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Bareilly News: आयुष्मान में अड़चन बना पंजीकरण का नियम, फंस रहा भुगतान

Thu, 05 Sep 2024 06:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 06:22 AM IST
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Registration rule becomes a hurdle in Ayushman, payment getting stuck
- तीन करोड़ रुपये भुगतान का इंतजार, आईएमए ने आयुष्मान सीईओ को भेजा ज्ञापन
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बरेली। आयुष्मान कार्ड से मरीजों का इलाज कर चुके कई चिकित्सकों के सामने भुगतान का संकट है। उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में जो चिकित्सक पंजीकृत नहीं है, उन्हें भुगतान ही नहीं मिल रहा। ऐसे में वे इलाज से कतरा रहे हैं। नियमों के पेच से अब मरीजों के सामने इलाज का संकट मंडरा रहा है।
प्रकरण का संज्ञान लेकर आईएमए बरेली शाखा ने आयुष्मान सीईओ को संबोधित पत्र जिलाधिकारी के जरिए भेजा है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक यूपी सीएमआई में जो चिकित्सक पंजीकृत नहीं है, उनका भुगतान नहीं हो रहा। करीब 50 से ज्यादा चिकित्सकों ने दो सौ से ज्यादा मरीजों का इलाज आयुष्मान कार्ड से सत्यापन और भुगतान की स्वीकृत के बाद किया।
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अब पंजीकरण का मौका दिए बगैर नियमों का हवाला देकर भुगतान रोक दिया गया है। करीब तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान चिकित्सकों को किया जाना है। आशंका जताई कि अगर भुगतान नहीं होगा तो भविष्य में जो चिकित्सक यूपी सीएमआई में पंजीकृत नहीं है, वे भुगतान फंसने की वजह से इलाज करने में हिचकेंगे।
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अन्य राष्ट्रीय, प्रादेशिक मेडिकल
काउंसिल में पंजीकृत हैं डॉक्टर
आईएमए अध्यक्ष डॉ. गोयल के मुताबिक पूर्व में देश के किसी भी प्रदेश के मेडिकल काउंसिल में अगर पंजीकरण है तो वह मान्य था। नेशनल मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्सकों को किसी भी प्रदेश में इलाज की स्वीकृति है, पर उत्तर प्रदेश में पांच माह पूर्व सर्कुलर जारी हुआ। इसके तहत सिर्फ यूपी सीएमआई में ही पंजीकृत चिकित्सक अगर आयुष्मान कार्ड से इलाज करेंगे तो ही भुगतान होगा।

अगले सप्ताह डीजीआरसी की
बैठक में रखा जाएगा प्रकरण
निजी चिकित्सक फंसा भुगतान हासिल करने के लिए अगले सप्ताह प्रस्तावित डिस्ट्रिक्ट ग्रीवांस रिजेक्ट केसेज (डीजीआरसी) की बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे। साथ ही, शासन स्तर पर भी संपर्क कर भुगतान के प्रयास में जुटे हैं। प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि अगर डीजीआरसी से स्वीकृति मिलती है तो भुगतान किया जा सकता है।

ज्यादातर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है पंजीकृत
बताया जाता है कि यूपी सीएमआई में शहर के कई विशेषज्ञ चिकित्सक भी पंजीकृत नहीं हैं। इनका पंजीकरण नेशनल एमसीआई से है। वहीं, शहर के बाहर और दूसरे राज्यों से भी कई चिकित्सक इलाज करने आते हैं, जिनका भी पंजीकरण उत्तर प्रदेश सीएमआई में नहीं है। हालांकि, नए नियमों के तहत अब शहर के कई चिकित्सक पंजीकरण कराने में जुट गए हैं। अमर उजाला ब्यूरो

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यूपी सीएमआई में जो चिकित्सक पंजीकृत नहीं हैं, उनके क्लेम का भुगतान नहीं होगा। यह जानकारी संबद्ध सभी निजी अस्पताल को पूर्व में दी गई थी। अब आदेश लागू हो गया है। जो पंजीकृत नहीं, उनका भुगतान नहीं हुआ। शासन के जो दिशानिर्देश होंगे, उसका अनुपालन कराया जाएगा। - डॉ. राकेश, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना
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