{"_id":"60f32ba68ebc3e61ba28b320","slug":"relief-the-bottleneck-of-mobile-network-will-end-in-the-military-sector-work-will-start-bareilly-news-bly4533754116","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत: सैन्य क्षेत्र में खत्म होगी मोबाइल नेटवर्क की अड़चन, काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत: सैन्य क्षेत्र में खत्म होगी मोबाइल नेटवर्क की अड़चन, काम शुरू
विज्ञापन
कैंटोनमैंट क्षेत्र में लगाए जा रहे मोबाइल टावर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
नौ अलग-अलग स्थानों पर स्थायी टॉवर लगाने के प्रस्ताव को मुख्यालय ने दी मंजूरी
विज्ञापन
बीआई बाजार, सेंट मारिया स्कूल और युगवीणा लाइब्रेरी के सामने लग रहा टॉवर
बरेली। वर्षों से सैन्य और छावनी क्षेत्र में मोबाइल के ‘नो सिग्नल’ की समस्या अब जल्द खत्म हो जाएगी। छावनी क्षेत्र के तीन इलाकों में टॉवर लगाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक महीने भर में नौ स्थानों पर टॉवर लगाए जाएंगे। इसके 15 दिन बाद टेलीकॉम कंपनियों की ओर से नेटवर्क का काम होने के बाद सिग्नल मिलने लगेंगे।
शुरुआत में सेना में मोबाइल इस्तेमाल को लेकर पाबंदी थी। लिहाजा, सेना के अफसरों और जवानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बाद में मैन्युअल फोन इस्तेमाल करने का आदेश हुआ मगर स्मार्टफोन आने के बावजूद इंटरनेट का इस्तेमाल प्रतिबंधित था। बताते हैं कि शुरुआत में छावनी के रहने वाले लोगों ने मोबाइल टॉवर लगाने की मांग की थी तो सेना के अफसरों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आपत्ति जता दी थी। वर्ष 2016 में रक्षा मंत्रालय ने सैन्य और छावनी क्षेत्र में अस्थायी टॉवर लगाने की मंजूरी दी थी। फाइलें एक से दूसरे विभाग में चक्कर काटती रहीं मगर नेटवर्क की अड़चन बरकरार रही।
विज्ञापन
वर्ष 2017 में सेना के अफसरों ने कैंट बोर्ड को पत्र लिखकर टॉवर लगाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने को कहा था। बताते हैं कि तीन साल तक नियमानुसार टेलीकॉम ऑपरेटर और निर्माणदायी संस्था ने काम के लिए संपर्क नहीं किया। वर्ष 2021 में बोर्ड की आखिरी बैठक में टॉवर लगाने के लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। इस पर जून में टॉवर लगाने को मंजूरी मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आसपास के इलाकों को मिलेगी सहूलियत
छावनी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांधी चौक के पास, सेंट मारिया स्कूल के सामने, यूबी एरिया सिग्नल रेजीमेंट बदायूं रोड के पास, बरेली क्लब के सामने, युगवीणा के सामने, जाट रेजीमेंट सेंटर के पास, फूलबाग के पास, कैंट बोर्ड कार्यालय के पीछे, गोकुल नगरी, सदर बाजार में शहनाई बरातघर पर स्थायी मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। इनमें से आठ स्थानों पर गुरुग्राम की कंपनी टॉवर विजन इंडिया लिमिटेड और एक स्थान पर ट्राइडेंड स्ट्रक्चर्स लिमिटेड टॉवर लगाएगी। सैन्य और छावनी क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों के रहने वाले तकरीबन एक लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल टॉवर लगाने के लिए साल भर से प्रयास किया जा रहा था। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने टॉवर लगाने का काम शुरू कर दिया है। करीब डेढ़ माह बाद मोबाइल की समस्या खत्म हो जाएगी। छावनी और सैन्य क्षेत्र से सटे इलाकों के रहने वालों को भी राहत मिलेगी। - आरके माहेश्वरी, एई, कैंट बोर्ड
विज्ञापन
बीआई बाजार, सेंट मारिया स्कूल और युगवीणा लाइब्रेरी के सामने लग रहा टॉवर बरेली। वर्षों से सैन्य और छावनी क्षेत्र में मोबाइल के ‘नो सिग्नल’ की समस्या अब जल्द खत्म हो जाएगी। छावनी क्षेत्र के तीन इलाकों में टॉवर लगाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक महीने भर में नौ स्थानों पर टॉवर लगाए जाएंगे। इसके 15 दिन बाद टेलीकॉम कंपनियों की ओर से नेटवर्क का काम होने के बाद सिग्नल मिलने लगेंगे।
शुरुआत में सेना में मोबाइल इस्तेमाल को लेकर पाबंदी थी। लिहाजा, सेना के अफसरों और जवानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बाद में मैन्युअल फोन इस्तेमाल करने का आदेश हुआ मगर स्मार्टफोन आने के बावजूद इंटरनेट का इस्तेमाल प्रतिबंधित था। बताते हैं कि शुरुआत में छावनी के रहने वाले लोगों ने मोबाइल टॉवर लगाने की मांग की थी तो सेना के अफसरों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आपत्ति जता दी थी। वर्ष 2016 में रक्षा मंत्रालय ने सैन्य और छावनी क्षेत्र में अस्थायी टॉवर लगाने की मंजूरी दी थी। फाइलें एक से दूसरे विभाग में चक्कर काटती रहीं मगर नेटवर्क की अड़चन बरकरार रही।
विज्ञापन
वर्ष 2017 में सेना के अफसरों ने कैंट बोर्ड को पत्र लिखकर टॉवर लगाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने को कहा था। बताते हैं कि तीन साल तक नियमानुसार टेलीकॉम ऑपरेटर और निर्माणदायी संस्था ने काम के लिए संपर्क नहीं किया। वर्ष 2021 में बोर्ड की आखिरी बैठक में टॉवर लगाने के लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। इस पर जून में टॉवर लगाने को मंजूरी मिली थी।
विज्ञापन
आसपास के इलाकों को मिलेगी सहूलियत
छावनी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांधी चौक के पास, सेंट मारिया स्कूल के सामने, यूबी एरिया सिग्नल रेजीमेंट बदायूं रोड के पास, बरेली क्लब के सामने, युगवीणा के सामने, जाट रेजीमेंट सेंटर के पास, फूलबाग के पास, कैंट बोर्ड कार्यालय के पीछे, गोकुल नगरी, सदर बाजार में शहनाई बरातघर पर स्थायी मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। इनमें से आठ स्थानों पर गुरुग्राम की कंपनी टॉवर विजन इंडिया लिमिटेड और एक स्थान पर ट्राइडेंड स्ट्रक्चर्स लिमिटेड टॉवर लगाएगी। सैन्य और छावनी क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों के रहने वाले तकरीबन एक लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।मोबाइल टॉवर लगाने के लिए साल भर से प्रयास किया जा रहा था। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने टॉवर लगाने का काम शुरू कर दिया है। करीब डेढ़ माह बाद मोबाइल की समस्या खत्म हो जाएगी। छावनी और सैन्य क्षेत्र से सटे इलाकों के रहने वालों को भी राहत मिलेगी। - आरके माहेश्वरी, एई, कैंट बोर्ड