवं आंवला और बदायूं की दातागंज तहसील में 37453 हेक्टेअर जमीन को सिंचाई की सुविधा देने के लिए शासन ने 2012 में बदायूं सिंचाई परियोजना मंजूर की थी। इसमें रामगंगा नदी पर बैराज निर्माण के अलावा उससे निकलने वाली 15.60 किलोमीटर की मुख्य कैनाल के निर्माण का प्रस्ताव था। मुख्य कैनाल से चंपतपुर और बरखेड़ा ब्रांच जिनकी लंबाई 34 और 39 किलोमीटर है, को निकाला जाना है। इसके साथ ही 900 से ज्यादा पुल और पुलिया के निर्माण जैसे पक्के कामों को किया जाएगा।
मुख्य कैनाल समेत मेन ब्रांच और छोटी रजवाह नहरों में 414 किलोमीटर लंबाई के सापेक्ष मात्र 57 किलोमीटर ही बन पाई हैं। इस परियोजना का काम वर्ष 2019 में बजट खत्म होने के बाद रोक दिया गया था। अभी तक करीब 57 किमी की नहरों को भी खोदा जा चुका है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरेली और बदायूं के करीब 343 गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
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बढ़े बजट का प्रस्ताव अब तक मंजूर नहीं पहले परियोजना की लागत 630.04 करोड़ थी। प्रोजेक्ट में देरी होने पर लागत बढ़ाकर 2,184 करोड़ बजट देने का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। अब तक न तो बजट को मंजूरी मिली है, न ही रुका हुआ काम शुरू हो पाया।
वर्जन :
बैराज के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इसकी डिजाइन में बदलाव की कोई योजना नहीं है। बजट मिलने के बाद शेष काम पूरा कराया जाएगा। - धर्मेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता, बदायूं सिंचाई परियोजना
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बरेली की सदर एवं आंवला और बदायूं की दातागंज तहसील में 37453 हेक्टेअर जमीन को सिंचाई की सुविधा देने के लिए शासन ने 2012 में बदायूं सिंचाई परियोजना मंजूर की थी। इसमें रामगंगा नदी पर बैराज निर्माण के अलावा उससे निकलने वाली 15.60 किलोमीटर की मुख्य कैनाल के निर्माण का प्रस्ताव था। मुख्य कैनाल से चंपतपुर और बरखेड़ा ब्रांच जिनकी लंबाई 34 और 39 किलोमीटर है, को निकाला जाना है। इसके साथ ही 900 से ज्यादा पुल और पुलिया के निर्माण जैसे पक्के कामों को किया जाएगा।
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मुख्य कैनाल समेत मेन ब्रांच और छोटी रजवाह नहरों में 414 किलोमीटर लंबाई के सापेक्ष मात्र 57 किलोमीटर ही बन पाई हैं। इस परियोजना का काम वर्ष 2019 में बजट खत्म होने के बाद रोक दिया गया था। अभी तक करीब 57 किमी की नहरों को भी खोदा जा चुका है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरेली और बदायूं के करीब 343 गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
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बढ़े बजट का प्रस्ताव अब तक मंजूर नहीं पहले परियोजना की लागत 630.04 करोड़ थी। प्रोजेक्ट में देरी होने पर लागत बढ़ाकर 2,184 करोड़ बजट देने का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। अब तक न तो बजट को मंजूरी मिली है, न ही रुका हुआ काम शुरू हो पाया।
वर्जन :
बैराज के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इसकी डिजाइन में बदलाव की कोई योजना नहीं है। बजट मिलने के बाद शेष काम पूरा कराया जाएगा। - धर्मेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता, बदायूं सिंचाई परियोजना