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कानपुर से मिली शहादत तो हुआ मोहर्रम के चांद का एलान
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बरेली। दरगाह आला हजरत स्थित सुन्नी मरकजी दारुल इफ्ता ने माहे मोहर्रम के चांद का एलान कर दिया है। दो दिन बाद सोमवार को कानपुर से 29 जिलहिज्जा को चांद की शरई शहादत मिलने के बाद रविवार को पहली मोहर्रम माना गया है। तारीख का एलान काजीउल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की इजाजत से मुफ्ती नाजिम अली ने किया है।
माहे मोहर्रम का चांद शनिवार को बरेली में नजर नहीं आया था और न ही कोई शहादत आई थी। देर रात तक इसे लेकर असमंजस बना रहा। इसी बीच रात लगभग 8 बजे शिया आलिमों ने लखनऊ से मिली इत्तला पर चांद होने का एलान कर दिया। इसके बाद रात लगभग 10 बजे खानकाह नियाजिया के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी ने भी दिल्ली और लखनऊ में सुन्नी सेंटरों से तस्दीक होने पर यहां 29 के चांद का एलान कर दिया और उसी रात से ही अजादारी का सिलसिला शुरू हो गया।
इधर, सोमवार को मरकजी दारुल इफ्ता में कानपुर से मौलाना रियाज अहमद हशमती की ओर से दो गवाह काजी उल कुज्जात के नाम किताबुल काजी लेकर आए। लिहाजा काजी उल कुज्जात की गैर मौजूदगी में मुफ्ती नाजिम अली ने गवाही ली और एलान किया कि सोमवार 2 सितंबर को मुहर्रम की 2 तारीख है। मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि तारीख के एलान के हिसाब से यौमे आशुरा 10 सितंबर होगा। इधर जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने बताया कि चूंकि शनिवार 29 जिलहिज्जा को बरेली और आस पास चांद नहीं दिखा था। न ही कोई शरई शहादत मिली, लिहाजा चांद का एलान नहीं किया गया। अब चूंकि चांद की शरई शहादत मिल गई है तो चांद के एलान कर दिया गया। उन्होंने नया इस्लामी साल 1441 हिजरी शुरू होने पर लोगों को मुबारकबाद भी दी है।
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माहे मोहर्रम का चांद शनिवार को बरेली में नजर नहीं आया था और न ही कोई शहादत आई थी। देर रात तक इसे लेकर असमंजस बना रहा। इसी बीच रात लगभग 8 बजे शिया आलिमों ने लखनऊ से मिली इत्तला पर चांद होने का एलान कर दिया। इसके बाद रात लगभग 10 बजे खानकाह नियाजिया के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी ने भी दिल्ली और लखनऊ में सुन्नी सेंटरों से तस्दीक होने पर यहां 29 के चांद का एलान कर दिया और उसी रात से ही अजादारी का सिलसिला शुरू हो गया।
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इधर, सोमवार को मरकजी दारुल इफ्ता में कानपुर से मौलाना रियाज अहमद हशमती की ओर से दो गवाह काजी उल कुज्जात के नाम किताबुल काजी लेकर आए। लिहाजा काजी उल कुज्जात की गैर मौजूदगी में मुफ्ती नाजिम अली ने गवाही ली और एलान किया कि सोमवार 2 सितंबर को मुहर्रम की 2 तारीख है। मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि तारीख के एलान के हिसाब से यौमे आशुरा 10 सितंबर होगा। इधर जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने बताया कि चूंकि शनिवार 29 जिलहिज्जा को बरेली और आस पास चांद नहीं दिखा था। न ही कोई शरई शहादत मिली, लिहाजा चांद का एलान नहीं किया गया। अब चूंकि चांद की शरई शहादत मिल गई है तो चांद के एलान कर दिया गया। उन्होंने नया इस्लामी साल 1441 हिजरी शुरू होने पर लोगों को मुबारकबाद भी दी है।
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