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मिले तत्काल भुगतान करें, वरना सीज होगी चीनी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:17 AM IST
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प्रमुख सचिव चीनी (उद्योग) राहुल भटनागर ने बरेली सहित प्रदेश की 37 चीनी मिलों को अल्टीमेटम दिया है कि वह किसानों का 80 फीसदी भुगतान कर दें। अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। इन मिलों पर 146.65 अरब रुपये बकाया है, जिसमें से दो अरब रुपये बरेली सर्किल की चार चीनी मिलों पर है।
सोमवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव चीनी उद्योग और गन्ना आयुक्त ने डिफाल्टर चीनी मिलों के साथ बैठक की। जिसमें उनके स्तर से अभी तक किसानों के बकाए का भुगतान न करने का मुद्दा रखा गया। इस दौरान मिलों ने तर्क रखा कि वह घाटे में हैं और चीनी की बिक्री नहीं पा रही है। ऐसे में किसानों के गन्ने का भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। दूसरी ओर शासन के अधिकारियों ने मिल प्रबंधन के तर्क को ठुकराते हुए तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। समय से भुगतान न होने पर चीनी को जब्त करने की चेतावनी दी गई।
बैठक में बताया कि मिलों पर एसएपी की प्रथम कि स्त 14665 करोड़ गन्ना मूल्य देय है जिसके सापेक्ष चीनी मिलों ने 11009 करोड़ का भुगतान कर दिया है । जो कुल देय का 75 है। समीक्षा में बताया कि बरेली की जिन मिलों ने भुगतान नहीं किया है उनमें बहेड़ी, नवाबगंज, बरखेड़ा तथा मकसूदाबापुर की चीनी मिलें शामिल हैं।
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सोमवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव चीनी उद्योग और गन्ना आयुक्त ने डिफाल्टर चीनी मिलों के साथ बैठक की। जिसमें उनके स्तर से अभी तक किसानों के बकाए का भुगतान न करने का मुद्दा रखा गया। इस दौरान मिलों ने तर्क रखा कि वह घाटे में हैं और चीनी की बिक्री नहीं पा रही है। ऐसे में किसानों के गन्ने का भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। दूसरी ओर शासन के अधिकारियों ने मिल प्रबंधन के तर्क को ठुकराते हुए तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। समय से भुगतान न होने पर चीनी को जब्त करने की चेतावनी दी गई।
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बैठक में बताया कि मिलों पर एसएपी की प्रथम कि स्त 14665 करोड़ गन्ना मूल्य देय है जिसके सापेक्ष चीनी मिलों ने 11009 करोड़ का भुगतान कर दिया है । जो कुल देय का 75 है। समीक्षा में बताया कि बरेली की जिन मिलों ने भुगतान नहीं किया है उनमें बहेड़ी, नवाबगंज, बरखेड़ा तथा मकसूदाबापुर की चीनी मिलें शामिल हैं।
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