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राहत की उम्मीदः सैंपल बढ़े और घट गए कोरोना के केस
Mon, 24 Aug 2020 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 02:01 AM IST
सार
- विशेषज्ञों ने जताई बरेली के संवेदनशील जिलों की सूची से बाहर आने की उम्मीद
- संक्रमण बढ़ने से 69वें से चौथे पायदान पर पहुंचा था जिला, अब दो पायदान लुढ़का
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Corona testing
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना संक्रमण के जिले में करीब महीने भर तक हालात बेकाबू रहने के बाद अब कुछ राहत के आसार दिखने लगे हैं। करीब हफ्ते भर से संक्रमण की दर में गिरावट आई है और एक महीने पहले प्रदेश में चौथे नंबर पर पहुंचा बरेली अब दो नंबर की गिरावट के साथ छठे पायदान पर आ गया है। विशेषज्ञों ने इसके बाद लोगों के और जागरूक होने पर बरेली के जल्द ही संवेदनशील जिलों की सूची से बाहर आने की भी उम्मीद जताई है।
यूपी कोविड-19 की रिपोर्ट के मुताबिक करीब हफ्ते भर से संक्रमितों की दर में गिरावट आ रही है। 23 अगस्त को जारी सूची के मुताबिक जिले में सक्रिय संक्रमित 1545 हैं जबकि हफ्ते भर पहले यह संख्या 19 सौ थी। रोज के आंकड़ों पर गौर करें तो 16 अगस्त को 96, 17 अगस्त को 125, 18 अगस्त को 128, 19 अगस्त को 91, 20 अगस्त को 99, 21 अगस्त को 133 और 22 को 130 संक्रमित मिले थे जबकि इसी क्रम में सैंपलिंग की संख्या रोज 23 सौ से 28 सौ के बीच रही। इसके उलट महीने भर पहले सैंपल की संख्या 12 सौ से नौ सौ के बीच रही थी लेकिन संक्रमितों की संख्या दो सौ से 260 के बीच तक दर्ज की गई थी। सैंपलिंग बढ़ने के बाद अचानक संक्रमितों की संख्या कम होने को चिकित्सक बेहतर संकेत मान रहे हैं।
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कुछ दिनों से ज्यादा कोविड टेस्ट कराए जाने के बावजूद संक्रमित लोग कम मिल रहे हैं। इसे बेहतर संकेत माना जा सकता है। लोगों के सहयोग से ही कोरोना वायरस को हराया जा सकेगा। - नितीश कुमार, डीएम
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यूपी कोविड-19 की रिपोर्ट के मुताबिक करीब हफ्ते भर से संक्रमितों की दर में गिरावट आ रही है। 23 अगस्त को जारी सूची के मुताबिक जिले में सक्रिय संक्रमित 1545 हैं जबकि हफ्ते भर पहले यह संख्या 19 सौ थी। रोज के आंकड़ों पर गौर करें तो 16 अगस्त को 96, 17 अगस्त को 125, 18 अगस्त को 128, 19 अगस्त को 91, 20 अगस्त को 99, 21 अगस्त को 133 और 22 को 130 संक्रमित मिले थे जबकि इसी क्रम में सैंपलिंग की संख्या रोज 23 सौ से 28 सौ के बीच रही। इसके उलट महीने भर पहले सैंपल की संख्या 12 सौ से नौ सौ के बीच रही थी लेकिन संक्रमितों की संख्या दो सौ से 260 के बीच तक दर्ज की गई थी। सैंपलिंग बढ़ने के बाद अचानक संक्रमितों की संख्या कम होने को चिकित्सक बेहतर संकेत मान रहे हैं।
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खतरा बरकरार.. अभी पीक पर नहीं पहुंचा है कोरोना
माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट राहुल कुमार गोयल के मुताबिक 27 जुलाई से 15 अगस्त तक कोराना संक्रमण के हर दिन डेढ़ से दो सौ तक मामले मिले हैं। इन आंकड़ों में स्थिरता नहीं थी। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि कोरोना का पीक गुजर चुका है। क्योंकि एक निर्धारित सैंपल होने पर कम से कम 15 फीसदी से ज्यादा संक्रमित अगर मिलें और उनकी संख्या 10 या 15 कम ज्यादा हो और यह आंकड़ा 20 दिन से ज्यादा स्थिर रहे तो उसे ही पीक माना जा सकता है। बीते दिनों संक्रमित मिले मगर पीक पर आने का ग्राफ नहीं बना।
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हर्ड इम्युनिटी की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सोमेश मेहरोत्रा के मुताबिक जिले में हर्ड इम्युुनिटी बनी होगी, ऐसा मान लेना अभी जल्दबाजी है। उन्होंने कहा कि जब कोरोना पीक पर पहुंचता है तो करीब महीने भर स्थिर रहता है। इसके बाद उसमें गिरावट आती है। संक्रमण के मामले कम होने का सिलसिला भी महीने भर चलता है जिसके बाद ही माना जाता है कि हर्ड इम्युनिटी बन चुकी है। मगर जिले के संक्रमितों के आंकड़ों में स्थिरता नहीं रही।एंटीजन टेस्ट बंद कराने से तो नहीं घटी संख्या
पिछले दिनों निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने मुफ्त एंटीजन किट दी थीं ताकि अस्पताल में पहुंचने वालों की तत्काल जांच कर पॉजिटिव मिलने पर उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। निजी अस्पतालों पर इस दौरान मुफ्त मिली एंटीजन किट से जांच के बदले ढाई से तीन हजार रुपये वसूलने के आरोप लगे तो उन्हें एंटीजन किट देना बंद कर दी गई और टेस्ट भी बंद हो गए। माना जा रहा है कि मरीजों की सैंपलिंग नहीं हो रही इसलिए संक्रमण घटेगा ही।कुछ दिनों से ज्यादा कोविड टेस्ट कराए जाने के बावजूद संक्रमित लोग कम मिल रहे हैं। इसे बेहतर संकेत माना जा सकता है। लोगों के सहयोग से ही कोरोना वायरस को हराया जा सकेगा। - नितीश कुमार, डीएम