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उर्स शराफती: कुल में न आएं आसपास जायरीन
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उर्स शराफती: कुल में न आएं आसपास जायरीन
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। अयोध्या मामले में फैसले को लेकर उर्स शाह शराफत के शनिवार को कुल में आने वाले आसपास के जायरीन को मना कर दिया गया है। साथ ही शांति और सौहार्द की अपील भी की है।
इस संबंध में खानकाह शाह शराफत मियां के प्रबंधक अल्हाज मुमताज मियां ने अपील जारी कर दी है। साथ ही मुरादाबाद, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत व अन्य शहरों को मैजेज भी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुल शरीफ में लाखों जायरीन का मजमा होता है। जिनकों एहतिहात के तौर पर बरेली न आने से रोक दिया गया है। उनसे कहा है कि वह अपने अपने क्षेत्र या घरों में ही कुल शरीफ की रस्म अदा कर लें। अयोध्या फैसले के संबंध में तमाम देश वासियों से गुजारिश की है कि किसी भी धर्म या किसी भी जाति से ताल्लुक रखे वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दिल से कुबूल करें। आपस में अमन भाईचारा कायम रखें।
ॎ अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए। खासतौर से मुसलमानों को चाहिए कि वे अगर फैसला हक में आए तो शुक्र अदा करें और न आए तो सब्र करें। किसी भी सूरत में सड़कों पर आनेे की जरूरत नहीं है, न ही किसी के भड़कावे में आएं और न अफवाहों पर ध्यान दें। - मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी, सज्जादानशीन दरगाह आला हजरत, बरेली।
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ॎ अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आए उसे कुबूल करना चाहिए। अमन बरकरार रहे, आपसी भाईचारा बना रहे यही कोशिश सभी की होनी चाहिए। मुल्क की तरक्की और भविष्य के बारे में सोचने की जरूरत है। जो जिम्मेदार लोग हैं, वे अपने अपने तौर पर माहौल को खुशगवार बनाने का प्रयास करें और कोई भी बदअमनी न होने दें। - शब्बू मियां नियाजी, प्रबंधक खानकाह नियाजिया, बरेली।
ॎ अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आए उसका एहतराम करें। अमन-ओ-अमान बनाए रखें। हमारे मजहब ने हमें दो विकल्प दिए हैं। खुशी हो तो शुक्र करें और तकलीफ हो तो सब्र करें। इसी पर अमल होना चाहिए। शनिवार को पुराना शहर में जुलूसे मोहम्मदी है। प्रशासन को उधर खास तवज्जो देने की जरूरत है। - मौलाना तौकीर रजा खां, राष्ट्रीय अध्यक्ष, इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) बरेली।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। सभी लोग अमन और शांति बनाए रखें और असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें। अयोध्या पर जो भी फैसला आए उसे कुबूल करने के लिए तैयार रहें। कोर्ट जो भी फैसला दे, मुसलमान उस पर अमल करें। उनके संगठन के उलमा भी अमन के लिए निगारानी रखेंगे। - मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, महासचिव तंजीम उलमा इस्लाम, बरेली।
ॎ सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को मानना चाहिए। मुझे लगता है ऐसा ही होगा इसके लिए शांतिपूर्ण स्थिति है, कहीं कोई भेदभाव नजर नहीं आता। अयोध्या के फैसले को सभी स्वीकार करेंगे। प्रशासन अलर्ट है, वह व्यवस्था का हिस्सा है, मगर सब ठीक रहेगा ऐसी कामना करते हैं। - रवि छाबड़ा, सचिव श्री हरि मंदिर कमेटी, बरेली।
ॎ देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है,। अयोध्या पर जो भी फैसला आएगा वह मान्य होगा। सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, बिना किसी भेदभाव के इंसाफ करेगा। बरेली शहर गंगा जमुनी संस्कृति का शहर है। ऐसे में सभी से प्रेम और सौहार्द की अपील करते हैं। देश की एकता, अखंडता सबसे पहले है। - संजीव औतार अग्रवाल, प्रतिनिधि श्री त्रिवटी नाथ मंदिर, बरेली।
ॎ अयोध्या पर फैसला आ रहा है, इसे सभी को स्वीकारना चाहिए। बरेली में अमन रहे इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ता हर हाल में सौहार्द बनाने के लिए आगे रहेंगे। कांग्रेसी अहिंसा के पुजारी हैं। वैसे भी बरेली गंगा जमुनी तहजीब का शहर है। यहां के लोग आपसी भाई चारे और सौहार्द के अलमबरदार हैं। - रामदेव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी, बरेली।
बरेली। अयोध्या मामले में शहर के विभिन्न संगठनों ने शनिवार को आ रहे फैसले पर अमन और भाईचारे की अपील की है। इसमें खासतौर से पैगाम इमाम हुसैन सामाजिक संस्था की ओर से महासचिव ताहिर अली खां के निवास पर फातेहा के बाद देश में अमन चैन की दुआ की गई। अध्यक्ष हकीम आहिद हुसैन ने सभी से अमन चैन की अपील की है।
आला हजरत ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहतिशिम रजा खां ने कहा है कि अयोध्या पर जो भी फैसला आए हम सभी को मानना चाहिए। अमन और इत्तेहाद हरहाल में कायम रखें। कर्बला कमेटी के अध्यक्ष खलील अहमद और डॉ. सरताज हुसैन, मुस्लिम मजलिस के इदरीस करम इदरीसी, अंजुमन आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी के शानू काजमी ने भी अमन और शांति बहाल रखने की अपील करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है। उसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
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इस संबंध में खानकाह शाह शराफत मियां के प्रबंधक अल्हाज मुमताज मियां ने अपील जारी कर दी है। साथ ही मुरादाबाद, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत व अन्य शहरों को मैजेज भी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुल शरीफ में लाखों जायरीन का मजमा होता है। जिनकों एहतिहात के तौर पर बरेली न आने से रोक दिया गया है। उनसे कहा है कि वह अपने अपने क्षेत्र या घरों में ही कुल शरीफ की रस्म अदा कर लें। अयोध्या फैसले के संबंध में तमाम देश वासियों से गुजारिश की है कि किसी भी धर्म या किसी भी जाति से ताल्लुक रखे वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दिल से कुबूल करें। आपस में अमन भाईचारा कायम रखें।
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ॎ अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए। खासतौर से मुसलमानों को चाहिए कि वे अगर फैसला हक में आए तो शुक्र अदा करें और न आए तो सब्र करें। किसी भी सूरत में सड़कों पर आनेे की जरूरत नहीं है, न ही किसी के भड़कावे में आएं और न अफवाहों पर ध्यान दें। - मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी, सज्जादानशीन दरगाह आला हजरत, बरेली।
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ॎ अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आए उसे कुबूल करना चाहिए। अमन बरकरार रहे, आपसी भाईचारा बना रहे यही कोशिश सभी की होनी चाहिए। मुल्क की तरक्की और भविष्य के बारे में सोचने की जरूरत है। जो जिम्मेदार लोग हैं, वे अपने अपने तौर पर माहौल को खुशगवार बनाने का प्रयास करें और कोई भी बदअमनी न होने दें। - शब्बू मियां नियाजी, प्रबंधक खानकाह नियाजिया, बरेली।
ॎ अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आए उसका एहतराम करें। अमन-ओ-अमान बनाए रखें। हमारे मजहब ने हमें दो विकल्प दिए हैं। खुशी हो तो शुक्र करें और तकलीफ हो तो सब्र करें। इसी पर अमल होना चाहिए। शनिवार को पुराना शहर में जुलूसे मोहम्मदी है। प्रशासन को उधर खास तवज्जो देने की जरूरत है। - मौलाना तौकीर रजा खां, राष्ट्रीय अध्यक्ष, इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) बरेली।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। सभी लोग अमन और शांति बनाए रखें और असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें। अयोध्या पर जो भी फैसला आए उसे कुबूल करने के लिए तैयार रहें। कोर्ट जो भी फैसला दे, मुसलमान उस पर अमल करें। उनके संगठन के उलमा भी अमन के लिए निगारानी रखेंगे। - मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, महासचिव तंजीम उलमा इस्लाम, बरेली।
ॎ सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को मानना चाहिए। मुझे लगता है ऐसा ही होगा इसके लिए शांतिपूर्ण स्थिति है, कहीं कोई भेदभाव नजर नहीं आता। अयोध्या के फैसले को सभी स्वीकार करेंगे। प्रशासन अलर्ट है, वह व्यवस्था का हिस्सा है, मगर सब ठीक रहेगा ऐसी कामना करते हैं। - रवि छाबड़ा, सचिव श्री हरि मंदिर कमेटी, बरेली।
ॎ देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है,। अयोध्या पर जो भी फैसला आएगा वह मान्य होगा। सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, बिना किसी भेदभाव के इंसाफ करेगा। बरेली शहर गंगा जमुनी संस्कृति का शहर है। ऐसे में सभी से प्रेम और सौहार्द की अपील करते हैं। देश की एकता, अखंडता सबसे पहले है। - संजीव औतार अग्रवाल, प्रतिनिधि श्री त्रिवटी नाथ मंदिर, बरेली।
ॎ अयोध्या पर फैसला आ रहा है, इसे सभी को स्वीकारना चाहिए। बरेली में अमन रहे इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ता हर हाल में सौहार्द बनाने के लिए आगे रहेंगे। कांग्रेसी अहिंसा के पुजारी हैं। वैसे भी बरेली गंगा जमुनी तहजीब का शहर है। यहां के लोग आपसी भाई चारे और सौहार्द के अलमबरदार हैं। - रामदेव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी, बरेली।
अयोध्या पर विभिन्न संगठनों की अपील
बरेली। अयोध्या मामले में शहर के विभिन्न संगठनों ने शनिवार को आ रहे फैसले पर अमन और भाईचारे की अपील की है। इसमें खासतौर से पैगाम इमाम हुसैन सामाजिक संस्था की ओर से महासचिव ताहिर अली खां के निवास पर फातेहा के बाद देश में अमन चैन की दुआ की गई। अध्यक्ष हकीम आहिद हुसैन ने सभी से अमन चैन की अपील की है।
आला हजरत ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहतिशिम रजा खां ने कहा है कि अयोध्या पर जो भी फैसला आए हम सभी को मानना चाहिए। अमन और इत्तेहाद हरहाल में कायम रखें। कर्बला कमेटी के अध्यक्ष खलील अहमद और डॉ. सरताज हुसैन, मुस्लिम मजलिस के इदरीस करम इदरीसी, अंजुमन आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी के शानू काजमी ने भी अमन और शांति बहाल रखने की अपील करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है। उसे स्वीकार किया जाना चाहिए।