{"_id":"5d6d86598ebc3e01557e58e5","slug":"religion-bareilly-news-bly3746605199","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में निकला जोगियों का तखत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में निकला जोगियों का तखत
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बरेली। अजादारी के सिलसिले में दूसरी मोहर्रम पर जोगियों के तखत का जुलूस निकाला गया। शहर के मशहूर और पुराने जुलूस में बड़ी तादात में लोग शामिल हुए।
यह जुलूस आजमनगर के इमामबाड़े से शुरू हुआ। जो कुतुबखाना बांस मंडी आदि इलाकों से होता हुआ शाहबाद पहुंचा। जहां से बृह्मपुरा बांसमंडी आदि इलाकों से धूमता हुआ मंगलवार को अपने आजमनगर के इमामबाड़े पर पहुंच कर संपन्न होगा। इस दौरान तखत के जुलूस में बैंड और ढोल की धुन पर या हुसैन सदाएं बुलंद करते लोग चलते रहे। तखत के इस जुलूस का रास्ते में कई जगहों पर स्वागत भी किया गया।
पुराना शहर में भी हुई मजलिसें
बरेली। शहीदाने कर्बला की याद में चल रही मजलिसों की कड़ी में पुराना शहर में भी कई जगहों पर मजलिसें आयोजित की गई। इसमें खास तौर से मीरा की पैठ के इमामबाड़ा सैयद मुजफ्फर हुसैन में मौलाना सैयद एजाज हैदर अमरोहवी ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने जंगे कर्बला का वर्णन करते हुए बच्चों की उच्च शिक्षा और तकनीकि तालीम पर भी जोर दिया।
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यह जुलूस आजमनगर के इमामबाड़े से शुरू हुआ। जो कुतुबखाना बांस मंडी आदि इलाकों से होता हुआ शाहबाद पहुंचा। जहां से बृह्मपुरा बांसमंडी आदि इलाकों से धूमता हुआ मंगलवार को अपने आजमनगर के इमामबाड़े पर पहुंच कर संपन्न होगा। इस दौरान तखत के जुलूस में बैंड और ढोल की धुन पर या हुसैन सदाएं बुलंद करते लोग चलते रहे। तखत के इस जुलूस का रास्ते में कई जगहों पर स्वागत भी किया गया।
पुराना शहर में भी हुई मजलिसें
बरेली। शहीदाने कर्बला की याद में चल रही मजलिसों की कड़ी में पुराना शहर में भी कई जगहों पर मजलिसें आयोजित की गई। इसमें खास तौर से मीरा की पैठ के इमामबाड़ा सैयद मुजफ्फर हुसैन में मौलाना सैयद एजाज हैदर अमरोहवी ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने जंगे कर्बला का वर्णन करते हुए बच्चों की उच्च शिक्षा और तकनीकि तालीम पर भी जोर दिया।
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