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एसआईटी ने डीएसओ कार्यालय से जुटाए रिकार्ड, पीलीभीत पहुंची टीम
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कोटेदार और कार्डधारकों से पूछताछ कर होगा सत्यापन
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बरेली। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने बरेली और पीलीभीत जिला पूर्ति कार्यालयों से रद्द हुए राशन कार्डों का रिकार्ड जुटा लिया है। शाहजहांपुर से टीम पहले ही अभिलेख अपने कब्जे में ले चुकी है। अब कोटेदार और रद्द राशन कार्डधारकों से पूछताछ होगी।
जिला पूर्ति कार्यालय को एसआईटी टीम प्रमुख विनोद त्रिपाठी ने शुक्रवार सुबह रद्द राशनकार्ड धारकों के नाम, संबंधित कोटेदार का नाम-पता और खाद्यान्न वितरण रजिस्टर आदि का रिकार्ड उपलब्ध कराने के लिए पत्र बृहस्पतिवार को पत्र दिया था। इसके तहत शुक्रवार को यह रिकार्ड एसआईटी को उपलब्ध करा दिया गया। बरेली जिले में 468 रद्द कार्डों पर राशन और केरोसिन वितरण हुआ था। यह कार्ड चार माह पहले अगस्त में निरस्त कर दिए गए थे लेकिन कोटेदारों ने फिर भी राशन बांटना जारी रखा। प्रदेश में 26 जिलों में हुए राशन घोटाले की जानकारी सामने आने पर सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंपी है, जिसमें बरेली जिला भी शामिल है।
इसके बाद एसआईटी पीलीभीत पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। टीम ने पांच घंटे तक जिला पूर्ति कार्यालय में अभिलेखों को खंगाला और वांछित रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। जांच के दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रितेश चंद्रा सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। जांच करीब 12 बजे शुरू हुई। एसआईटी इंस्पेक्टर ने 10 निरस्त राशन कार्डो के बारे में जानकारी मांगी और प्रक्रिया समझी। पूरनपुर और अमरिया क्षेत्र के कोटेदारों का नाम राशन घोटाले में आया है। अभिलेख मिलने के बाद एसआईटी मौके पर छानबीन करेगी।
जिला पूर्ति कार्यालय को एसआईटी टीम प्रमुख विनोद त्रिपाठी ने शुक्रवार सुबह रद्द राशनकार्ड धारकों के नाम, संबंधित कोटेदार का नाम-पता और खाद्यान्न वितरण रजिस्टर आदि का रिकार्ड उपलब्ध कराने के लिए पत्र बृहस्पतिवार को पत्र दिया था। इसके तहत शुक्रवार को यह रिकार्ड एसआईटी को उपलब्ध करा दिया गया। बरेली जिले में 468 रद्द कार्डों पर राशन और केरोसिन वितरण हुआ था। यह कार्ड चार माह पहले अगस्त में निरस्त कर दिए गए थे लेकिन कोटेदारों ने फिर भी राशन बांटना जारी रखा। प्रदेश में 26 जिलों में हुए राशन घोटाले की जानकारी सामने आने पर सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंपी है, जिसमें बरेली जिला भी शामिल है।
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इसके बाद एसआईटी पीलीभीत पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। टीम ने पांच घंटे तक जिला पूर्ति कार्यालय में अभिलेखों को खंगाला और वांछित रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। जांच के दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रितेश चंद्रा सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। जांच करीब 12 बजे शुरू हुई। एसआईटी इंस्पेक्टर ने 10 निरस्त राशन कार्डो के बारे में जानकारी मांगी और प्रक्रिया समझी। पूरनपुर और अमरिया क्षेत्र के कोटेदारों का नाम राशन घोटाले में आया है। अभिलेख मिलने के बाद एसआईटी मौके पर छानबीन करेगी।
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