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रामगंगा तीरे बस गया तंबुओं का शहर, हवन-पूजन के साथ मेला शुरू
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रामगंगा तीरे बस गया तंबुओं का शहर, हवन-पूजन के साथ मेला शुरू
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। रामगंगा के तट पर लगने वाले प्रसिद्ध चौबारी मेले का शुक्रवार को शुभारंभ हो गया। बिथरी चैनपुर विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, डीएम नितीश कुमार और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने हवन-पूजन कर विधिवत मेले की शुरूआत की। आसमान में गुब्बारे छोड़े और कबूतर उड़ाकर शांति-सद्भाव का संदेश दिया। रामगंगा के तट पर 16 नवंबर तक मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें बरेली और आसपास जिलों के लाखों लोग शामिल होंगे।
शुभारंभ के बाद विधायक ने अधिकारियों के साथ मेले का निरीक्षण किया। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल और वहां लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों को देखा। व्यवस्था में लगे लोगों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। यहां बच्चों के लिए आसमानी झूला, हिलोरें खाती नाव, ब्रेक डांस झूला तैयार कर लिए गए हैं। इसके अलावा खिलौनों की दुकानों के साथ ही चाट भंडार भी सज गए हैं। गृहणियों के लिए भी घरेलू सामान जैसे सिल बट्टा, कढ़ाई, बेलन समेत अन्य चीजें भी बाजार में सज गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल भी तैनात है। मेले के मार्ग पर लाइट की व्यवस्था भी हो गई है। इसके अलावा देर शाम प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र में मच्छरों से निजात के लिए फागिंग कराई। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर डीएम, एसएसपी से लेकर अन्य अधिकारियों और फोर्स के लिए तंबू तैयार कर दिए गए हैं।
12 नंवबर को मुख्य स्नान पर्व
मेले में जनपद के अलावा आसपास क्षेत्र से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार 16 नवंबर तक मेला लगा रहेगा लेकिन प्रमुख स्नान पर्व 12 नवंबर को होगा। मेला स्थल पर जगह-जगह बैरीके डिंग की गई है। तंबू लगाने का काम अभी भी जारी है।
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घोड़ों की खरीद-फरोख्त के लिए जाना जाता है मेला
चौबारी मेला शानदार घोडों की खरोद-फरोख्त के लिए जाना जाता है। मेले में दूरदराज से लोग घोड़े खरीदने और बेचने के लिए आते है। इसके साथ ही मेले में घुड़दौड़ का भी आयोजन किया जाता है।
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शुभारंभ के बाद विधायक ने अधिकारियों के साथ मेले का निरीक्षण किया। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल और वहां लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों को देखा। व्यवस्था में लगे लोगों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। यहां बच्चों के लिए आसमानी झूला, हिलोरें खाती नाव, ब्रेक डांस झूला तैयार कर लिए गए हैं। इसके अलावा खिलौनों की दुकानों के साथ ही चाट भंडार भी सज गए हैं। गृहणियों के लिए भी घरेलू सामान जैसे सिल बट्टा, कढ़ाई, बेलन समेत अन्य चीजें भी बाजार में सज गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल भी तैनात है। मेले के मार्ग पर लाइट की व्यवस्था भी हो गई है। इसके अलावा देर शाम प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र में मच्छरों से निजात के लिए फागिंग कराई। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर डीएम, एसएसपी से लेकर अन्य अधिकारियों और फोर्स के लिए तंबू तैयार कर दिए गए हैं।
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12 नंवबर को मुख्य स्नान पर्व
मेले में जनपद के अलावा आसपास क्षेत्र से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार 16 नवंबर तक मेला लगा रहेगा लेकिन प्रमुख स्नान पर्व 12 नवंबर को होगा। मेला स्थल पर जगह-जगह बैरीके डिंग की गई है। तंबू लगाने का काम अभी भी जारी है।
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घोड़ों की खरीद-फरोख्त के लिए जाना जाता है मेला
चौबारी मेला शानदार घोडों की खरोद-फरोख्त के लिए जाना जाता है। मेले में दूरदराज से लोग घोड़े खरीदने और बेचने के लिए आते है। इसके साथ ही मेले में घुड़दौड़ का भी आयोजन किया जाता है।